खूबसूरत दांतों का ये है राज… दिल्ली की डॉ. सुमन से जानें चमकदार दांत पाने के उपाय, हर कोई करेगा तारीफ

नई दिल्ली: खूबसूरती में जितना महत्व आंखें, होंठ, नाक और स्किन का होता है उतना ही दांतों का भी होता है. यही वजह है कि सोशल मीडिया का बढ़ता हुआ क्रेज कहें या फिर मार्केट में कुछ खुद को अच्छा दिखाने की होड़. लोग इन सब के बीच अब अपने दांतों को भी नया रंग रूप और आकार देने से पीछे नहीं हट रहे हैं. लोग अब अपने दांतों पर जमकर पैसे खर्च कर रहे हैं. हर कोई चाहता है कि उसे सेलिब्रिटी मुस्कान मिले और सेलिब्रिटी जैसी मुस्कान पाने के लिए लोग लगातार डेंटिस्ट के पास जा रहे हैं और अलग-अलग तरह की डिमांड भी कर रहे हैं.
ऐसे में दिल्ली एनसीआर की जानी-मानी सीनियर डॉक्टर डॉ. सुमन यादव जो कि ओरल मैक्सिलोफेशियल सर्जन हैं. उनसे खास बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि उनके पास ऐसे मामले लगातार आते हैं. जब लोग अपनी मुस्कान को अच्छा करने की डिमांड करते हैं. उन्होंने बताया कि इसके अलावा भी कई तरह के मामले आ रहे हैं, जिस पर विस्तार से चर्चा करनी जरूरी है. आइये जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा.
खराब दांत की वजह से नहीं हो रही थी शादी
डॉ. सुमन यादव ने बताया कि उनके पास एक मामला आया था, जिसमें लड़की की शादी बार-बार इस वजह से तय नहीं हो पा रही थी. क्योंकि उसके दांत खराब थे. जब वह उनके पास आई तो उन्होंने उसके दांतों का रंग, रूप और आकार बदल दिया. दांतों को खूबसूरत बना दिया. इसके बाद उस लड़की की शादी तय हो सकी. इसके अलावा उन्होंने बताया कि एक 55 साल के बुजुर्ग आए थे. वह अपने दांतों को ठीक करवाना चाहते थे. इस उम्र में भी उन्हें अच्छा दिखने का शौक था.
जब बुजुर्ग उनके पास आए तो उसे समझ नहीं आ रहा था कि अगर उन्होंने अपने दांतों का इलाज करवा लिया या दांतों को ठीक करवा लिया तो वह कैसा लगेगें, लेकिन जब उन्होंने उसके दांतों को ठीक कर दिया तो वह सच में बेहद खुश हो गए. जब इस तरह के मामलों में दांतो को ठीक किया जाता है तो उसे एक ओरिजिनल लुक ही दिया जाता है. ताकि देखने वालों को ये ना पता चल सके कि दांतों में आर्टिफिशियल इंप्लांट हुआ है. उन्होंने बताया कि इस तरह के मामलों में दांतों पर खर्च करने वालों की कोई गिनती नहीं है.
इस तरह के बढ़ रहे हैं मामले
डॉ. सुमन यादव ने बताया कि उनके पास सेलिब्रिटी मुस्कान पाने के मामलों के साथ-साथ इस तरह के मामले भी लगातार आ रहे हैं, जिसमें अगर बच्चे को सोते समय मुंह में दूध की बोतल लगाकर छोड़ दिया जाए, तो उसके दांत खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. इसे दंत चिकित्सक बेबी बॉटल टूथ डिके कहते हैं. उन्होंने बताया कि जब बच्चा सो जाता है, तो मुंह में लार का बनना कम हो जाता है.
ऐसे में दूध में मौजूद प्राकृतिक शर्करा (लैक्टोज) लंबे समय तक दांतों के संपर्क में रहती है, जिससे बैक्टीरिया एसिड बनाते हैं और दांतों में सड़न शुरू हो सकती है. ऐसे में जरूरी है कि बच्चे को दूध पिलाने के बाद बोतल मुंह में लगाकर न छोड़ें. रात में दूध पिलाने के बाद साफ कपड़े या गॉज से मसूड़ों और दांतों को हल्के से साफ करें. एक साल की उम्र के बाद धीरे-धीरे बोतल की जगह कप का इस्तेमाल शुरू करें.
दांत भी बता देते हैं आपकी बीमारी
डॉ. सुमन यादव ने बताया कि अगर किसी को डायबिटीज है तो उसे मुंह में बार-बार किसी न किसी तरह का इन्फेक्शन या घाव होगा ही. ऐसे में कई बार ऐसा होता है कि जब लोग उनके पास आते हैं और मुंह में लगातार घाव बनने की शिकायत करते हैं. जब जांच की जाती है तब उनको बताया जाता है कि वह एक बार अपनी शुगर जांच कराएं. कई बार ऐसे मामलों में जब मरीज ने जांच कराई है तो उनको शुगर आया भी है.
इसलिए दांत और मुंह देखकर भी पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति को कौन सी बीमारी है. इसके अलावा दांतों में किसी भी तरह का कोई इंप्लांट करने से पहले यह भी पूछा जाता है कि उसे शुगर, बीपी या किसी तरह की कोई मेडिकल हिस्ट्री तो नहीं है. साथ ही डॉक्टर सुमन यादव ने यह भी बताया कि अगर कोई भी अपने दांतों को स्वास्थ्य फिट और खूबसूरत रखना चाहता है तो हर 6 महीने पर दांतों की जांच जरूर करवाएं. उन्होंने बताया कि दांतों की सफाई करवाने से दांत कभी खराब नहीं होते हैं.



