Jhalawar News | बालाजी मंदिर में मचा हड़कंप! VIP को बनाया बंधक, फिर सामने आई ऑपरेशन की असली कहानी

Last Updated:June 27, 2026, 16:27 IST
Jhalawar News : झालावाड़ के कामखेड़ा बालाजी मंदिर में पुलिस, एटीएस और कमांडो ने आतंकी हमले व वीआईपी बंधक स्थिति पर मॉक ड्रिल की, सुरक्षा तैयारियों और एजेंसियों के तालमेल की जांच की गई. तय प्लान के अनुसार कुछ लोगों ने आतंकियों की भूमिका निभाई. इन कथित आतंकियों ने मंदिर में दर्शन करने पहुंचे एक वीआईपी को बंधक बना लिया. सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और पूरे इलाके को घेर लिया गया. इसके बाद पुलिस कमांडो ने मोर्चा संभाला और ऑपरेशन शुरू किया.कामखेड़ा बालाजी मंदिर में आतंकी हमले की मॉक ड्रिल, तैयारी परखी
झालावाड़. धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार अपनी तैयारियों को परख रही हैं. इसी कड़ी में झालावाड़ जिले के प्रसिद्ध कामखेड़ा बालाजी मंदिर परिसर में शुक्रवार को एक विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की गई. इस अभ्यास का मकसद किसी भी संभावित आतंकी हमले या बंधक जैसी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों की तैयारी को जांचना था. अचानक मंदिर परिसर में शुरू हुई इस गतिविधि को देखकर कुछ देर के लिए लोगों में उत्सुकता भी देखने को मिली.
मॉक ड्रिल के दौरान ऐसा दृश्य तैयार किया गया मानो मंदिर में दर्शन के लिए आए एक वीआईपी को आतंकियों ने बंधक बना लिया हो. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे ऑपरेशन को उसी तरह अंजाम दिया, जैसे किसी वास्तविक घटना के दौरान किया जाता है. अभ्यास के दौरान एटीएस की टीम, स्थानीय पुलिस और कमांडो दस्तों ने तालमेल के साथ कार्रवाई की और अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया.
वीआईपी को बनाया बंधक, कमांडो ने संभाला मोर्चामॉक ड्रिल के तय प्लान के अनुसार कुछ लोगों ने आतंकियों की भूमिका निभाई. इन कथित आतंकियों ने मंदिर में दर्शन करने पहुंचे एक वीआईपी को बंधक बना लिया. सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और पूरे इलाके को घेर लिया गया. इसके बाद पुलिस कमांडो ने मोर्चा संभाला और ऑपरेशन शुरू किया. अभ्यास के दौरान दो आतंकियों को मार गिराने का प्रदर्शन किया गया, जबकि एक अन्य को जिंदा पकड़कर हिरासत में लेने की कार्रवाई दिखाई गई. मॉक ड्रिल में यह भी दर्शाया गया कि आतंकियों के कब्जे से हथियार और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई.पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस और एटीएस के जवानों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बंधक बनाए गए व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया. इस दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों ने जवानों की कार्यप्रणाली और प्रतिक्रिया समय पर भी नजर रखी.
सुरक्षा एजेंसियों ने परखी अपनी तैयारीइस मॉक ड्रिल में मनोहरथाना के डीएसपी सहित एटीएस कोटा की टीम मौजूद रही. वहीं कामखेड़ा थाना प्रभारी मुकेश गौरा भी पूरे अभ्यास के दौरान मौके पर डटे रहे. अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का मकसद किसी वास्तविक खतरे की सूचना देना नहीं, बल्कि सुरक्षा बलों की तैयारियों को और मजबूत बनाना होता है. कामखेड़ा बालाजी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए समय-समय पर सुरक्षा अभ्यास करना जरूरी माना जाता है. मॉक ड्रिल के जरिए यह भी देखा गया कि अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल कितना प्रभावी है और संकट की घड़ी में कितनी तेजी से प्रतिक्रिया दी जा सकती है. हालांकि यह केवल एक अभ्यास था, लेकिन इससे साफ संकेत मिला कि सुरक्षा एजेंसियां धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए खुद को लगातार तैयार रख रही हैं.
About the AuthorAnand Pandey
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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Jhalawar,Jhalawar,Rajasthan



