कूड़ेदान की गलत दिशा बिगाड़ सकती है घर का माहौल, यहां जानिए वास्तु के हिसाब से सही जगह

अंबाला: घर की साफ-सफाई को आमतौर पर लोग केवल स्वास्थ्य से जोड़कर देखते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसे सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आधार माना गया है. दरअसल, वास्तु विशेषज्ञों का कहना है कि घर में फैली गंदगी या कई दिनों तक जमा रखा कूड़ा केवल वातावरण को ही प्रदूषित नहीं करता, बल्कि परिवार की खुशहाली और आर्थिक स्थिति पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है. यही वजह है कि वास्तु शास्त्र में घर को हमेशा स्वच्छ और व्यवस्थित रखने पर विशेष जोर दिया गया है.
घर में कूड़ा जमा करने से बढ़ सकती है नकारात्मकता
इस बारे में लोकल18 को अधिक जानकारी देते हुए अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी बताते हैं कि घर में मौजूद हर वस्तु ऊर्जा का संचार करती है. यदि घर में लंबे समय तक कूड़ा इकट्ठा करके रखा जाता है, तो यह सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह में रुकावट पैदा करता है. इसके कारण घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ने लगता है, जिससे परिवार के सदस्यों के स्वभाव में चिड़चिड़ापन, मानसिक तनाव और आपसी असहमति जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं.
उनका कहना है कि स्वच्छ और व्यवस्थित घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है, जिससे परिवार में सुख-शांति का वातावरण कायम रहता है.
मां लक्ष्मी की कृपा से भी जोड़ी गई है स्वच्छता
उन्होंने बताया कि वास्तु शास्त्र के अनुसार, साफ-सफाई का सीधा संबंध मां लक्ष्मी की कृपा से भी माना गया है. मान्यता है कि जहां नियमित रूप से सफाई होती है और गंदगी को स्थान नहीं दिया जाता, वहां धन-धान्य की कमी नहीं रहती. इसके विपरीत, यदि घर में कई दिनों तक कूड़ा जमा रहे, तो बरकत रुकने लगती है और अनावश्यक खर्च बढ़ने की आशंका बनी रहती है.
ऐसे में आर्थिक परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है. इसलिए कूड़े को समय पर घर से बाहर निकालना शुभ माना गया है.
घर के विवादों की वजह नकारात्मक वातावरण?
पंडित दीपलाल जयपुरी के अनुसार, कई बार लोग यह समझ नहीं पाते कि छोटी-छोटी बातों पर घर में होने वाले विवादों की एक वजह नकारात्मक वातावरण भी हो सकता है. उन्होंने कहा कि वास्तु मान्यताओं के मुताबिक, लंबे समय तक घर में रखा कूड़ा नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है, जिससे परिवार के सदस्यों के बीच मनमुटाव, तनाव और कलह की स्थिति बनने लगती है.
ऐसे में नियमित सफाई और घर को व्यवस्थित रखना आवश्यक माना गया है. उनका कहना है कि केवल कूड़ा हटाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि डस्टबिन रखने की दिशा भी वास्तु में महत्वपूर्ण मानी गई है.
किस दिशा में रखें डस्टबिन?
पंडित दीपलाल जयपुरी ने बताया कि वास्तु शास्त्र के अनुसार, डस्टबिन को उत्तर-पश्चिम यानी वायव्य या दक्षिण-पश्चिम यानी नैऋत्य दिशा में रखना उचित माना जाता है. वहीं, उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में डस्टबिन रखने से बचने की सलाह दी जाती है.
वास्तु मान्यताओं में ईशान कोण को देवी-देवताओं का स्थान माना गया है. इस दिशा में गंदगी या कूड़ा रखने से सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होने की मान्यता है.
स्वच्छता स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी
पंडित दीपलाल जयपुरी का कहना है कि स्वच्छता केवल धार्मिक या वास्तु मान्यताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी यह बेहतर स्वास्थ्य, स्वच्छ वातावरण और मानसिक शांति के लिए आवश्यक है.
ऐसे में यदि घर को साफ-सुथरा रखा जाए, समय पर कूड़े का निस्तारण किया जाए और डस्टबिन को सही दिशा में रखा जाए, तो इससे न केवल घर का वातावरण बेहतर बनता है, बल्कि परिवार में सकारात्मकता और खुशहाली का एहसास भी बना रहता है.



