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Tips And Tricks: बारिश में घर में घुस रहे हैं मेंढक? अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय, मिलेगी टर्र-टर्र से राहत

Last Updated:July 09, 2026, 08:27 IST

How to Get Rid of Frogs During Rainy Season: बारिश के मौसम में घरों के आसपास नमी बढ़ने से मेंढकों की आवाजाही बढ़ जाती है. ऐसे में साफ-सफाई, जलभराव रोकना, लंबी घास और झाड़ियों की नियमित कटाई तथा नालियों की सफाई जैसे उपाय अपनाकर उन्हें काफी हद तक घर से दूर रखा जा सकता है. जरूरत पड़ने पर नमक के पानी, कॉफी, नींबू और सिरके जैसे घरेलू उपाय भी अपनाए जाते हैं, हालांकि इनके प्रभाव के वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं. यदि कोई मेंढक घर के अंदर आ जाए, तो उसे सुरक्षित तरीके से बाहर छोड़ना चाहिए. पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्हें नुकसान पहुंचाने से बचना जरूरी है.

बारिश का मौसम शुरू होते ही गांवों और शहरों में नमी बढ़ जाती है. ऐसे में घरों के आसपास, बगीचों, आंगन, बरामदों और कई बार कमरों के अंदर भी मेंढक दिखाई देने लगते हैं. रात के समय इनकी टर्र-टर्र की आवाज कई लोगों की नींद खराब कर देती है. छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भी इससे परेशानी होती है. कुछ आसान घरेलू तरीके अपनाकर आप बारिश के मौसम में मेंढकों की परेशानी से काफी हद तक राहत पा सकते हैं और अपने घर का वातावरण साफ व सुरक्षित बनाए रख सकते हैं. मेंढकों को घर से दूर रखने का सबसे आसान तरीका साफ-सफाई है. बारिश के दिनों में घर के आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें, क्योंकि मेंढक ऐसी जगहों पर सबसे ज्यादा आते हैं. पुराने टायर, टूटे बर्तन, खाली ड्रम, गमले और अन्य सामान में बारिश का पानी जमा हो जाता है, इसलिए इन्हें समय-समय पर खाली करते रहें.

घर के आसपास उगी लंबी घास, झाड़ियां और खरपतवार की नियमित सफाई करें. यदि घर के पास नाली है, तो उसकी भी समय-समय पर सफाई करते रहें, ताकि पानी का बहाव बना रहे. इसके अलावा दरवाजों और खिड़कियों के नीचे की खाली जगह को बंद करें, जाली लगवाएं और शाम के समय बेवजह दरवाजे खुले न छोड़ें. इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखने से मेंढकों के घर में आने की संभावना काफी कम हो जाती है.

यदि साफ-सफाई के बाद भी मेंढक घर के आसपास दिखाई देते हैं, तो कुछ घरेलू उपाय भी अपनाए जा सकते हैं. कई लोग बारिश के मौसम में नमक मिले पानी से पोछा लगाते हैं और घर के बाहर या पानी की टंकी के आसपास हल्का नमक छिड़कते हैं. वहीं, कुछ लोग हल्के गुनगुने पानी में कॉफी पाउडर मिलाकर उसका घोल तैयार करते हैं और स्प्रे बोतल की मदद से बगीचे, घास और पौधों के आसपास उसका छिड़काव करते हैं. माना जाता है कि इन उपायों से मेंढक उन जगहों पर कम आते हैं. हालांकि, इन उपायों के प्रभाव के बारे में वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं. किसी भी चीज का अत्यधिक उपयोग नहीं करना चाहिए और पौधों या मिट्टी को नुकसान पहुंचाने से भी बचना चाहिए. इन उपायों के साथ घर की नियमित साफ-सफाई बनाए रखना भी जरूरी है.

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मेंढकों को दूर रखने के लिए कुछ लोग नींबू और सिरके का मिश्रण भी इस्तेमाल करते हैं. इसके लिए पानी में थोड़ा सिरका और दो नींबू का रस मिलाकर स्प्रे तैयार किया जाता है, जिसे घर के बाहर, गार्डन और उन जगहों पर छिड़का जाता है, जहां नमी अधिक रहती है. इसके अलावा कुछ लोग ब्लीचिंग पाउडर का हल्का घोल बनाकर बाथरूम, नालियों और पानी की टंकी के आसपास उपयोग करते हैं. हालांकि, इन उपायों के प्रभाव के बारे में वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं.यदि ऐसे किसी रसायन का इस्तेमाल करें, तो उसे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें. साथ ही उसे सीधे पौधों, तालाबों या उन स्थानों पर न डालें, जहां अन्य जीवों को नुकसान हो सकता है. यदि कोई मेंढक घर के अंदर आ जाए, तो उसे डिब्बे या बाल्टी की मदद से सावधानीपूर्वक पकड़कर बाहर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दें. उसे मारना या चोट पहुंचाना उचित तरीका नहीं है.

बारिश के मौसम में मेंढकों की आवाजाही कम करने का सबसे प्रभावी तरीका यह है कि घर और उसके आसपास का वातावरण साफ, सूखा और सुव्यवस्थित रखा जाए. जहां कीड़े-मकोड़े कम होंगे, वहां मेंढक भी कम आएंगे, क्योंकि उनका मुख्य भोजन कीट-पतंगे होते हैं. इसलिए नियमित रूप से घास की कटाई करें, कचरा इकट्ठा न होने दें, रात में आवश्यकता के अनुसार ही बाहर की लाइट जलाएं और पानी जमा होने वाली जगहों को समय-समय पर साफ करते रहें. यदि इन उपायों को नियमित रूप से अपनाया जाए, तो घर के आसपास मेंढकों की संख्या काफी हद तक कम की जा सकती है और उनकी टर्र-टर्र की आवाज से भी राहत मिल सकती है. साथ ही यह भी याद रखें कि मेंढक पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. इसलिए उन्हें नुकसान पहुंचाने के बजाय सुरक्षित तरीके से घर से दूर रखना ही सबसे उचित और जिम्मेदार तरीका है.

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