बिहार के प्रसिद्ध आम, हर जिले में अनोखा रंग और स्वाद! लोकल से ग्लोबल तक है पहचान

पटना: बिहार सिर्फ लीची और मखाना के लिए ही नहीं, बल्कि अपने स्वादिष्ट और खास किस्म के आमों के लिए भी देशभर में पहचान रखता है. राज्य के अलग-अलग जिलों में उगने वाले आम रंग, स्वाद, खुशबू और मिठास के मामले में एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं. कई किस्मों ने लोकल बाजार से निकलकर देश-विदेश तक अपनी खास पहचान बनाई है. हर जिले में अलग अलग चर्चित हैं. इसपर पटना के चर्चित साहित्यकार और बिहार के व्यंजन पुस्तक के लेखक रविशंकर उपाध्याय बताते हैं कि बिहार के आमों का एक समृद्ध इतिहास रहा है. यहां हर जिले में अलग-अलग गांव की विशिष्टता देखने को मिल जाती है. ऐसा बेहद काम राज्यों में देखने को मिलता है. यहां अचार के लिए अलग आम खाने के लिए अलग आम होता है.
किस जिले का कौन सा आम है चर्चित बिहार के अलग-अलग जिलों में अपनी-अपनी खास आम की किस्में उगाई जाती हैं. ये अपने स्वाद, खुशबू और गुणवत्ता के कारण अलग पहचान रखती हैं. राजधानी पटना का दूधिया मालदह आम विशेष रूप से प्रसिद्ध है. इसका इतिहास सम्राट अशोक के काल से जुड़ा माना जाता है. कहा जाता है कि पटना के दीघा क्षेत्र में इस आम के पेड़ उसी समय लगाए गए थे और आज भी वहां कुछ पुराने पेड़ मौजूद हैं.
भागलपुर से चंपारण तक अलग किस्मवहीं, भागलपुर अपने मशहूर जर्दालू आम के लिए जाना जाता है. अपनी अनूठी खुशबू और स्वाद के कारण इसे जीआई टैग भी मिल चुका है. इसके अलावा पश्चिम चंपारण (बेतिया) और पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में भी जर्दा आम की अच्छी पैदावार होती है. मधुबनी जिले का कृष्णभोग आम काफी लोकप्रिय है, जबकि बक्सर अपने प्रसिद्ध चौसा आम के लिए जाना जाता है. माना जाता है कि इस आम का नाम बक्सर के ऐतिहासिक चौसा क्षेत्र से पड़ा है.
बिहार में मालदह आम की भी बड़े पैमाने पर खेती होती है. भागलपुर का मालदह आम अपने बेहतरीन स्वाद के कारण देशभर में पसंद किया जाता है. इसका निर्यात भी किया जाता है. इसके अलावा गोपालगंज, सीवान, भोजपुर, मुंगेर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया समेत राज्य के कई जिलों में मालदह आम की अच्छी पैदावार होती है. यह बिहार की सबसे व्यापक रूप से उगाई जाने वाली आम की किस्मों में शामिल है. इसके अलावा भी आमों की लंबी वैरायटी बिहार में उपलब्ध है.
इन आमों की खासियत जान लीजिए बिहार में होने वाले अलग अलग तरह के आमों की पहचान भी अलग अलग है. इसमें जर्दालू आम का गूदा बेहद रसदार, मुलायम और रेशारहित होता है. इसमें प्राकृतिक मिठास अधिक होती है और इसकी सुगंध काफी तेज और आकर्षक होती है. इसका छिलका पकने पर सुनहरा पीला हो जाता है और फल का आकार मध्यम होता है. इसकी मांग बिहार के अलावा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत कई राज्यों और विदेशों तक रहती है.
मालदह आम बिहार की सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से उगाई जाने वाली किस्मों में से एक है. मालदह का स्वाद बेहद मीठा और संतुलित होता है, इसलिए यह हर उम्र के लोगों को पसंद आता है. मालदह आम लंबे समय तक ताजा रहता है, इसलिए इसे दूर-दराज के बाजारों तक आसानी से भेजा जा सकता है.
चौसा आम भारत की सबसे लोकप्रिय और स्वादिष्ट आम की किस्मों में से एक है. इसमें प्राकृतिक मिठास अधिक होती है, इसलिए इसे आम की सबसे मीठी किस्मों में गिना जाता है. पकने पर इसका रंग सुनहरा पीला हो जाता है. गुठली पतली होती है.
सूरजपुरी आम बिहार के सीमांचल क्षेत्र, खासकर पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार और अररिया में उगाई जाने वाली एक पारंपरिक और स्थानीय किस्म है. सूरजपुरी आम का स्वाद मीठा और हल्का खट्टापन लिए होता है. इसका आकार छोटा होता है.
गुलाब खास अपनी गुलाब जैसी हल्की सुगंध और बेहतरीन स्वाद के लिए जाना जाता है. पकने पर इसका छिलका पीला और हल्की लालिमा लिए दिखाई देता है, जिससे इसकी आकर्षक पहचान बनती है.
कृष्ण भोग का गूदा गाढ़ा, मुलायम, रसदार और लगभग रेशारहित होता है. इसे प्रीमियम किस्मों में गिना जाता है. पकने पर इसका छिलका पीले रंग का हो जाता है और कई फलों पर हल्की लालिमा भी दिखाई देती है.
आचार के लिए अलग आम उन्होंने बताया कि बिहार में कुछ ऐसी पारंपरिक आम की किस्में भी उगाई जाती हैं, जिन्हें मुख्य रूप से अचार बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इनमें रामकेला और देसी (बीजू) आम सबसे अधिक लोकप्रिय हैं. इन आमों का गूदा सख्त और स्वाद हल्का खट्टा होता है. इनका अचार लंबे समय तक स्वादिष्ट और सुरक्षित रहता है. इसलिए बिहार के घरों के साथ-साथ कमर्शियल लेवल पर भी इन दोनों किस्मों की मांग काफी रहती है.



