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Aaj Ka Rajasthan Mausam | Rajasthan Weather Today | Monsoon Update

Rajasthan Ka Mausam 02 July 2026: राजस्थान में मानसून की एंट्री के साथ ही मानसूनी गतिविधियों ने पूरी तरह रफ्तार पकड़ ली है, जिसके चलते राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने अत्यंत महत्वपूर्ण तात्कालिक मौसम चेतावनी (Nowcast Weather Warning) जारी की है. इस ताजा बुलेटिन के मुताबिक, राज्य के मध्य, पूर्वी और उत्तरी इलाकों में एक मजबूत वेदर सिस्टम एक्टिव हुआ है. इसके प्रभाव से जयपुर, अजमेर, टोंक और भीलवाड़ा समेत एक दर्जन से अधिक जिलों में अगले कुछ घंटों के भीतर मध्यम से भारी बारिश (Rain) और तीव्र मेघगर्जन की प्रबल संभावना बनी हुई है. आईएमडी (IMD) ने इन क्षेत्रों के लिए बाकायदा ‘ऑरेंज कोड’ और ‘येलो कोड’ अलर्ट जारी कर लोगों को बेहद सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है.

राजधानी जयपुर और नवगठित जिला कोटपूतली बहरोड़ में मौसम ने अचानक करवट ली है. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर (IMD) ने इन दोनों क्षेत्रों के लिए तीव्र मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी दी है. जयपुर और आसपास के इलाकों में आसमान में घने काले बादलों का डेरा जमा हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार, यहाँ अचानक 40 से 60 किमी/घंटा की गति से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो कमजोर संरचनाओं, होर्डिंग्स और पेड़ों को नुकसान पहुँचा सकती हैं. इसके साथ ही इन शहरों में हल्की से मध्यम और कुछ पॉकेट्स में भारी वर्षा (Heavy Rain) होने की संभावना जताई गई है. इससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.

अजमेर, ब्यावर और टोंक में 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएंमध्य राजस्थान के प्रमुख जिलों अजमेर, नवगठित ब्यावर और टोंक में भी मौसम का भयंकर रूप देखने को मिल रहा है. आईएमडी की ओर से जारी चेतावनी के तहत इन जिलों को हाई रिस्क यानी ऑरेंज अलर्ट जोन में रखा गया है. इन क्षेत्रों में मेघगर्जन/गरज-चमक के साथ अचानक अत्यंत तेज हवाएं (40-60 किमी/घंटा) चलने और वज्रपात की पूरी आशंका है. टोंक और अजमेर में मानसून की यह सक्रियता तापमान को तो कम करेगी, लेकिन तेज हवाओं के कारण कच्चे मकानों, झोपड़ियों और बिजली के खंभों को मामूली नुकसान पहुँचा सकती है. वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने और पेड़ों के नीचे गाड़ी पार्क न करने की सलाह दी गई है.

भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और बूंदी में मेघगर्जन का दोहरा खतरामेवाड़ और हाड़ौती क्षेत्र के भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और बूंदी जिलों में भी मानसूनी सिस्टम पूरी तरह हावी हो गया है. मौसम केंद्र जयपुर की बुलेटिन के अनुसार, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में मध्यम से तीव्र दर्जे की बारिश दर्ज की जा सकती है. बूंदी जिले में भी कहीं-कहीं अचानक तेज हवाओं के साथ जोरदार बौछारें पड़ने की उम्मीद है. मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं, इसलिए खेतों में काम करने वाले किसानों और खुले में रहने वाले मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाना बेहद जरूरी है.

सीकर, अलवर और सवाई माधोपुर सहित कई जिलों में येलो अलर्टऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के अलावा, मौसम विभाग ने राजस्थान के एक बड़े हिस्से के लिए ‘येलो अलर्ट’ भी जारी किया है. इसके तहत शेखावाटी क्षेत्र के सीकर, चूरू, झुंझुनूं जिलों में मौसम बदलेगा. इसके अलावा पाली, राजसमंद, कोटा, बारां, झालावाड़, सवाई माधोपुर, करौली, दौसा, अलवर, उदयपुर, सलूम्बर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, नागौर तथा डीडवाना-कुचामन जिलों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम दर्जे की मेघगर्जन और गरज-चमक के साथ अचानक तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) और हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है. इन जिलों में हालांकि खतरा कम है, फिर भी स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने को कहा गया है.

मौसम विभाग ने राजस्थान के किन जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है?

मौसम विभाग (IMD) ने जयपुर, अजमेर, ब्यावर, टोंक, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, कोटपूतली बहरोड़ और बूंदी जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जहां भारी बारिश और 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

इस मौसम अलर्ट के दौरान हवा की रफ्तार कितनी रहने की संभावना है?

ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में अचानक तेज हवाएं 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जबकि येलो अलर्ट वाले क्षेत्रों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है.

क्या पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर और जोधुपर में भी बारिश का अलर्ट है?

नहीं, आईएमडी (IMD) द्वारा जारी नवीनतम मानचित्र के अनुसार जैसलमेर, बाड़मेर, फलौदी, जोधपुर, बालोतरा, जालोर और बीकानेर जैसे पश्चिमी जिलों को हरे रंग (No Warning) में दिखाया गया है, यानी फिलहाल यहाँ किसी बड़ी चेतावनी की संभावना नहीं है.

बिजली कड़कने या मेघगर्जन के समय आईएमडी ने क्या करने की सलाह दी है?

आईएमडी ने सलाह दी है कि मेघगर्जन के समय पेड़ों के नीचे बिल्कुल न रुकें, बिजली के उपकरणों को डिस्कनेक्ट कर दें, धातु की वस्तुओं को न छुएं और केवल सुरक्षित व पक्के भवनों के अंदर ही रहें.

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