ED ने संपत्ति अटैच की, फिर 20 करोड़ का बजरी खनन ठेका कैसे मिला? मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने CM को लिखा पत्र

जयपुर. राजस्थान के बहुचर्चित वरिष्ठ अध्यापक भर्ती पेपर लीक मामले में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है. कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को नया पत्र लिखकर पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड सुरेश ढाका और उसके परिवार के आर्थिक नेटवर्क की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. मीणा ने इस बार खास तौर पर ढाका के पिता मांगीलाल को मिले करीब 20 करोड़ रुपये के बजरी खनन ठेके पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पूरे मामले की एसआईटी या किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए.
उनका कहना है कि जब प्रवर्तन निदेशालय पहले ही सुरेश ढाका की करोड़ों रुपये की संपत्तियां अटैच कर चुका है, तब उसके पिता के पास इतना बड़ा निवेश करने के लिए धन कहां से आया, इसकी पड़ताल जरूरी है. मीणा ने इस मामले को केवल खनन तक सीमित नहीं बताते हुए भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता, आर्थिक लेन-देन और कथित संरक्षण के पूरे नेटवर्क की जांच की मांग की है. किरोड़ी लाल मीणा ने अपने पत्र में लिखा है कि सुरेश ढाका वरिष्ठ अध्यापक भर्ती पेपर लीक मामले का मुख्य आरोपी है और उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं.
10 मामलों में वांटेड सुरेश ढाका के पिता कैसे मिल गया ठेका
उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक सामने आने के बाद 28 दिसंबर 2022 को ढाका जयपुर से फरार हो गया था. इसके बावजूद उसके परिवार की आर्थिक गतिविधियां लगातार बढ़ती रहीं. ऐसे में यह जांच का विषय है कि 10 मामलों में वांटेड रहे उसके पिता मांगीलाल को करीब 20 करोड़ रुपये का बजरी खनन ठेका किस आधार पर मिला और इस निवेश के लिए धन का स्रोत क्या था. मीणा ने अपने पहले दिए गए साक्ष्यों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हीं तथ्यों के आधार पर ईडी ने सुरेश ढाका की संपत्तियां अटैच की थीं. अब यदि परिवार के पास बड़े पैमाने पर आर्थिक संसाधन मौजूद हैं तो उनकी भी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए. उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि मामले की जांच एसआईटी या किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए, ताकि किसी तरह के प्रभाव या पक्षपात की आशंका न रहे.
कांग्रेस में शामिल रहीं स्पर्धा चौधरी का भी जिक्र किया
मंत्री ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें वे अदालत परिसर में दिखाई दे रहे हैं. मीणा ने दावा किया कि ये तस्वीरें सुरेश ढाका के केस की पैरवी से जुड़ी हैं और आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेता ढाका को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. किरोड़ी लाल मीणा ने पूर्व में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से जुड़ी और बाद में कांग्रेस में शामिल रहीं स्पर्धा चौधरी का भी जिक्र किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि स्पर्धा चौधरी ही सुरेश ढाका के केस, उसकी संपत्तियों और वित्तीय गतिविधियों का प्रबंधन कर रही हैं.
स्पर्धा चौधरी और मांगीलाल से गहन पूछताछ की जाए
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि स्पर्धा चौधरी और मांगीलाल से गहन पूछताछ की जाए. उनका दावा है कि यदि दोनों से सख्ती से पूछताछ होती है तो फरार सुरेश ढाका तक पहुंचने में बड़ी सफलता मिल सकती है. पत्र में मीणा ने जांच एजेंसियों के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने संकेत दिया कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती तो मामला इतना लंबा नहीं खिंचता. उन्होंने मुख्यमंत्री से पेपर लीक मामलों में घोषित जीरो टॉलरेंस नीति का हवाला देते हुए निष्पक्ष, समयबद्ध और व्यापक जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.
गौरतलब है कि राजस्थान में पेपर लीक के मामलों को लेकर किरोड़ी लाल मीणा लगातार मुखर रहे हैं. उन्होंने पहले भी कई मामलों में दस्तावेज और साक्ष्य सार्वजनिक किए थे, जिसके बाद ईडी और अन्य एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए कई संपत्तियां अटैच की थीं. अब उनके नए पत्र ने सुरेश ढाका, उसके परिवार, कथित आर्थिक नेटवर्क और बजरी खनन ठेके को लेकर एक बार फिर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है.



