तैयार हो जाइए! राजस्थान में 2 जुलाई से बारिश का तांडव, तेज आंधी और बिजली का अलर्ट

Rajasthan Ka Mausam: राजस्थान में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होने की ओर बढ़ रहा है और आईएमडी ने अगले कुछ दिनों के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है. आईएमडी और मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा आगामी 4 से 5 दिनों में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में इसके प्रवेश के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. 2 जुलाई से पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है, जबकि 2 से 5 जुलाई के बीच मानसून का दायरा और बढ़ सकता है.
इस दौरान कोटा और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है. वहीं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, मेघगर्जन और वज्रपात का भी अलर्ट जारी किया गया है. दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में अगले तीन से चार दिनों तक उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है, जहां अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है.
2 से 5 जुलाई के बीच बढ़ेंगी बारिश की गतिविधियां
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, आगामी दिनों में मानसून के सक्रिय होने की पूरी संभावना है. 2 जुलाई से पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश का दौर तेज होगा, जबकि 2 से 5 जुलाई के बीच प्रदेश के और अधिक हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है. इस दौरान विशेष रूप से कोटा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.
2 जुलाई से पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगेंगी
इन संभागों में आंधी और मेघगर्जन का अलर्ट
अगले तीन से चार दिनों तक कोटा और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इसके अलावा जयपुर, भरतपुर, कोटा और बीकानेर संभाग के कई जिलों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.
इन जिलों में वज्रपात और तेज हवा की चेतावनी
पूर्वी राजस्थान के अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, झालावाड़, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूंबर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक और उदयपुर में मेघगर्जन, वज्रपात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं पश्चिमी राजस्थान के चूरू और डीडवाना-कुचामन में भी मेघगर्जन और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभवना
पश्चिमी राजस्थान में उमस करेगी परेशान
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में अगले तीन से चार दिनों तक अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. नमी अधिक रहने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा.
देशभर में तेजी से आगे बढ़ रहा मानसून
आईएमडी के अनुसार, 30 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कई हिस्सों तक पहुंच गया है. अगले दो से तीन दिनों में इसके राजस्थान के कुछ और क्षेत्रों सहित गुजरात, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने की परिस्थितियां अनुकूल हैं. इसके साथ ही 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने की संभावना है, जिससे बारिश की गतिविधियों को और मजबूती मिल सकती है.
राजस्थान में मानसून कब से ज्यादा सक्रिय होगा
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर और भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 2 जुलाई से राजस्थान में मानसून की गतिविधियां तेज होने की संभावना है. अगले 4 से 5 दिनों में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मानसून के प्रवेश के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. 2 से 5 जुलाई के बीच पूर्वी राजस्थान के कई और जिलों में बारिश का दायरा बढ़ सकता है. इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम और कुछ इलाकों में भारी बारिश होने के आसार हैं.
किन संभागों में भारी बारिश की सबसे ज्यादा संभावना है
मौसम विभाग के अनुसार, 2 से 5 जुलाई के दौरान कोटा और उदयपुर संभाग में सबसे अधिक बारिश होने की संभावना है. इन दोनों संभागों के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है. इसके अलावा जयपुर, भरतपुर और आसपास के कई जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ मेघगर्जन और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है.
किन जिलों में तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है
पूर्वी राजस्थान के अजमेर, जयपुर, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, झालावाड़, करौली, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, टोंक, उदयपुर, सीकर और सवाई माधोपुर सहित कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है. पश्चिमी राजस्थान के चूरू और डीडवाना-कुचामन में भी गरज-चमक और तेज हवा की संभावना जताई गई है.
पश्चिमी राजस्थान में मौसम कैसा रहने वाला है
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई इलाकों में अगले तीन से चार दिनों तक उमस भरी गर्मी बनी रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. नमी अधिक रहने से लोगों को गर्मी का असर और ज्यादा महसूस होगा. हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की मौसम गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, लेकिन व्यापक बारिश की संभावना फिलहाल कम है.
देशभर में मानसून की मौजूदा स्थिति क्या है
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 30 जून तक दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है. अगले दो से तीन दिनों में इसके राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के शेष क्षेत्रों में आगे बढ़ने की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. इसके अलावा 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे बारिश की गतिविधियों को और मजबूती मिल सकती है.



