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Typhoon Dolphin Effect on India-China-Japan: 216km की रफ्तार से दौड़ी आ रही आफत चीन-जापान में हड़कंप भारत भी नहीं बचेगा 1300 उड़ानें रद्द

Last Updated:August 09, 2026, 11:41 IST

Typhoon Dolphin Effect on India-China-Japan: भारत में मॉनसून से पैदा हुआ संकट किसी से छिपा नहीं है. इसी बीच पड़ोसी देश की ओर बढ़ रही एक आफत हमारी मुश्किलें दोगुनी करने वाली है. 216 किलोमीटर की मैक्सिमम रफ्तार वाला तूफान डॉल्फिन जापान-चीन को अपनी जद में लेने जा रहा है, जिससे हड़कंप मचा हुआ है. इसके बाद ये जैसे ही बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ेगा, भारतीय मॉनसून भी इसके लपेटे में आ जाएगा. Amazon Prime DayTop Deals Inside216km की रफ्तार से दौड़ी आ रही आफत, चीन-जापान में हड़कंप, भारत भी नहीं बचेगाZoom216 किलोमीटर की रफ्तार से बढ़ रही आफत. (रॉयटर्स)

Typhoon Dolphin Impact on India: पश्चिमी प्रशांत महासागर में उठा सुपर टाइफून डॉल्फिन इस वक्त सुर्खियों में छाया हुआ है. इस समय जापान से लेकर चीन और ताइवान तक चिंता बढ़ा रहा तूफान डॉल्फिन बेहद शक्तिशाली हवाओं के साथ आगे बढ़ रहा है. ये तूफान अपने रास्ते में भारी बारिश, तेज हवाएं और समुद्री लहरों का खतरा पैदा कर रहा है, जिसने पूरे इलाके की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. जापान के दक्षिणी ओकिनावा क्षेत्र में इसका असर पहले ही दिखाई दे चुका है, जहां 14 हजार बिल्डिंगों की बिजली गुल हो गई और 5 लोग इसकी चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठे.

मौसम विभाग के मुताबिक तूफान में स्थायी हवाओं की रफ्तार करीब 162 किलोमीटर प्रति घंटा मैक्सिमम रही, जबकि झोंकों की रफ्तार 216 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई. अब डॉल्फिन चीन के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है और इसके कारण बंदरगाह बंद किए गए हैं, उड़ानें रद्द हुई हैं और कई इलाकों में स्कूलों को भी बंद करना पड़ा है. इसके अलावा शंघाई में 1300 उड़ानों को भी रद्द कर दिया गया है, जबकि चीन करीब 3 लाख लोगों को एहतियातन दूसरी जगहों पर शिफ्ट कर दिया गया है.

डॉल्फिन तूफान के जुड़े 10 अपडेट 

ओकिनावा में 5 लोग घायल: तेज हवाओं के कारण ओकिनावा में पांच बुजुर्ग लोग घायल हुए. इनमें तीन लोग तेज हवा के कारण गिर गए, हालांकि किसी की चोट गंभीर नहीं बताई गई है.
14 हजार इमारतों की बिजली गुल: तूफान की तेज हवाओं ने ओकिनावा में बिजली व्यवस्था को प्रभावित किया है. करीब 14 हजार इमारतें बिजली के बिना रह गईं.
चीन के पूर्वी तट पर खतरा: डॉल्फिन के चीन के झेजियांग और फुजियान प्रांतों के बीच पहुंचने की आशंका है. इसके मद्देनजर चीन ने आपातकालीन तैयारियां तेज कर दी हैं.
बंदरगाहों पर रोक: झेजियांग में तूफान की चेतावनी को मैक्सिमम लेवल तक बढ़ाया गया है और कई बंदरगाहों का संचालन रोक दिया गया है. इसका असर समुद्री व्यापार पर भी पड़ सकता है.
162 फेरी रूट बंद: झेजियांग में यात्रियों के लिए चलने वाले करीब 162 फेरी रूट निलंबित कर दिए गए हैं. इसका उद्देश्य समुद्र में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
स्कूल और समुद्री गतिविधियां बंद: निंगबो में स्कूलों और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को रोक दिया गया है. पानी से जुड़ी गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है.
उड़ानों पर असर: तूफान के कारण जापान, चीन और ताइवान में कई उड़ानें रद्द हुई हैं. निंगबो एयरपोर्ट पर भी उड़ानों को निलंबित किया गया, जबकि ताइवान ने 63 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कीं.
600 मिमी तक बारिश की आशंका: पूर्वी झेजियांग के कुछ हिस्सों में 600 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हो सकती है. इतनी भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है.
चीन के तटीय इलाकों में तेज हवाएं और भारी बारिश: डॉल्फिन के कारण पूर्वी चीन में कई दिनों तक तेज हवाओं और भारी बारिश का दौर चलने की चेतावनी दी गई है. इससे परिवहन और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
ताइवान स्ट्रेट में भी तनाव: चीन ने ताइवान स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को अपने ट्रैफिक-कंट्रोल निर्देशों का पालन करने को कहा है. ताइवान ने इस आदेश की आलोचना की है. इस तरह तूफान का असर प्राकृतिक आपदा के साथ-साथ क्षेत्रीय तनाव के रूप में भी दिखाई दे रहा है.

तूफान की वजह से 1600 फ्लाइट्स शंघाई से कैंसिल. (रॉयटर्स)

भारत पर कैसे पड़ सकता है असर?

डॉल्फिन का सीधा खतरा भारत पर नहीं है, लेकिन इसका प्रभाव भारतीय मानसून के सिस्टम पर अप्रत्यक्ष रूप से पड़ सकता है. मौसम एक्सपर्ट के मुताबिक इतना शक्तिशाली तूफान पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में बड़ी मात्रा में गर्मी और नमी खींच सकता है. इससे उन मौसम प्रणालियों के लिए उपलब्ध नमी प्रभावित हो सकती है, जो बंगाल की खाड़ी और भारत में बारिश को बढ़ावा देती हैं. इसका नतीजा यह हो सकता है कि मध्य और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में मानसून की बारिश कुछ समय के लिए कमजोर पड़े और अस्थायी ड्राई स्पेल देखने को मिले यानि सामान्य दिनों की तुलना में कुछ दिनों तक बारिश कम हो सकती है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि भारत में मानसून खत्म हो जाएगा. मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि डॉल्फिन के कमजोर पड़ने या आगे बढ़ जाने के बाद मानसूनी गतिविधियां फिर सामान्य हो सकती हैं.

About the AuthorPrateeti Pandey

में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…

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August 09, 2026, 11:41 IST

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