Opinion: खिलाड़ी बेकसूर, गौतम गंभीर की सनक ने कटाई टीम की नाक, 15 साल के बच्चे को भी नहीं छोड़ा

होमखेलक्रिकेट
खिलाड़ी बेकसूर, गंभीर की सनक ने कटाई नाक, 15 साल के बच्चे को भी नहीं छोड़ा
Last Updated:July 12, 2026, 12:04 IST
भारतीय क्रिकेट टीम को इंग्लैंड के खिलाफ पांच टी20 मैचों की सीरीज में 4-0 से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा. इस पूरे सीरीज में टीम इंडिया अस्थिर दिखी. हर मैच में भारतीय टीम के प्लेइंग इलेवन में प्रयोग देखा गया जो हार की मुख्य वजह रही. यही कारण है कि अब टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर की जमकर आलोचना हो रही है.गौतम गंभीर और वैभव सूर्यवंशी
नई दिल्ली: इंग्लैंड दौरे पर पांच टी20 मैचों की सीरीज में भारतीय टीम पूरी तरह से एक्सपोज हो गई. इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज से पहले भारत इस फॉर्मेट की नंबर एक टीम थी, लेकिन 4-0 से हार के बाद ये ताज उससे छिन गया. पूरे सीरीज में टीम इंडिया में उथल-पुथल नजर आई. एक तरह से भारतीय टीम में कोच गौतम गंभीर के निर्देश पर म्यूजिकल चेयर का गेम खेला जा रहा था.
इसका नतीजा ये हुआ टीम की बॉलिंग और बैटिंग दोनों में हालत खराब रही. हद तो तब हो गई जब कोच के फैसले के कारण खिलाड़ियों का करियर तक दांव पर लग गया. इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज में हार का अगर कोई जिम्मेदार है तो वह टीम के कोच हैं, क्योंकि उनके कुछ फैसले ऐसे रहे जो बैक फायर कर गई.
क्यों गौतम गंभीर हैं हार के मुजरीम?
किसी टीम को कैसे चलाना है ये पूरी तरह से कोच के ऊपर निर्भर करता है. मॉर्डन डे क्रिकेट में तो कोच के पास इतना अधिकार है कि मैच में ब्रेक दौरान वह मैदान पर जाकर खिलाड़ियों को टिप्स देते हैं, लेकिन सवाल ये है कि आखिर इंग्लैंड दौरे पर ऐसी क्या कमी रह गई थी कि टीम इंडिया को शर्मसार होना पड़ा है. इसका जवाब है टीम मैनेजमेंट की जल्दबाजी और गलत फैसले.
इंग्लैंड दौरे पर जब संजू सैमसन पहले मैच फ्लॉप में हुए तो उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया. ये वही, संजू हैं जिन्होंने इसी साल टी20 विश्व कप के लगातार तीन नॉकआउट मैच में अकेले दमपर जीत दिलाकर टीम चैंपियन बनाया. संजू को टीम से बाहर कर वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू कराया गया. वैभव को टीम में होना ही चाहिए था, इसमें कोई लाग लपेट नहीं है, लेकिन सवाल ये है किस कीमत पर.
वैभव के करियर से किया गया खिलवाड़
15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने हर वो काम किया जिसके लिए उनका डेब्यू होता, लेकिन बदकिस्मती से डेब्यू सीरीज में उनका बल्ला नहीं चल पाया. वैभव तीन मैचों में 13, 14 और 15 रन ही बना पाए. लगातार तीन मैच में वैभव के नहीं चलने से उन्हें भी ड्रॉप कर दिया गया. अगर टीम मैनेजमेंट को ऐसा ही करना था तो वैभव के डेब्यू में जल्दबाजी क्यों की? 15 साल के बच्चे पर उसका क्या असर होगा ये गौतम गंभीर नहीं सोचा? वैभव को उनके फॉर्म की वजह से ड्रॉप किया या फिर सोशल मीडिया पर संजू की वापसी को लेकर भारी दबाव में इस सवाल का जवाब गौतम गंभीर और उनकी टीम ही दे पाएगी, लेकिन जो भी फैसला लिया गया वह पूरी तरह से एक ब्लंडर था.
गंभीर को इंग्लैंड के कोच से सीख लेनी चाहिए
इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंडिया का ठीकरा इसलिए भी गौतम गंभीर फोड़ा जाना चाहिए क्योंकि, उन्होंने पूरे सीरीज में एक-एक बाद गलत फैसले लिए. गंभीर को इंग्लैंड की मैनेजमेंट से सीख लेनी चाहिए. भारत के खिलाफ इस सीरीज से पहले इंग्लैंड जोस बटलर रन बनाने के लिए जूझ रहे थे, लेकिन उन्हें लगातार मौका दिया गया और आखिरी मैच में उन्होंने अपनी टीम के लिए शतक लगाया.
सिर्फ इतना ही नहीं, सवाल ये भी उठता है कि क्या वैभव सूर्यवंशी को टीम से बाहर करना जरूरी था. भारतीय टीम सीरीज तो पहले ही गंवा चुकी थी तो क्या एक और मैच में वैभव को टेस्ट नहीं किया जा सकता था. बात रही संजू सैमसन की तो जो खिलाड़ी तीन मैच से बाहर बैठा हो, टीम में जगह को लेकर उसे कुछ पता नहीं कि वे रहेंगे भी या नहीं फिर उसे अचानक प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाता है. ऐसे में वह खिलाड़ी किस तरह की मानसिक स्थिति में खेलेगा, शायद ये गौतम गंभीर को अच्छे पता होगा, लेकिन टीम के कोच ने अपनी सनक के लिए अंग्रेजों के सामने सबको शर्मसार कर दिया.
About the AuthorJitendra Kumar
जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. इस वक्त नेटवर्क 18 समूह में हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, ह…और पढ़ें
न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें
Location :
New Delhi,Delhi



