Venezuela India Relations अमेरिका के सताए इस देश में भारत बन गया मसीहा, रोज 400 लोगों दे रहे दुआएं, मंत्री बोले ‘भाईचारे का सबूत’

दुनिया के नक्शे पर एक ऐसा देश है जो लंबे समय से अमेरिका के जुल्मों, पाबंदियों और कड़े आर्थिक संकट की मार झेल रहा है. पाई-पाई को तरसते इस देश पर पिछले दिनों कुदरत ने भी ऐसा कहर ढाया कि पूरा मुल्क मलबे के ढेर में तब्दील हो गया. ये देश वेनेजुएला है, जहां पर 24 जून को आए विनाशकारी भूकंप ने या था और इसमें 2300 से ज्यादा मासूमों की जान ले ली चली गई. सिर्फ यही नहीं 5000 से ज्यादा लोग जिंदा रहने के लिए जंग लड़ रहे हैं. जब वेनेजुएला के अस्पताल मलबे में मिल चुके थे और दुनिया के बड़े देशों ने मुंह मोड़ लिया था, तब सात समंदर पार से भारत ‘मसीहा’ बनकर आया.
मलबे के बीच भारत ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’
संकट की इस घड़ी में पीएम मोदी ने वेनेजुएला के लिए ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ लॉन्च किया, जिसके तहत भारतीय सेना ने वहां रातों-रात एक ऐसा हाई-टेक फील्ड हॉस्पिटल खड़ा कर दिया है, जो अब वेनेजुएला के लोगों के लिए जिंदगी की नई उम्मीद बन गया है.
वेनेजुएला में आए इस जलजले के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयिसस ने भी चेतावनी दी थी कि यहां हालात काबू से बाहर हो चुके हैं और मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ सकता है. ऐसे डरावने माहौल के बीच भारतीय सेना के डॉक्टर्स, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ ने नेशनल हिप्पोड्रोम इंस्टीट्यूट के परिसर में मोर्चा संभाला. भारत ने बिना एक पल गंवाए अपना पूरा ‘फील्ड हॉस्पिटल’ वहां लैंड करा दिया.
आज आलम ये है कि इस चलते-फिरते अस्पताल में वो तमाम सुविधाएं मौजूद हैं, जो किसी बड़े शहर के कॉर्पोरेट हॉस्पिटल में होती हैं. मलबे से निकाले जा रहे घायलों को तुरंत स्ट्रेचर पर यहां लाया जा रहा है. भारतीय डॉक्टर्स की टीमें चौबीसों घंटे बिना सोए, बिना थके सिर्फ एक ही मिशन में जुटी हैं- वेनेजुएला के लोगों की जान बचाना.
रोज 400 लोग दे रहे दुआएं: दर्द पर मरहम लगा रहा है हिंदुस्तान
ये सिर्फ एक अस्पताल नहीं है, बल्कि वेनेजुएला के लोगों के लिए एक मंदिर जैसा बन चुका है, जहां रोज लगभग 400 से ज्यादा पीड़ितों का मुफ्त और विश्वस्तरीय इलाज किया जा रहा है. भूकंप में जिन लोगों की हड्डियां टूट चुकी हैं या सिर पर गंभीर चोटें आई हैं, भारतीय डॉक्टर्स वहां उनकी माइनर सर्जरी कर रहे हैं. अस्पताल में बकायदा एक एडवांस एक्स-रे यूनिट और डेंटल केयर यूनिट भी चालू की गई है.
सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि दूसरों की जान बचाते-बचाते जो वेनेजुएला के रेस्क्यू कर्मी खुद घायल हो गए थे, भारतीय डॉक्टर्स उनका भी इलाज उतनी ही शिद्दत से कर रहे हैं.
इलाज के साथ-साथ भारत की तरफ से टनों मेडिकल सप्लाई और जीवन रक्षक दवाइयां मुफ्त बांटी जा रही हैं. जब कोई मां अपने बच्चे को ठीक कराकर इस अस्पताल से निकलती है, तो उसकी आंखों में आंसू होते हैं और जुबान पर पीएम मोदी और भारत के लिए ढेर सारी दुआएं.
वेनेजुएला के विदेश मंत्री ने खुद देखा ‘चमत्कार’, बोले- ‘ये भाईचारे का सबूत है’
भारत की इस मदद देखने के लिए वेनेजुएला के विदेश मंत्री इवान गिल (Yvan Gil) खुद भारत के राजदूत पीके अशोक बाबू के साथ इस फील्ड अस्पताल का दौरा करने पहुंचे. वहां भारतीय सेना ने जो सिस्टम खड़ा कर दिया, उसे देखकर विदेश मंत्री इवान गिल हैरान रह गए. उन्होंने भारत की तारीफों के पुल बांध डाले.
इवान गिल ने कहा ‘हम आपको बताना चाहते हैं कि हमने इस फील्ड अस्पताल का दौरा किया है. ये अस्पताल भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया है, जो हमारी एक मित्र सरकार है, एक भाई जैसी सरकार है. हम भारत सरकार और उनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल से शुक्रिया अदा करते हैं. वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की हालिया भारत यात्रा के बाद यह हमारे लिए ‘भाईचारे का एक अद्भुत सबूत’ है. दुख की इस घड़ी में भारतीय डॉक्टर्स और नर्सें जिस तरह 24 घंटे काम कर रहे हैं, उसे धन्यवाद देने के लिए हमारे पास शब्द नहीं हैं’.



