मानसून की पहली बारिश में बहने लगी रूपरैल नदी, देखने के लिए उमड़ पड़े ग्रामीण

Last Updated:July 02, 2026, 15:12 IST
Alwar Monsoon News: अलवर के सरिस्का क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश के बाद लंबे समय से सूखी पड़ी रुपारेल नदी में मानसून सीजन का पहली बार पानी बहना शुरू हो गया. नदी में पानी की आवक होते ही क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया. ग्रामीण, राहगीर और प्रकृति प्रेमी बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंचे और बहते पानी के खूबसूरत नजारे को अपने कैमरों में कैद किया. सरिस्का क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली रुपारेल नदी में पानी आने से आसपास के जल स्रोतों के रिचार्ज होने की उम्मीद बढ़ गई है. किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई है, क्योंकि अच्छी बारिश से खरीफ फसलों के बेहतर उत्पादन की संभावना मजबूत हुई है. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी क्षेत्र में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है.
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सरिस्का में झमाझम बारिश का असर!
Alwar Ka Mausam: अलवर जिले के प्रसिद्ध सरिस्का क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है. लंबे इंतजार के बाद आसमान से बरसी राहत की बूंदों ने क्षेत्र को तरबतर कर दिया है. इस मूसलाधार बारिश के बाद सरिस्का की प्रसिद्ध रुपारेल नदी में पानी की आवक शुरू हो गई है. मानसून के इस मौजूदा सीजन में यह पहला मौका है जब रुपारेल नदी में पानी का प्रवाह देखा गया है. नदी में पानी बहने की खबर फैलते ही पूरे सरिस्का और आसपास के ग्रामीण इलाकों में उत्साह और खुशी का माहौल है.
पिछले काफी समय से रुपारेल नदी सूखी पड़ी हुई थी, जिससे स्थानीय लोग चिंतित थे. लेकिन बारिश के बाद जैसे ही नदी में पानी की कलकल गूंजी, वैसे ही स्थानीय ग्रामीणों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों का तांता नदी किनारे लगना शुरू हो गया. बड़ी संख्या में लोग इस खूबसूरत और सुकून देने वाले नजारे को देखने के लिए एकत्र हुए. लोगों ने न केवल बहते पानी का आनंद लिया, बल्कि इस ऐतिहासिक पल को अपने मोबाइल कैमरों और वीडियो में भी कैद किया. सोशल मीडिया पर भी रुपारेल नदी के पुनर्जीवित होने की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं.
सरिस्का की जीवनदायिनी है रुपारेल नदीभौगोलिक और प्राकृतिक नजर से रुपारेल नदी को सरिस्का क्षेत्र की जीवनदायिनी माना जाता है. यह नदी न केवल वन्यजीवों की प्यास बुझाती है, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाती है. नदी में पानी आने से स्थानीय पर्यावरणविदों और वन्यजीव प्रेमियों ने भी राहत की सांस ली है. इसके साथ ही, नदी में पानी के इस प्रवाह से आसपास के कुएं, बावड़ी और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों के रिचार्ज होने की उम्मीद काफी बढ़ गई है, जिससे आने वाले दिनों में पेयजल संकट से बड़ी राहत मिलेगी.
किसानों के चेहरे खिले, बेहतर खरीफ फसल की आसइस झमाझम बारिश और नदी में पानी की आवक ने अलवर के अन्नदाताओं के चेहरों पर भी मुस्कान बिखेर दी है. स्थानीय किसानों को अब अच्छी बारिश के चलते खरीफ की फसलों की बेहतर पैदावार होने की पूरी आस जगी है. पानी की उपलब्धता बढ़ने से खेतों की सिंचाई आसान होगी और भूमि का जलस्तर भी सुधरेगा.
आने वाले दिनों में और बढ़ेगा जलस्तरमौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी इस क्षेत्र में बारिश का यह सिलसिला लगातार जारी रहने की संभावना है. यदि आगामी दिनों में भी इसी तरह अच्छी और भारी वर्षा होती रही, तो रुपारेल नदी का जलस्तर और अधिक बढ़ने की पूरी उम्मीद है, जो अलवर जिले के लिए एक बेहद शुभ संकेत है.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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