Sports

मेरी मदद कीजिए… उत्तराखंड के सबसे बड़े टैक्सपेयर, फिर भी घर की जमीन के लिए दर-दर भटक रहे ऋषभ पंत, अब सीएम धामी से लगाई गुहार

होमखेलक्रिकेट

मदद कीजिए… उत्तराखंड के सबसे बड़े टैक्सपेयर, फिर भी घर लिए भटक रहे हैं पंत

Last Updated:August 08, 2026, 07:54 IST

भारतीय क्रिकेट टीम के विस्फोटक ओपनर बल्लेबाज ऋषभ पंत दिल्ली को छोड़कर उत्तराखंड में अपना घर बनाने जा रहे हैं. हालांकि, पिछले तीन साल से पंत अपने गृह राज्य में घर बनाने के लिए जमीन ढूंढ रहे हैं, लेकिन उन्हें जमीन नहीं मिल पा रही है. ऐसे में परेशान होकर उन्होंने मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई है.Amazon Prime DayTop Deals Insideमदद कीजिए... उत्तराखंड के सबसे बड़े टैक्सपेयर, फिर भी घर लिए भटक रहे हैं पंतZoomऋषभ पंत ने जमीन के लिए सीएम से लगाई मदद की गुहार

नई दिल्ली: हाल ही में भारतीय क्रिकेट टीम के धाकड़ विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत उत्तराखंड के सबसे बड़े इंडिव्यूजल टैक्सपेयर बने. पंत ने पिछले वित्त वर्ष के लिए करीब 23 करोड़ 84 लाख रुपये टैक्स चुकाया, लेकिन जिस राज्य के लिए वह सबसे बड़े टैक्सपेयर बनकर सुर्खियों में आए, वहीं वह अपने घर के लिए दर-दर भटक रहे हैं. ऐसे में तंग आकर पंत ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मदद की गुहार लगाई है. दरअसल, पंत उत्तराखंड में अपने घर के लिए जमीन खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन तीन साल से उन्हें जमीन नहीं मिल पा रही है. यही कारण है कि पंत ने सीएम से मदद मांगी है.

पंत ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “नमस्ते सर, आप कैसे हैं? उत्तराखंड का मूल निवासी होने के नाते मेरे लिए यह एक लंबा समय रहा है. मैं दिल्ली से उत्तराखंड में घर के लिए जमीन खरीदने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन मुझे यहां रहने के लिए कोई सही जगह नहीं मिल सकी है. मुझे अपने उत्तराखंड से बहुत प्यार है.”

@pushkardhami hello sir how’s you ??? It’s a long time for me especially being local from Uttrakhand . I have been trying to buy land to shift my base from Delhi to Uttrakhand and I couldn’t find anything facilitating and big to live here I love my Uttrakhand. My humble request…

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj