Rajasthan

पाली में बड़ी कार्रवाई! गाड़ी लगाने की एवज में मांगी 20 हजार रिश्वत, ACB ने लेखाकार को रंगे हाथ दबोचा

Last Updated:June 21, 2026, 16:36 IST

Pali ACB Action: पाली में एसीबी की बड़ी कार्रवाई में चिकित्सा विभाग के लेखाकार देवकीनंदन को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया. आरोपी पर वाहन लगाने से संबंधित कार्य के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था. परिवादी की शिकायत पर एसीबी ने सत्यापन किया, जिसमें आरोप सही पाए गए. इसके बाद एएसपी देरावर सिंह के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की गई. जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, टीम ने उसे पकड़ लिया. एसीबी ने रिश्वत की रकम बरामद कर ली है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की जांच जारी है.

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गाड़ी लगाने की एवज में मांगी 20 हजार रिश्वत, ACB ने लेखाकार को रंगे हाथ दबोचाZoomपाली में 10 हजार रिश्वत लेते एसीबी के हत्थे चढ़ा स्वास्थ्य विभाग का लेखाकार

पाली. एसीबी की पाली द्वितीय टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चिकित्सा विभाग के एक लेखाकार को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. एसीबी की इस कार्रवाई से चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया. आरोपी लेखाकार पर वाहन लगाने से जुड़े एक कार्य के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था. शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने जाल बिछाकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया. चिकित्सा विभाग में कार्यरत लेखाकार देवकीनंदन ने एक परिवादी से वाहन लगाने संबंधी प्रक्रिया पूरी करने और उससे जुड़े कार्य में सहयोग के बदले 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी.

परिवादी ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से की. शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई. इसके बाद एसीबी पाली द्वितीय टीम ने एएसपी देरावर सिंह के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई. तय योजना के अनुसार परिवादी को रिश्वत की राशि के साथ आरोपी के पास भेजा गया. जैसे ही लेखाकार देवकीनंदन ने 20 हजार रुपए की रिश्वत की रकम स्वीकार की, एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया.

आरोपी के कब्जे से रिश्वत की राशि भी बरामद

कार्रवाई के दौरान एसीबी अधिकारियों ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की राशि बरामद कर ली. इसके बाद आरोपी से पूछताछ शुरू की गई. टीम ने मौके पर आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई भी पूरी की. एसीबी अब आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच कर रही है. एसीबी की टीम आरोपी के आय से अधिक संपत्ति और अन्य संभावित मामलों की भी जांच कर सकती है. वहीं इस कार्रवाई के बाद चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों में चर्चा का माहौल है.

रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी

एसीबी अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा. आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी सूचना तुरंत एसीबी को दें, ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके. पाली में हुई इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की बड़ी सफलता माना जा रहा है. फिलहाल आरोपी लेखाकार देवकीनंदन से पूछताछ जारी है और मामले की गहन जांच की जा रही है.

About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

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