International Yoga Day 2026: क्या है इस बार की खास थीम? जानिए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का इतिहास और इसका महत्व

Last Updated:June 20, 2026, 12:00 IST
International Yoga Day 2026: हर साल 21 जून को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है. दुनिया में आजकल योग की लोकप्रियता काफी तेज़ी से बढ़ रही है. ऐसे में आइए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इतिहास और थीम के बारे में जानते हैं.International Yoga Day 2026
International Yoga Day 2026: दुनिया भर में हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है. योग सिर्फ़ एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन बनाने का एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है. आज दुनिया भर में योग की लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ रही है और लाखों लोगों ने इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है. ऐसे में आइए जानते हैं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इतिहास, इस साल की थीम और इसके महत्व के बारे में विस्तार से…
इस बार की थीम क्या है?साल 2026 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग” है. इस थीम का मकसद यह बताना है कि योग हर उम्र के लोगों के लिए फ़ायदेमंद है और यह शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक सेहत को बनाए रखने में मदद कर सकता है.
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत कैसे हुई?अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत भारत की पहल पर हुई थी. 27 सितंबर 2014 को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए योग के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस घोषित करने का प्रस्ताव रखा. इस प्रस्ताव को रिकॉर्ड 175 देशों का समर्थन मिला और 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने घोषणा की कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाएगा. पहला योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था.
21 जून को ही क्यों चुना गया?21 जून साल का सबसे लंबा दिन होता है, जो ग्रीष्म संक्रांति का प्रतीक है. भारतीय परंपरा में इस दिन का विशेष महत्व है. योग के नज़रिए से भी, इसे आध्यात्मिक और प्राकृतिक ऊर्जा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है.
योग दिवस का महत्व-योग शरीर को संतुलित और मजबूत बनाने में मदद करता है.-नियमित योग अभ्यास से तनाव और चिंता को कम करने में मदद मिल सकती है.-यह मानसिक शांति और एकाग्रता को बढ़ाने में सहायक है.-योग लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है.-यह भारत की प्राचीन संस्कृति और विरासत का वैश्विक प्रतीक बन गया है.
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( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.
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