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नोएडा-गुरुग्राम नहीं ये सुस्त गांव-कस्बे, अब बनेंगे प्रॉपर्टी के हब! NCR प्लान 2041 में क्या है दिलचस्प?

NCR Plan 2041: गुरुग्राम और नोएडा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के रियल एस्टेट बाजार की सबसे बड़ी ताकत रहे हैं लेकिन नाइट फ्रैंक इंडिया की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अब विकास का अगला दौर उन इलाकों से शुरू हो सकता है, जो अब तक प्रॉपर्टी बाजार के नक्शे में सबसे किनारे या अपेक्षाकृत कम विकसित माने जाते थे. रिपोर्ट के मुताबिक, बेहतर कनेक्टिविटी, नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के विकास और योजनाबद्ध शहरी विस्तार के कारण ये उभरते इलाके आने वाले समय में एनसीआर के रियल एस्टेट बाजार की नई पहचान बन सकते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, एनसीआर रीजनल प्लान 2041 में लगभग 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई गई है. लेकिन सबसे खास बात है कि यह निवेश बड़े शहरों जैसे नोएडा और गुरुग्राम में नहीं बल्कि ऐसे शहरों में किया जाएगा, जो अभी तक प्रॉपर्टी के नक्शे में सबसे नीचे और सुस्त पड़े थे. इन शहरों, कस्बों और गांवों के पास जमीन भी है और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए पर्याप्त समय भी. ऐसे में अब इस प्लान से करीब 3 करोड़ अतिरिक्त लोगों की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में कई नए शहरी विकास केंद्र विकसित करने में मदद कर सकती है.

विशेषज्ञों की मानें तो अगर इस योजना को प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, तो यह उत्तर भारत में लोगों के रहने, काम करने और निवेश करने के तरीकों के साथ-साथ उनकी पसंदीदा जगहों को भी बदल सकती है. इससे क्षेत्र के रियल एस्टेट और शहरी विकास को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है.

पारंपरिक शहरों से आगे बढ़ता विकासरीजनल प्लान 2041 का मुख्य उद्देश्य दिल्ली और अन्य भीड़भाड़ वाले शहरों पर दबाव कम करना और पूरे एनसीआर में संतुलित विकास को बढ़ावा देना है. इसके लिए विकास को केवल कुछ बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय, पूरे क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी वाले कई नए शहरी केंद्र विकसित करने की योजना है.

इसका फायदा सोनीपत, पानीपत, भिवाड़ी, अलवर, मेरठ और जेवर जैसे क्षेत्रों को मिल सकता है, जहां पिछले कुछ वर्षों में इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में तेजी से सुधार हुआ है. वहीं, गुरुग्राम और नोएडा में जमीन की बढ़ती कीमतों के कारण ये इलाके घर खरीदने वालों और रियल एस्टेट कंपनियों के लिए नए और आकर्षक विकल्प के रूप में उभर सकते हैं.

इन्फ्रास्ट्रक्चर बनेगा विकास के अगले दौर की नींवकिसी भी रियल एस्टेट बाजार की सफलता काफी हद तक उसके इन्फ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करती है और एनसीआर रीजनल प्लान 2041 में कनेक्टिविटी को इसे ही सबसे अधिक महत्व दिया गया है. इस योजना में तेज क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था, बेहतर सड़क नेटवर्क और शहरों के बीच मजबूत संपर्क विकसित करने पर विशेष जोर है. दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC), जेवर में संचालित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) और तेजी से बढ़ते एक्सप्रेसवे नेटवर्क जैसे प्रोजेक्ट नए विकास क्षेत्रों को बढ़ावा दे सकते हैं. बेहतर कनेक्टिविटी के कारण लोग अब पारंपरिक शहरों के केंद्र से दूर रहकर भी प्रमुख रोजगार केंद्रों तक आसानी से पहुंच सकेंगे. इससे नए इलाकों में आवास और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और एनसीआर के विकास का दायरा पहले से कहीं अधिक व्यापक हो सकता है.

रियल एस्टेट सेक्टर के लिए नए अवसररियल एस्टेट सेक्टर के लिए यह योजना सिर्फ शहरों के विस्तार तक सीमित नहीं है. यह रेजिडेंशियल, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स जैसे कई क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर सकती है. जिन विकासशील इलाकों में अभी जमीन की कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं, वहां डेवलपर्स इंटीग्रेटेड टाउनशिप, प्लाटेड डेवलपमेंट्स और मिक्स्ड-यूज़ कम्युनिटीज उपयोग वाली परियोजनाओं पर अधिक ध्यान दे सकते हैं. इसके अलावा, तेजी से बढ़ रहे मैन्युफैक्चरिंग हब और इकोनॉमिक कॉरिडोर के कारण औद्योगिक इकाइयों और वेयरहाउसिंग की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है. इससे आने वाले समय में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए विकास के नए रास्ते खुलने की संभावना है.

रियल एस्टेट विशेषज्ञों की राय:

जिंदल रियल्टी के प्रेसिडेंट एवं सीईओ अभय मिश्रा का कहना है कि एनसीआर रीजनल प्लान 2041 विकास को कुछ चुनिंदा शहरों तक सीमित रखने के बजाय पूरे क्षेत्र में संतुलित विकास की दिशा में एक बड़ा बदलाव है. जैसे-जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर और ट्रांजिट आधारित कॉरिडोर का विस्तार दिल्ली और गुरुग्राम से आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे सोनीपत जैसे टियर-2 शहर प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में उभर सकते हैं. सोनीपत में किफायती कीमतों पर जमीन की उपलब्धता, पर्याप्त भूमि और लगातार बेहतर होती कनेक्टिविटी का ऐसा मेल है, जो इसे रेजिडेंशियल और कमर्शियल दोनों तरह के विकास के लिए आकर्षक बनाता है. नए शहरी केंद्रों के विकास और बेहतर मोबिलिटी नेटवर्क के साथ आने वाले वर्षों में सोनीपत में रियल एस्टेट की मांग लगातार बढ़ने और निवेश पर बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना है.

कार्यन ग्रुप के निदेशक वरून गर्ग कहते हैं कि एनसीआर क्षेत्रीय योजना 2041 में उत्तर भारत के रियल एस्टेट परिदृश्य को पूरी तरह बदलने की क्षमता है. बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ-साथ सोनीपत, पानीपत, मेरठ, भिवाड़ी और जेवर कॉरिडोर जैसे उभरते बाजारों में आवासीय और वाणिज्यिक निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है. योजना का विकेंद्रीकृत शहरी विकास पर विशेष जोर न केवल नए विकास केंद्रों का निर्माण करेगा, बल्कि डेवलपर्स, निवेशकों और उन होमबायर्स के लिए भी दीर्घकालिक अवसर खोलेगा, जो एनसीआर के अगली पीढ़ी के ग्रोथ कॉरिडोर में बेहतर मूल्य और निवेश संभावनाएं तलाश रहे हैं.

जबकि रॉयल ग्रीन रियल्टी के मैनेजिंग डायरेक्टर यशांक वासन का कहना है कि नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट एनसीआर के शहरी विस्तार के अगले दौर में टियर-2 शहरों की बढ़ती अहमियत को और मजबूत करती है. खास तौर पर सोनीपत को आर्थिक गतिविधियों के डिसेंट्रलाइजेशन और रीजनल प्लान 2041 के तहत प्रस्तावित नए विकास कॉरीडोर का बड़ा फायदा मिल सकता है. आज व्यवसाय और घर खरीदने वाले लोग भीड़भाड़ वाले और पूरी तरह विकसित हो चुके शहरों से बाहर नए विकल्प तलाश रहे हैं. ऐसे में मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर और किफायती कीमतों वाले शहर निवेश के प्रमुख केंद्र बन सकते हैं. दिल्ली के करीब होने, बेहतर होती कनेक्टिविटी और तेजी से विकसित हो रहे शहरी इकोसिस्टम के कारण सोनीपत एनसीआर के विकास की स्वाभाविक अगली कड़ी के रूप में उभर रहा है. यही वजह है कि आने वाले समय में यह शहर रियल एस्टेट विकास और निवेश के लिए एक बेहद संभावनाशील और भरोसेमंद गंतव्य बन सकता है.

इस विषय पर न्यूस्टोन के सीईओ, रजत बोकोलिया भी कहते हैं कि एनसीआर रीजनल प्लान 2041 के तहत 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश, 3 करोड़ अतिरिक्त लोगों के लिए आवास और कई नए ग्रोथ कॉरिडोर के बनने की संभावना है.

लंबे समय में बड़ा बदलावहालांकि यह योजना काफी बड़ी और महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसे कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है. साथ ही, विभिन्न सरकारी नीतियों के बीच तालमेल और इन्फ्रास्ट्रक्चर के समय पर विकास की भी इसमें अहम भूमिका होगी. फिर भी इतना तय है कि आने वाले समय में एनसीआर का विकास केवल गुरुग्राम और नोएडा तक सीमित नहीं रहेगा. एनसीआर रीजनल प्लान 2041 ऐसे शहरी विकास की ओर संकेत करता है, जिसमें कई शहर आपस में बेहतर तरीके से जुड़े होंगे और विकास का लाभ पूरे क्षेत्र में फैलेगा.

निवेशकों, रियल एस्टेट कंपनियों और घर खरीदने वालों के लिए यह उत्तर भारत के रियल एस्टेट बाजार के एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है, जहां भविष्य के विकास केंद्र पारंपरिक शहरों से आगे बढ़कर नए और उभरते क्षेत्रों में दिखाई देंगे.

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