राजस्थान में सितंबर से शुरू हो सकते हैं निकाय चुनाव, मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बताया आगे का पूरा रोडमैप

Last Updated:August 05, 2026, 16:44 IST
Rajasthan Nikaay Chunav Date 2026: राजस्थान में निकाय चुनाव सितंबर से शुरू हो सकते हैं. ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बाद आरक्षण तय होगा, फिर चुनाव कार्यक्रम जारी होगा. पंचायती राज एवं नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने संकेत देते हुए काफई बड़ी जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि जब पूरी आरक्षण प्रक्रिया स्पष्ट हो जाएगी, तब राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान हाईकोर्ट में दी गई समय-सीमा के अनुसार चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा.
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ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बाद तय होगा आरक्षण. फिर जारी होगा चुनाव कार्यक्रम, ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ मॉडल पर होगी प्रक्रियाजयपुर. राजस्थान में निकाय चुनाव का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है. पंचायती राज एवं नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने संकेत दिए हैं कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट मिलते ही आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा. यदि तय प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाती है तो सितंबर से नगरीय निकाय चुनाव शुरू हो सकते हैं.
न्यूज़18 राजस्थान से बातचीत में मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि सरकार राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद उसका परीक्षण करेगी. यह परीक्षण सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2022 के फैसले के अनुरूप किया जाएगा. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट पर निर्णय लेने में ज्यादा समय नहीं लगेगा और कुछ ही दिनों में ओबीसी के राजनीतिक आरक्षण पर फैसला कर लिया जाएगा.
इस क्रम से पूरी होगी आरक्षण प्रक्रियामंत्री के अनुसार सबसे पहले अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी के राजनीतिक आरक्षण पर निर्णय होगा. इसके बाद अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. अंत में महिलाओं के लिए आरक्षण तय करने के लिए लॉटरी निकाली जाएगी. उन्होंने कहा कि जब पूरी आरक्षण प्रक्रिया स्पष्ट हो जाएगी, तब राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान हाईकोर्ट में दी गई समय-सीमा के अनुसार चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा.
सितंबर से शुरू हो सकते हैं चुनावझाबर सिंह खर्रा ने कहा कि अधिसूचना जारी होने के बाद सितंबर से नगरीय निकाय चुनाव शुरू होने की संभावना है. निकाय चुनाव पूरे होने के बाद पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराए जाएंगे. उन्होंने बताया कि इस बार निकाय चुनाव ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ की अवधारणा के तहत कराए जाएंगे. उनका कहना है कि इससे पूरे प्रदेश में चुनाव एक साथ होंगे और अगले पांच वर्षों तक बार-बार चुनाव तथा आचार संहिता की वजह से विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे.
आचार संहिता पर भी दिया जवाबविधानसभा सत्र और संभावित आचार संहिता को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि आचार संहिता लागू होने की स्थिति में नई वित्तीय घोषणाएं नहीं की जा सकेंगी, लेकिन विधानसभा में नए विधेयक पेश करने पर कोई रोक नहीं होगी. उन्होंने बताया कि सरकार विधानसभा में तीन नए विधेयक पेश करेगी और सदन का कामकाज सामान्य रूप से चलता रहेगा.
सरकार ने गिनाए अपने काममंत्री ने कहा कि पिछले 31 महीनों में सरकार ने जल, कानून व्यवस्था और आमजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम किए हैं. उन्होंने दावा किया कि इस दौरान आयोजित सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराई गईं. पेपर लीक मामलों पर उन्होंने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ सबूत मिले हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.
विकास कार्यों के दम पर जनता के बीच जाएगी भाजपाविपक्ष के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि भाजपा किसी के दावों पर नहीं, बल्कि अपने काम पर भरोसा करती है. उन्होंने कहा कि सरकार अपने 31 महीनों के कामकाज के आधार पर जनता के बीच जाएगी और जनादेश मांगेगी. फिलहाल प्रदेश की नजर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट पर टिकी हुई है. रिपोर्ट आने के बाद आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होगी और उसके बाद निकाय चुनाव की आधिकारिक तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
August 05, 2026, 16:44 IST



