National

मां तो मां है… बेटी का नाम आया तो व‍िधानसभा में फफक पड़ीं RG Kar पीड़‍िता की मां, चुप कराने लगे साथ बैठे व‍िधायक

Last Updated:June 23, 2026, 22:34 IST

बंगाल विधानसभा में सीएम सुवेंदु अधिकारी ने अभया केस में न्याय का वादा किया. जब सुवेंदु ये ऐलान कर रहे थे, तब आरजी कर की पीड़‍िता की मां के आंसू छलक पड़े. सुवेंदु ने बताया क‍ि तीन आईपीएस निलंबित कर द‍िए गए हैं.कोई भी नहीं बचेगा.बेटी का नाम आया तो व‍िधानसभा में फफक पड़ीं RG Kar पीड़‍िता की मांZoomबेटी को न्‍याय की बात हुई तो छलका आरजी कर पीड़‍िता की मां का दर्द.

बंगाल व‍िधानसभा का माहौल उस वक्त अचानक बेहद भारी हो गया, जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आरजी कर की पीड़‍िता को इंसाफ दिलाने की हुंकार भरी. उनके शब्दों में गहरा दर्द और दृढ़ संकल्प था. उन्होंने बेहद भावुक होकर कहा कि बंगाल की जनता ने इस नई सरकार को अभया के आंसुओं का हिसाब मांगने के लिए चुना है.सीएम सुवेंदु के मुंह से बेटी के न्याय की बात सुनते ही वहां मौजूद पीड़िता की मां और विधायक रत्ना देवनाथ के सब्र का बांध टूट गया. भरी विधानसभा में उनकी सिसकियों ने हर किसी की आंखें नम कर दीं. अपने आंसुओं को पोंछते हुए उन्होंने रुंधे गले से कहा कि मैंने अपनी फूल सी बच्ची को हमेशा के लिए खो दिया है. जब सदन में मुख्यमंत्री ने इंसाफ का जिक्र किया, तो एक बेबस मां अपने जज्बातों को रोक नहीं पाईं.

बेटी को खोने का दर्द और पिछली सरकार की बेरुखी उनकी आंखों से साफ छलक रही थी. रत्ना देवनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने सच्चाई दफन करने और गुनाहों पर पर्दा डालने की पूरी कोशिश की. तब कोई निष्पक्ष जांच नहीं हुई, बस एक मां की चीखों को अनसुना कर दिया गया. भले मेरी बच्ची अब कभी लौटकर नहीं आएगी, लेकिन अब मेरे इस घायल दिल को न्याय की आस है. देबनाथ ने बाद में कहा, मुझे उम्मीद है कि मेरी बेटी को न्याय मिलेगा। मैं यहां (विधानसभा में) सत्ता के लिए नहीं, बल्कि अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए आई हूं.

सुवेंदु बोले- न्‍याय तो करके रहेंगे

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि अभया को न्याय दिलाने के लिए ही तीन आईपीएस अधिकारियों को निलंबित किया गया है और संदीप घोष जैसे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि रामपुरहाट से लेकर कामदुनी तक हर मामले में न्याय होगा और जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी. इसके लिए बकायदा एक विशेष कमीशन भी बनाया जाएगा. यह महज एक राजनीतिक वादा नहीं, बल्कि उस खोई हुई बेटी की आत्मा को सच्ची श्रद्धांजलि है.

सबूत म‍िटाने वालों के नकाब से हट रहा पर्दा

सत्ता परिवर्तन के बाद एक बार फिर उस खौफनाक रात की फाइलें खुल चुकी हैं. सबूतों को मिटाने वाले चेहरों से नकाब हट रहा है. सीबीआई ने उस वक्त के आला पुलिस अधिकारियों, पूर्व कमिश्नर विनीत गोयल, डीसी अभिषेक गुप्ता और इंदिरा मुखर्जी को अपने रडार पर ले लिया है. वह दिन अब दूर नहीं जब अपनी ही रक्षक खाकी को दागदार करने वालों का सच दुनिया के सामने होगा और उस तड़पती रूह को हमेशा के लिए शांति मिलेगी.

About the AuthorGyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi..com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

Kolkata,West Bengal

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj