‘मुझे महिलाओं का स्मोकिंग करना पसंद नहीं’, कपड़ों और मॉडर्निटी पर ये क्या बोल गईं शिल्पा शिंदे

Last Updated:June 22, 2026, 15:33 IST
टीवी एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे ने महिलाओं कि मॉडर्निटी और बोल्डनेस को लेकर एक बहुत ही बेबाक बयान दिया है. उनका कहना है कि सिर्फ सिगरेट पीने या छोटे कपड़े पहनने से कोई मॉडर्न नहीं बनता. जानिए शिल्पा शिंदे ने इस इंटरव्यू में और क्या कुछ कहा.
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शिल्पा सिंधे
दिल्ली: आजकल ‘फेमिनिज्म’ और ‘मॉडर्न होने’ को लेकर हर किसी की अपनी एक अलग ही परिभाषा बन गई है. सोशल मीडिया से लेकर टीवी इंटरव्यू तक, इस मुद्दे पर आए दिन कोई न कोई बहस देखने को मिल ही जाती है. इसी बीच एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे ने इस विषय पर एक ऐसी बात कही है, जो वाकई दिल को छू जाती है और सोचने पर मजबूर कर देती है.
दरअसल हाल ही में आईएनस को दिए इंटरव्यू के दौरान शिल्पा ने बेहद सादगी और ईमानदारी से अपने दिल की बात रखी.
शिल्पा सिंद्धे बोलीं
उन्होंने कहा कि किसी भी महिला की असली पहचान उसके बाहरी दिखावे या कपड़ों से नहीं, बल्कि उसके आत्मविश्वास और संस्कारों से होती है. उनके इस बयान के बाद अब इस मुद्दे पर एक नई चर्चा शुरू हो गई है. शिल्पा शिंदे का साफ मानना है कि कोई महिला क्या पहनती है या वह कैसी दिखती है, इससे ज्यादा जरूरी यह है कि वह अपनी जिंदगी को कितनी अच्छी तरह और साफ तौर पर समझती है. अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने खुद को थोड़ा पुरानी और पारंपरिक सोच वाली महिला बताया और कुछ ऐसी बातें कहीं जो आज के तथाकथित मॉडर्न समाज को एक नया नजरिया देती हैं.
आदतों से मॉडर्न होना तय नहीं होता
इंटरव्यू के दौरान शिल्पा शिंदे ने बहुत ही साफ शब्दों में अपनी निजी पसंद को सामने रखा. उन्होंने कहा कि उन्हें खुद महिलाओं का धूम्रपान यानी स्मोकिंग करना बिल्कुल पसंद नहीं है. शिल्पा के मुताबिक, आजकल बहुत से लोग सिगरेट पीने या एक खास तरह के लाइफस्टाइल को अपनाने को मॉडर्न होने की निशानी मान लेते हैं, लेकिन वे खुद इस बात से बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं. उनका कहना है कि किसी भी गलत आदत को आप मॉडर्न होने का पैमाना नहीं मान सकते.
असली बोल्डनेस क्या है?
शिल्पा शिंदे ने बोल्डनेस की एक नई और बहुत ही खूबसूरत परिभाषा दी. उन्होंने कहा कि सिर्फ सिगरेट-शराब पीना या छोटे और अलग तरह के कपड़े पहन लेना किसी महिला को बोल्ड नहीं बनाता. असली बोल्डनेस तो वह होती है जब कोई इंसान अपने विचारों पर पूरी तरह मजबूत हो, अपने फैसलों को सही ढंग से समझता हो और पूरी हिम्मत और आत्मविश्वास के साथ अपनी जिंदगी जीता हो. उन्होंने कहा कि लोग अक्सर बाहरी दिखावे और असली पर्सनैलिटी को एक ही समझने की भूल कर बैठते हैं, जबकि ये दोनों बिल्कुल अलग चीजें हैं.
कपड़ों से किसी को जज करना गलत है
पहनावे को लेकर भी शिल्पा ने बहुत ही काम की बात कही. उन्होंने समझाया कि किसी के कपड़ों और उसकी सोच का आपस में कोई सीधा कनेक्शन नहीं होता. किसी भी इंसान की मानसिकता को उसके पहनावे से तय नहीं किया जा सकता. कोई महिला साड़ी पहनकर भी बहुत ज्यादा मॉडर्न सोच रख सकती है, और ऐसा भी हो सकता है कि कोई बहुत मॉडर्न और छोटे कपड़े पहनकर भी अंदर से बेहद पुराने और संकीर्ण विचारों वाला हो. इसलिए केवल कपड़ों को देखकर किसी के कैरेक्टर या उसकी सोच का अंदाजा लगाना बिल्कुल गलत है.
मुझे साड़ी पहनने वाली महिलाएं पसंद हैं
शिल्पा ने अपनी निजी पसंद को खुलकर साझा करते हुए कहा कि उन्हें खुद साड़ी पहनने वाली महिलाएं ज्यादा अच्छी लगती हैं. हालांकि उन्होंने तुरंत यह भी साफ कर दिया कि यह सिर्फ उनका अपना फैशन सेंस और उनकी निजी पसंद है, इसका किसी की सोच या समझदारी से कोई लेना-देना नहीं है. शिल्पा का मानना है कि एक महिला के लिए सबसे जरूरी और बड़ी बात यह है कि वह खुद को अच्छे से समझे, अपने जीवन के मूल्यों को जाने और पूरे आत्मविश्वास के साथ समाज में सिर उठाकर जीए. यही एक महिला की सच्ची मजबूती और उसकी असली पहचान है.
About the Authorगार्गी द्विवेदीSub Editor
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