Rajasthan Ka Mausam | rajasthan weather report today | imd weather warning rainfall

Today Weather Rajasthan: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने राजस्थान में मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही अत्यंत तीव्र चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन और नाउकास्ट (Nowcast) चेतावनी के अनुसार राज्य के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है. दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 की उत्तरी सीमा (Northern Limit of SW Monsoon) अब तेजी से राजस्थान के पश्चिमी भागों की ओर अग्रसर है, जिसके कारण राज्य के अधिकांश जिलों में भारी मेघगर्जन, वज्रपात और अचानक तेज हवाएं चलने का सिलसिला शुरू हो गया है. मौसम विभाग ने जोधपुर, पाली, सिरोही, बालोतरा, जयपुर, बारां, झालावाड़, भीलवाड़ा और अजमेर सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए विशेष तौर पर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. आम जनता को सलाह दी गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या कमजोर संरचनाओं के नीचे शरण लेने से बचें.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के आपस में मिलने और राजस्थान के ऊपर एक मजबूत परिसंचरण तंत्र (Cyclonic Circulation) सक्रिय होने के कारण यह मौसमी बदलाव देखा जा रहा है. अगले तीन घंटों के भीतर कई क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल आशंका है. जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है, जिससे खेतों में खड़ी फसलों और बागवानी को नुकसान पहुंचने की संभावना है.
जोधपुर, जयपुर और भीलवाड़ा में भारी मेघगर्जन के साथ तीव्र बारिश की चेतावनीमौसम विभाग (IMD) की नाउकास्ट चेतावनी संख्या 11 और 12 के मुताबिक, जोधपुर, पाली, सिरोही, बालोतरा, जयपुर, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा जिलों में मौसम सबसे ज्यादा आक्रामक रहने वाला है. इन जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से तीव्र मेघगर्जन और गरज-चमक के साथ अचानक मूसलाधार बारिश हो सकती है. इसके साथ ही अचानक तेज हवाएं (Wind Speed 40-60 kmph) चलने, धूलभरी आंधी आने और वज्रपात होने की पूरी संभावना जताई गई है. शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जबकि ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों, झोपड़ियों और टिन शेड को मामूली नुकसान पहुंच सकता है. वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने और बिजली के उपकरणों को अनप्लग करने के निर्देश दिए गए हैं.
नागौर, सीकर और अजमेर संभाग में धूलभरी आंधी और हल्की से मध्यम वर्षाराजस्थान के मध्य और उत्तरी भागों की बात करें तो नागौर, सीकर, डीडवाना-कुचामन, टोंक, सवाई माधोपुर, कोटा, धौलपुर, दौसा, राजसमंद, सलूंबर, उदयपुर, जालौर, ब्यावर, चूरू, करौली और प्रतापगढ़ जिलों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम दर्जे की मेघगर्जन और गरज-चमक देखने को मिलेगी. इसके साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है. इन क्षेत्रों में दृश्यता (Visibility) में अचानक कमी आ सकती है, जिससे यातायात प्रभावित होने की उम्मीद है.
बीकानेर और जैसलमेर समेत पश्चिमी राजस्थान में मानसून की स्थितिमौसम विभाग के मानचित्र के अनुसार, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और फलोदी जैसे धुर पश्चिमी जिलों में भी मानसून की हलचल शुरू हो गई है. हालांकि, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जैसे सुदूर उत्तरी जिलों में फिलहाल कोई विशेष चेतावनी नहीं है, लेकिन वहां भी बादलों की आवाजाही बनी हुई है. पश्चिमी राजस्थान में चल रही तेज हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पिछले दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है. मौसम केंद्र जयपुर का कहना है कि आगामी 24 से 48 घंटों में मानसून पूरे राज्य को कवर कर लेगा, जिससे बारिश की गतिविधियों में और अधिक तेजी आएगी.
राजस्थान में आज किन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है?मौसम विभाग (IMD) ने जोधपुर, पाली, सिरोही, बालोतरा, जयपुर, बारां, झालावाड़, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और ब्यावर समेत कई जिलों में तीव्र मेघगर्जन और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
इस मौसमी बदलाव के दौरान हवा की गति क्या रहने वाली है?ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा और येलो अलर्ट वाले क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है.
क्या राजस्थान में ओलावृष्टि की भी संभावना है?हां, मौसम विभाग के अनुसार भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, जयपुर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ-साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है.
मौसम खराब होने पर आम जनता को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?मेघगर्जन के समय पेड़ों के नीचे शरण न लें, बिजली के उपकरणों को बंद रखें, कमजोर संरचनाओं से दूर रहें और जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाने से बचें.



