Rajasthan

Bhilwara News: एक संकल्प, कई जिंदगियां… अंगदान अभियान में भीलवाड़ा 24,400 संकल्प पत्रों के साथ देश में अव्वल

Last Updated:August 08, 2026, 12:17 IST

अंगदान अभियान में भीलवाड़ा ने देशभर में मिसाल कायम की है। 1 से 31 जुलाई तक चले डिजिटल ऑर्गन डोनेशन अभियान में जिले के 24,400 लोगों ने ऑनलाइन संकल्प पत्र भरकर अंगदान और देहदान की सहमति दी, जिसके साथ भीलवाड़ा देश में पहले स्थान पर रहा. स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांवों से लेकर शहरों तक घर-घर पहुंचकर लोगों को जागरूक किया और अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया.

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भीलवाड़ा. चिकित्सा विभाग में जिले का पूरे देश प्रदेश में नाम रोशन किया है, डिजिटल ऑर्गन डोनेशन अभियान में भीलवाड़ा ने देशभर में मिसाल कायम की है. भीलवाड़ा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर से लेकर गांवों तक लोगों को अंगदान और देहदान के लिए जागरूक किया. 1 जुलाई से 31 जुलाई तक चले अभियान में भीलवाड़ा के 24,400 लोगों ने ऑनलाइन संकल्प पत्र भरकर अंगदान और देहदान की सहमति दी. इस उपलब्धि के साथ भीलवाड़ा देश में पहले स्थान पर रहा हैं. वहीं अहमदाबाद 22,580 संकल्प पत्रों के साथ दूसरे और झुंझुनूं 19,116 लोगों के साथ तीसरे स्थान पर रहा हैं, अभियान को सफल बनाने में एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं, बीसीएमओ और मेडिकल टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं. टीमों ने घर-घर जाकर लोगों से सीधे संवाद किया और अंगदान को लेकर फैली नेगेटिविटी और भ्रांतियां को दूर किया. लोगों को बताया गया कि मृत्यु के बाद दान किए गए दिल, लीवर, किडनी और आंखों जैसे अंग जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दे सकते हैं. बड़ी संख्या में लोगों के आगे आने से यह अभियान जनआंदोलन बन गया.

भीलवाड़ा की इस उपलब्धि पर जयपुर में आयोजित समारोह में कलेक्टर जसमीत संधू और सीएमएचओ डॉ. संजीव शर्मा को सम्मानित किया. यह सम्मान केवल प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग का नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों की संवेदनशील सोच का भी सम्मान है, जिन्होंने मृत्यु के बाद भी किसी को जीवन देने का संकल्प लिया. पीएम की पहल पर जिले में एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं, बीसीएमओ और मेडिकल टीम ने घर-घर पहुंचकर लोगों को अंगदान (ऑर्गन डोनेशन) के लिए प्रेरित किया और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया. लोगों को समझाया गया कि एक व्यक्ति के अंग कई जरूरतमंदों को नया जीवन दे सकते हैं. दिल (हार्ट), लीवर, किडनी, आंखों सहित कई ऑर्गन के ट्रांसप्लांट होने से दूसरों के काम आ सकते हैं. इसी का असर रहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने स्वेच्छा से अंगदान का संकल्प लिया.

अंगदान या देहदान की प्रक्रिया पूरी तरह सरल है, इच्छुक व्यक्ति ऑनलाइन संकल्प पत्र भरकर अपनी सहमति दर्ज करा सकता है.दानदाता की मृत्यु के बाद परिजनों की सहमति मिलने पर संबंधित मेडिकल कॉलेज या हॉस्पिटल की टीम जरूरी प्रोसेस पूरी करती है. राजस्थान में इसके लिए कई संस्थाएं भी हैं. अभियान के दौरान मेडिकल टीम ने लोगों से व्यक्तिगत स्तर पर संवाद किया. गांवों और शहरों में लगातार संपर्क अभियान चलाकर लोगों को अंगदान के सामाजिक महत्व से अवगत कराया. यही वजह रही कि भीलवाड़ा के लोगों ने इस अभियान में अच्छी भागीदारी निभाई और भीलवाड़ा जिला राष्ट्रीय स्तर पर पहले स्थान पर पहुंच गया.

About the AuthorMonali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…

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Bhilwara,Rajasthan

First Published :

August 08, 2026, 12:17 IST

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