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IND vs ENG: वैभव सूर्यवंशी का प्लेइंग-11 से बाहर करना गावस्कर को नहीं आया पसंद, इस बयान से मचाई सनसनी

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वैभव सूर्यवंशी का प्लेइंग-11 से कटा पत्ता, गावस्कर ने इस बयान से मचाई सनसनी

Last Updated:July 11, 2026, 22:25 IST

sunil Gavaskar disappointing on vaibhav sooryavanshi dropped: वैभव सूर्यवंशी को मैनचेस्टर में खेले गए सीरीज के दूसरे टी20 में डेब्यू का मौका मिला, लेकिन वह सिर्फ 15 रन ही बना सके. इसके बाद खेले दो मुकाबलों में भी उनसे बड़ी पारी देखने को नहीं मिली. बार-बार वह एक ही तरह की गेंद (शॉर्ट) पर आउट होते नजर आए. जोफ्रा आर्चर ने दो बार उन्हें आउट किया. तीन मैचों में वह कुल 42 रन ही जोड़ सके.वैभव सूर्यवंशी का प्लेइंग-11 से कटा पत्ता, गावस्कर ने इस बयान से मचाई सनसनीZoomवैभव सूर्यवंशी के बाहर होने से नाखुश गावस्कर.

नई दिल्ली. भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए पांचवें टी20 मुकाबले में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने का फैसला चर्चा का विषय बन गया. टीम मैनेजमेंट ने वैभव की जगह संजू सैमसन की वापसी कराई, लेकिन यह फैसला भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर को बिल्कुल पसंद नहीं आया. उन्होंने लाइव प्रसारण के दौरान साफ कहा कि सिर्फ तीन मैचों के बाद इतने युवा खिलाड़ी को बाहर करना निराशाजनक है और भारत ने एक बड़ा मौका गंवा दिया.

सिर्फ तीन मैच बाद बाहर हुए वैभवइंग्लैंड दौरे पर वैभव सूर्यवंशी ने तीन टी20 मुकाबले खेले. इस दौरान उन्होंने 42 रन बनाए. उनका स्ट्राइक रेट अच्छा रहा, लेकिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की अतिरिक्त उछाल के सामने वह बड़ी पारी नहीं खेल सके. उन्हें आखिरी मुकाबले से बाहर कर दिया गया. वैभव को संजू सैमसन की जगह टीम में मौका मिला था. संजू आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर बल्ले से लगातार संघर्ष कर रहे थे, लेकिन निर्णायक मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने अनुभव को प्राथमिकता देते हुए उन्हें फिर से प्लेइंग इलेवन में शामिल किया.

यह फैसला बहुत निराशाजनक- गावस्करसुनील गावस्कर ने इस फैसले पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि वैभव को टीम में नहीं देखना बेहद निराशाजनक है. गावस्कर के कहा, टअगर यह ‘करो या मरो’ का मुकाबला होता तो अनुभवी खिलाड़ी को खिलाने का फैसला समझ में आता, लेकिन जब सीरीज पहले ही हाथ से निकल चुकी थी, तब युवा खिलाड़ी को और मौके देने चाहिए थे.’ उन्होंने कहा कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में ओपनिंग बल्लेबाज जरूरत पड़ने पर मध्यक्रम में भी बल्लेबाजी कर सकते हैं. वैभव ने अपनी प्रतिभा दिखाई है और ऐसे खिलाड़ी को सिर्फ तीन मैचों के बाद बाहर करना सही संदेश नहीं देता.

’15 साल के बच्चे का हौसला टूटना नहीं चाहिए’गावस्कर ने यह भी कहा कि किसी सीनियर खिलाड़ी को वैभव के पास जाकर यह भरोसा दिलाना चाहिए कि यह उनके करियर का अंत नहीं है. इस महान बल्लेबाज ने कहा, ‘इतनी कम उम्र के खिलाड़ी को सिर्फ तीन मैचों के बाद बाहर करना काफी कठोर फैसला है और इससे उसके आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है.’ भारत सीरीज पहले ही गंवा चुका था, इसलिए आखिरी मुकाबले के नतीजे से सीरीज पर कोई असर नहीं पड़ना था. ऐसे में टीम मैनेजमेंट के इस फैसले पर सवाल उठना तय माना जा रहा है. वैभव सूर्यवंशी को बाहर करने का फैसला अब सीरीज खत्म होने के बाद भी चर्चा में रहने वाला है. वहीं, सुनील गावस्कर की तीखी प्रतिक्रिया ने इस बहस को और तेज कर दिया है.

About the AuthorShivam Upadhyay

शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें

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