ब्रॉड पीक पर मौत का मंजर, एवरेस्ट सहित 14 चोटियां फतह करने वाले पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का अब मिला शव

दुनिया के सबसे मशहूर पर्वतारोहियों में शुमार ब्रिटिश-नेपाली पर्वतारोही निर्मल ‘निम्स दाई’ पुर्जा का शव आखिरकार पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर हुए भीषण हिमस्खलन के कई दिन बाद बरामद कर लिया गया. उनके साथ तीन अन्य पर्वतारोहियों के शव भी रेस्क्यू टीम को मिले हैं. इस हादसे ने अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है.
पाकिस्तान के अल्पाइन क्लब ने रविवार को पुष्टि की कि ग्राउंड रेस्क्यू टीम ने ब्रॉड पीक से निर्मल पुर्जा, वांग झोंग, नीमा शेरपा और किली पेम्बा शेरपा के शव बरामद किए हैं. हालांकि खराब मौसम और दुर्गम इलाके के कारण शवों को नीचे लाने का अभियान अभी भी जारी है.
हिमस्खलन की चपेट में आया था 10 सदस्यीय दल
ब्रॉड पीक पर चढ़ाई के दौरान 10 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण दल अचानक आए शक्तिशाली हिमस्खलन की चपेट में आ गया था. इसके बाद सेना, स्थानीय प्रशासन, शेरपा गाइड और स्वयंसेवकों की मदद से बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया गया.
शुक्रवार को रेस्क्यू टीम ने चार अन्य पर्वतारोहियों का पता लगा लिया था, लेकिन खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सके. ऐसे में केवल तीन शवों को ही नीचे लाया जा सका. इनमें ओमान की नाथिरा अहमद, अमेरिका की मैलोरी गीस और नेपाल के बहादुर गुरुंग शामिल थे.
रविवार को भी सेना के सहयोग से अभियान जारी रहा. अधिकारियों के मुताबिक, दो पर्वतारोही अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.
दुनिया ने खो दिया पर्वतारोहण का एक बड़ा सितारा
निर्मल पुर्जा की पर्वतारोहण कंपनी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुनिया ने पर्वतारोहण का एक ऐसा महानायक खो दिया है, जिसने अपने साहस, विनम्रता और असंभव को संभव बनाने के जज्बे से लाखों लोगों को प्रेरित किया.
अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान के अध्यक्ष इरफान अरशद खान ने भी इस हादसे को वैश्विक पर्वतारोहण समुदाय के लिए “अपूरणीय क्षति” बताया और बचाव अभियान में शामिल सेना, नागरिक एजेंसियों और शेरपाओं की सराहना की.
189 दिनों में फतह की थीं दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियां
नेपाल में जन्मे और ब्रिटिश सेना के पूर्व सैनिक रहे निर्मल पुर्जा, जिन्हें दुनिया ‘निम्स दाई’ के नाम से जानती थी, ने 2019 में इतिहास रच दिया था. उन्होंने महज 189 दिनों में दुनिया की 14 सबसे ऊंची पर्वत चोटियों पर चढ़ाई पूरी कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था.
उनकी इस असाधारण उपलब्धि पर नेटफ्लिक्स की चर्चित डॉक्यूमेंट्री ’14 Peaks: Nothing Is Impossible’ भी बनी, जिसने उन्हें दुनिया भर में पहचान दिलाई. हालांकि उनका यह रिकॉर्ड 2023 में टूट गया था.
पाकिस्तानी गाइड भी अब तक लापता
इस अभियान में शामिल पाकिस्तान के अनुभवी पर्वत गाइड सोहैल साखी भी अब तक लापता हैं. वह एडवेंचर ट्रैवल कंपनी ‘मूविंग माउंटेन्स’ के साथ जुड़े थे और एक भूगोलविद तथा हाई-एल्टीट्यूड फोटोग्राफर के रूप में भी जाने जाते थे.
पाकिस्तान के उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में पर्वतारोहण के दौरान हिमस्खलन, बर्फ और चट्टानों का गिरना, अत्यधिक ऊंचाई तथा तेजी से बदलता मौसम अक्सर जानलेवा साबित होता है. यही वजह है कि हर साल यहां कई बड़े हादसे सामने आते हैं.



