कोटा वालों के लिए बड़ी राहत! अब पट्टा, नाम ट्रांसफर और लैंड यूज का काम एक ही जगह, जानिए कैसे मिलेगा फायदा

Last Updated:July 03, 2026, 16:35 IST
Kota News : कोटा में विशेष शहरी सेवा शिविर से लोगों को पट्टा बनवाने, संपत्ति हस्तांतरण व भू-उपयोग परिवर्तन में राहत मिली है. केडीए परिसर में वन-स्टॉप सॉल्यूशन से बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई. केडीए परिसर में अब वन-स्टॉप सॉल्यूशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. पहले आवेदन करने के लिए लोगों को स्टांप पेपर खरीदने, नोटरी कराने या ऑनलाइन फॉर्म भरवाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी. अब केडीए परिसर में ही आधुनिक ई-मित्र केंद्र स्थापित किए गए हैं.
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कोटा. अगर आप राजस्थान के कोचिंग हब और औद्योगिक शहर कोटा के निवासी हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. अपने मकान का पट्टा बनवाने, संपत्ति का नाम हस्तांतरण (नाम ट्रांसफर) कराने या भू-उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज चेंज) जैसे जरूरी कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने वाले लोगों को अब राहत मिलने लगी है. कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) परिसर में आयोजित विशेष शहरी सेवा शिविर के जरिए आम नागरिकों के कई जरूरी कार्य एक ही स्थान पर तेजी से पूरे किए जा रहे हैं.
इस पूरे अभियान की जिम्मेदारी कोटा विकास प्राधिकरण के आयुक्त एवं अतिरिक्त नोडल अधिकारी हर्षित वर्मा संभाल रहे हैं. उनका कहना है कि आम लोगों को बिना किसी परेशानी के त्वरित राहत देना ही इस शिविर का मुख्य उद्देश्य है. इस व्यवस्था के बाद केडीए परिसर में बिचौलियों की भूमिका भी काफी हद तक समाप्त हो गई है और लोगों के काम सीधे एवं कम समय में पूरे हो रहे हैं.
पट्टा बनवाने के लिए पहले कर लें यह तैयारीकेडीए परिसर में अब वन-स्टॉप सॉल्यूशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. पहले आवेदन करने के लिए लोगों को स्टांप पेपर खरीदने, नोटरी कराने या ऑनलाइन फॉर्म भरवाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी. अब केडीए परिसर में ही आधुनिक ई-मित्र केंद्र स्थापित किए गए हैं. साथ ही परिसर में अधिकृत स्टांप वेंडर भी उपलब्ध हैं. इससे आवेदन तैयार करने से लेकर जमा करने तक की पूरी प्रक्रिया एक ही स्थान पर आसानी से पूरी हो रही है. प्रशासन ने दस्तावेजों से जुड़े नियमों को भी सरल बनाया है. अब दशकों पुराने दस्तावेजों की जरूरत नहीं है. यदि आपके पास वर्ष 2021 का बिजली बिल, पानी का बिल या सरकार द्वारा जारी कोई वैध पहचान पत्र, जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी उपलब्ध है, तो उसके आधार पर भी पट्टे के लिए आवेदन किया जा सकता है.
हर सप्ताह लग रहा है शिविरनागरिकों की सुविधा के लिए यह विशेष शिविर किसी एक या दो दिन तक सीमित नहीं है. इसका आयोजन प्रत्येक सप्ताह सोमवार से शुक्रवार तक नियमित रूप से किया जा रहा है. सरकार की ओर से विभिन्न शुल्कों और लीज डीड में दी जा रही छूट का लाभ लेने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग शिविर में पहुंच रहे हैं.
आंकड़े बता रहे हैं योजना की सफलताकोटा विकास प्राधिकरण की इस पारदर्शी और सरल व्यवस्था का असर अब साफ दिखाई देने लगा है. शिविर शुरू होने के बाद से अब तक 2,700 से अधिक विभिन्न प्रकार के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं. इनमें सबसे अधिक करीब 1,200 आवेदन मकानों के पट्टे बनवाने के लिए आए हैं. इनमें से 1,000 से अधिक पट्टे तैयार कर आवेदकों को सौंपे भी जा चुके हैं, जबकि शेष आवेदनों की जांच तेजी से की जा रही है. राज्य सरकार की ओर से लीज डीड और बकाया करों में दी जा रही छूट के कारण भी बड़ी संख्या में लोग इस योजना से जुड़ रहे हैं. नागरिकों की बढ़ती भागीदारी के चलते कोटा विकास प्राधिकरण को अब तक लगभग 5 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है. इस राशि का उपयोग भविष्य में शहर के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में किया जाएगा. यदि आपका भी पट्टा, नाम हस्तांतरण या भू-उपयोग परिवर्तन से जुड़ा कोई काम लंबित है, तो कार्यदिवसों में कोटा विकास प्राधिकरण परिसर पहुंचकर इस सुविधा और छूट का लाभ लिया जा सकता है.
About the AuthorAnand Pandey
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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