टीम इंडिया का सबसे खूंखार ओपनर बना T20 कप्तान, सचिन के कहने पर सिर्फ 1 मैच के बाद छिन गई कप्तानी!

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टीम इंडिया का खूंखार ओपनर बना T20 कप्तान, सिर्फ 1 मैच के बाद छिन गई कप्तानी!
Last Updated:June 29, 2026, 17:20 IST
भारतीय टीम ने साल 2007 में आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप जीता था लेकिन महेंद्र सिंह धोनी टीम इंडिया के लिए इस फॉर्मेट में कप्तानी करने वाले पहले खिलाड़ी नहीं थे. भारत के लिए पहले टी20 इंटरनेशनल में वीरेंद्र सहवाग ने कप्तानी की थी. सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और सौरव गांगुली के साथ
नई दिल्ली. टी20 क्रिकेट के इतिहास का जिक्र जब कभी भी किया जाएगा तो सबसे पहले भारतीय टीम का नाम आएगा. आईसीसी के पहले टी20 वर्ल्ड कप को जीतने का कारनामा टीम इंडिया ने ही अंजाम दिया था. साल 2007 में भारतीय टीम ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में ट्रॉफी उठाई थी. कमाल की बात यह कि वो भारत के लिए टी20 में कप्तानी करने वाले पहले कप्तान नहीं थे. जिसने टीम के लिए इस फॉर्मेट में सबसे पहले कमान संभाली उसका नाम वीरेंद्र सहवाग था. इससे भी कमाल की बात ये कि उन्होंने सिर्फ 1 ही मुकाबले में कप्तानी की थी.
भारत ने साल 2006 में अपना पहला टी20 इंटरनेशनल खेला था. साउथ अफ्रीका के खिलाफ 1 दिसंबर 2006 को यह मुकाबला खेला गया था. सचिन तेंदुलकर का भी यह एक मात्र टी20 इंटरनेशनल मैच था. भारत ने साउथ अफ्रीका से मिले 127 रन के लक्ष्य को 19.5 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल किया था. बतौर कप्तान यह सहवाग का पहला और आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच था. इसके बाद महेंद्र सिंह धोनी को इस फॉर्मेट में कप्तानी दी गई थी. कमाल की बात यह कि सचिन तेंदुलकर के कहने पर उनके आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप से पहले यह जिम्मेदारी दी गई थी.
सूत्रों के अनुसार, मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के सुझाव पर बीसीसीआई ने यह फैसला लिया था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, “सचिन पाजी ने टीम मीटिंग और चयन समिति के साथ चर्चा में कहा कि टी20 फॉर्मेट में गति और नई रणनीति की जरूरत है. उन्होंने सहवाग की जगह धोनी या किसी युवा खिलाड़ी को मौका देने का सुझाव दिया था”
सचिन का मानना था कि सहवाग की टेस्ट और वनडे में व्यस्तता के कारण टी20 में पूर्ण फोकस संभव नहीं हो पा रहा था. उनका कहना था, “वीरू अद्भुत खिलाड़ी है, लेकिन टी20 के लिए अलग लीडरशिप चाहिए जो भविष्य को तैयार कर सके.”
यह खबर सामने आने के बाद क्रिकेट जगत में हलचल मच गई थी. सहवाग के फैंस इस फैसले से खुश नहीं थे. एक पूर्व साथी खिलाड़ी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया था. “सहवाग ने हमेशा आक्रामक क्रिकेट खेला. उनकी कप्तानी में टीम ने साहस दिखाया. सचिन का सम्मान सब करते हैं, लेकिन यह फैसला व्यक्तिगत लगता है.”
About the AuthorViplove Kumar
विप्लव कुमार 2022 से न्यूज18 के साथ काम कर रहे हैं. रीडर्स के लिए दिन की शुरुआत अच्छी हो इसकी खास जिम्मेदारी उनके कंधे पर होती है. सुबह की शिफ्ट में आकर पिछले दिन हुई रोचक घटना से लेकर पूरे दिन होने वाली गतिविध…और पढ़ें
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