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भीषण गर्मी और लू के कारण क्यों होने लगता है पेट में भयंकर दर्द? जानें कारण और बचाव के उपाय

Heatwave Me Pet Dard Kyu Hota Hai: उत्तर और मध्य भारत समेत देश के कई हिस्से इस वक्त भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की चपेट में हैं. इस मौसम में डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याएं तो आम हैं ही, लेकिन हाल के दिनों में अस्पतालों में पेट दर्द, मरोड़, उल्टी और दस्त के मरीजों की तादाद भी तेजी से बढ़ी है. अक्सर लोग धूप से आने के बाद होने वाले पेट दर्द को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह हीटवेव का एक गंभीर लक्षण हो सकता है. आइए जानते हैं कि आखिर भीषण गर्मी में पेट दर्द क्यों होता है और इससे कैसे बचा जाए.

हीटवेव में क्यों होता है पेट में दर्द?(Heatwave Stomach Pain Reasons)-

गंभीर डिहाइड्रेशन (Dehydration): तेज धूप और पसीने के कारण शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम और पोटेशियम) की भारी कमी हो जाती है. पानी की कमी के कारण आंतों की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं, जो गंभीर पेट दर्द और कब्ज (Constipation) की वजह बनता है.

हीट क्रैम्प्स (Heat Cramps):
क्‍लेवलैंड क्‍लीनिक के मुताबिक, लगातार हीट एक्सपोजर के कारण जब शरीर से नमक और पानी बाहर निकल जाता है, तो शरीर की मांसपेशियों में ऐंठन होने लगती है. इसे ‘हीट क्रैम्प्स’ कहते हैं. यह ऐंठन सिर्फ पैरों में ही नहीं, बल्कि पेट की मांसपेशियों (Abdominal Muscles) में भी होती है.

फूड पॉइजनिंग और बैक्टीरिया का खतरा: गर्मी के मौसम में बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं, जिससे खाना जल्दी खराब हो जाता है. ऐसे में दूषित भोजन या बाहर का खुला पानी पीने से पेट में इंफेक्शन (Gastroenteritis) हो जाता है, जो दर्द, मरोड़ और दस्त का कारण बनता है.

आंतों में ब्लड सर्कुलेशन कम होना (Gastrointestinal Ischemia): जब बाहर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो हमारा शरीर अंदरूनी अंगों को ठंडा रखने के लिए त्वचा (Skin) की तरफ खून का बहाव बढ़ा देता है. इस प्रक्रिया में पेट और आंतों (Digestive System) की तरफ ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है, जिससे पेट में ऐंठन, मरोड़ और तेज दर्द महसूस होने लगता है.

इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज-अगर पेट दर्द के साथ नीचे दिए गए लक्षण भी दिख रहे हैं, तो यह हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) या हीट एग्जॉशन (Heat Exhaustion) का संकेत हो सकता है:

-लगातार उल्टी या जी मिचलाना.-तेज सिरदर्द और चक्कर आना या बेहोशी.-बहुत तेज बुखार होना लेकिन पसीना न आना.-गहरे रंग का पेशाब होना (गंभीर डिहाइड्रेशन का संकेत).

बचाव के आसान और अचूक उपाय (Prevention Tips)-हाइड्रेटेड रहें: प्यास न लगने पर भी दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें. सादे पानी के अलावा नींबू पानी, ओआरएस (ORS) का घोल, नारियल पानी और छाछ जैसी चीजों का सेवन करें ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहे.

हल्का और ताजा भोजन करें: गर्मी में पाचन क्रिया वैसे ही धीमी हो जाती है, इसलिए बहुत ज्यादा ऑयली, मसालेदार या बासी खाना खाने से बचें. तरबूज, खीरा और लौकी जैसी पानी से भरपूर सब्जियां और फल खाएं.

धूप में तुरंत ठंडा पानी न पिएं: धूप या बाहर की भीषण गर्मी से तुरंत आते ही फ्रीज का एकदम ठंडा पानी न पिएं. इससे शरीर का तापमान अचानक बिगड़ता है और पेट में ऐंठन हो सकती है. पहले शरीर का तापमान सामान्य होने दें, फिर मटके का पानी पिएं.

पीक ऑवर्स में बाहर निकलने से बचें: दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच जब धूप सबसे तेज होती है, तब बिना जरूरी काम के बाहर न निकलें. अगर निकलना जरूरी हो, तो पेट और सिर को सूती कपड़े से ढककर ही बाहर जाएं.

घरेलू उपायों या आराम करने के बाद भी पेट का दर्द कम नहीं होता है या इसके साथ तेज बुखार और उल्टी की समस्या बनी रहती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और खुद से कोई भी पेनकिलर खाने की गलती न करें.

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