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वो अनोखी फिल्म जो 4 मॉनसून में बनी, अहम फैक्टर बना बारिश, अब सीक्वल के लिए फिर से बरसात का पीछा कर रहे हैं मेकर्स

Last Updated:June 23, 2026, 14:42 IST

कुछ फिल्में अपनी कहानी से ज्यादा अपनी मेकिंग और असलीपन के जुनून के लिए अमर हो जाती हैं. 2018 की कल्ट साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्म ‘तुम्बाड’ ऐसा ही एक माइलस्टोन थी, जिसकी बैकबोन रहस्यमयी लगातार बारिश थी, जिसे जिंदा करने के लिए मेकर्स ने चार मॉनसून का इंतजार किया. अब एक्टर-प्रोड्यूसर सोहम शाह इस बहुत इंतजार किए जा रहे सीक्वल ‘तुम्बाड 2’ के साथ वापस आ रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि इस बार भी मेकर्स असली बारिश के विज़ुअल्स को कैप्चर करने के लिए महाराष्ट्र के दूर-दराज के इलाकों में मॉनसून को ही ट्रैक कर रहे हैं, जिससे थिएटर में दर्शकों के लिए प्रकृति का डरावना और असली रूप वापस आ सके.

नई दिल्ली. जब ‘तुम्बाड’ रिलीज हुई थी, तब फिल्म के सबसे चर्चित पहलुओं में से एक उसका माहौल था. लगातार होती बारिश, कीचड़ भरे दृश्य और डरावने विजुअल्स फिल्म की पहचान बन गए थे. इस खास लुक को हासिल करने के लिए मेकर्स ने चार अलग-अलग मॉनसून में कई साल तक शूटिंग की थी. अब अगर इंडस्ट्री में चल रही चर्चाओं पर भरोसा किया जाए, तो ‘तुम्बाड 2’ की टीम भी उसी प्रामाणिकता को बनाए रखने के लिए असाधारण कोशिशें कर रही है.

सूत्रों के मुताबिक, अनियमित मॉनसून सीजन के कारण प्रोडक्शन टीम ने अपनी शूटिंग योजनाओं में बड़ा बदलाव किया है. महाराष्ट्र में बारिश के पैटर्न लगातार अप्रत्याशित होते जा रहे हैं, ऐसे में मेकर्स कथित तौर पर रियल टाइम में मौसम पर नजर रख रहे हैं और उन इलाकों के हिसाब से शूटिंग शेड्यूल बदल रहे हैं, जहां सबसे ज्यादा बारिश हो रही है.

अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, टीम ने बड़े स्तर पर आर्टिफिशियल रेन सेटअप का इस्तेमाल करने के बजाय असली बारिश में शूटिंग करने का फैसला किया है. ऐसा इसलिए ताकि ‘तुम्बाड’ से जुड़ी वास्तविकता बनी रहे और साथ ही उन इलाकों में पानी की कमी को देखते हुए पानी के इस्तेमाल को लेकर भी जिम्मेदार रवैया अपनाया जा सके.

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टीम महाराष्ट्र के दूर-दराज इलाकों में पहुंच गई है और ऐसी जगहों की तलाश कर रही है जहां भारी बारिश हो रही हो, ताकि तुम्बाड की दुनिया जैसा माहौल फिर से बनाया जा सके. बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ जगहों तक पहुंचना अपने आप में एक बड़ी चुनौती है. कलाकारों और क्रू को सेट तक पहुंचने के लिए घने और कठिन रास्तों से होकर करीब दो से तीन घंटे तक पैदल सफर करना पड़ सकता है. यह प्रयास दिखाता है कि फिल्म निर्माता यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ‘तुम्बाड 2’ में बारिश सिर्फ एक विजुअल इफेक्ट न होकर कहानी का जीवंत हिस्सा बने. पहली फिल्म की तरह इस बार भी प्रकृति खुद फिल्म निर्माण में अहम भूमिका निभाती नजर आ रही है.

फिल्म से जुड़े एक सूत्र ने बताया, ‘दिलचस्प बात यह है कि जहां तुम्बाड चार मॉनसून में शूट होने के लिए मशहूर हुई थी, वहीं तुम्बाड 2 के लिए टीम खुद मॉनसून का पीछा कर रही है. तुम्बाड की दुनिया में बारिश हमेशा एक अहम किरदार रही है और मेकर्स इसे पूरी वास्तविकता के साथ पर्दे पर उतारना चाहते हैं. प्रोडक्शन टीम लगातार मौसम के पैटर्न पर नजर रख रही है और बारिश के पूर्वानुमान के हिसाब से शूटिंग शेड्यूल में बदलाव कर रही है. कुछ लोकेशन्स को खास तौर पर इसलिए चुना गया, क्योंकि वहां दूसरी जगहों के मुकाबले ज्यादा बारिश हो रही थी.’

हालांकि मेकर्स ने अभी तक फिल्म की कहानी को लेकर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है, लेकिन प्रोडक्शन से सामने आ रही जानकारियां यह संकेत देती हैं कि प्रामाणिकता को लेकर उनकी प्रतिबद्धता पहले की तरह ही अटल है. अगर पहली फिल्म चार मॉनसून तक शूटिंग करने के लिए याद की जाती है, तो संभव है कि तुम्बाड 2 उस फिल्म के रूप में याद की जाए जो मॉनसून की तलाश में निकल पड़ी.

तुम्बाड 2 का निर्माण अभिनेता-निर्माता सोहम शाह अपनी कंपनी सोहम शाह फिल्म्स के बैनर तले कर रहे हैं. इस परियोजना में उनके साथ दिग्गज निर्माता डॉ. जयंतीलाल गडा के नेतृत्व वाला पेन स्टूडियोज भी साझेदार है. फिल्म का निर्देशन आदेश प्रसाद कर रहे हैं, जो तुम्बाड यूनिवर्स के इस बहुप्रतीक्षित अगले अध्याय की कमान संभाल रहे हैं. ‘आरआरआर’ और ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों का समर्थन कर चुके पेन स्टूडियोज इस फिल्म को भव्य सिनेमाई स्तर पर दर्शकों तक पहुंचाने के लिए साथ आए हैं. ‘तुम्बाड 2’ 3 दिसंबर 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

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