Health Tips: शराब नहीं पीते फिर भी हो सकता है फैटी लिवर, आपकी ये आदतें बढ़ा रही हैं खतरा, डॉक्टर से जानें बचाव

Fatty Liver Causes and Prevention Tips: फैटी लिवर का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के मन में शराब का ख्याल आता है, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है. शराब न पीने वाले लोगों में भी लिवर में फैट जमा होने की समस्या हो सकती है. खान-पान की गलत आदतें, बढ़ता वजन, शरीर में अनहेल्दी फैट और ट्राइग्लिसराइड का बढ़ा स्तर लिवर पर असर डाल सकता है. डॉक्टर रिद्धि पांडे ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि आज ऐसे कई लोग जांच में सामने आ रहे हैं, जो शराब का सेवन नहीं करते, लेकिन उनके लिवर में फैट जमा पाया जाता है. आइए जानते हैं आखिर इसके पीछे की वजह क्या है.
डॉक्टर रिद्धि पांडे के मुताबिक, जांच के दौरान कई लोगों में ग्रेड-1 फैटी लिवर की समस्या सामने आती है. फैटी लिवर सिर्फ शराब पीने की वजह से हो, ऐसा नहीं है. व्यक्ति का खान-पान और रोजाना की जीवनशैली भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है. आज के समय में तला-भुना खाना, बाहर का भोजन, प्रोसेस्ड फूड और ज्यादा मीठी चीजों का सेवन बढ़ गया है. इन आदतों की वजह से शरीर में अतिरिक्त फैट बढ़ सकता है, जिसका असर लिवर पर भी पड़ सकता है.
ट्राइग्लिसराइड बढ़ना भी नजरअंदाज न करेंडॉक्टर ने बताया कि शरीर में ट्राइग्लिसराइड का स्तर बढ़ना भी फैटी लिवर से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है. ट्राइग्लिसराइड एक तरह का फैट है, जो खून में मौजूद होता है. इसका स्तर ज्यादा होने पर दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है. शरीर में फैट के मेटाबॉलिज्म और लिवर के बीच सीधा संबंध होता है. ऐसे में शरीर में फैट से जुड़ी गड़बड़ी होने पर उसका असर लिवर पर भी पड़ सकता है.
शराब के अलावा ये चीजें भी जिम्मेदारशराब फैटी लिवर का एक कारण हो सकती है, लेकिन इसे इसका अकेला कारण मानना सही नहीं है. शराब न पीने वाले लोगों में भी यह समस्या देखी जा रही है. खराब खान-पान इसका एक बड़ा कारण हो सकता है. ज्यादा तला-भुना खाना, बाहर का भोजन, पैक्ड और प्रोसेस्ड फूड और जरूरत से ज्यादा मीठा खाने की आदत शरीर में फैट बढ़ा सकती है. लंबे समय तक ऐसी जीवनशैली रहने पर लिवर की सेहत प्रभावित हो सकती है.
खाने की गुणवत्ता पर भी दें ध्यानडॉक्टर रिद्धि पांडे ने लोगों को खाने की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने की सलाह दी है. वहीं रोजाना इस्तेमाल होने वाले फल, सब्जियां, अनाज और दूसरी खाद्य सामग्री खरीदते समय उनकी गुणवत्ता का ध्यान रखना जरूरी है. फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करना चाहिए.
फैटी लिवर से बचने के लिए क्या करें?फैटी लिवर के खतरे को कम करने के लिए सबसे पहले अपने खान-पान और जीवनशैली पर ध्यान देना जरूरी है. भोजन में संतुलन रखें और बहुत ज्यादा तला-भुना, पैक्ड और प्रोसेस्ड खाना कम करें. फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर इस्तेमाल करें. इसके साथ ही नियमित शारीरिक गतिविधि करें और वजन को स्वस्थ सीमा में रखने की कोशिश करें.किसी खास खाद्य पदार्थ या सप्लीमेंट को फैटी लिवर का इलाज समझकर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अगर किसी जांच में फैटी लिवर सामने आया है तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार खान-पान और जीवनशैली में बदलाव करना बेहतर है.
शुरुआत में पता नहीं चलते लक्षणफैटी लिवर कई बार शुरुआती दौर में बिना किसी साफ लक्षण के भी हो सकता है. इसलिए जिन लोगों में वजन बढ़ने, ट्राइग्लिसराइड बढ़ने या दूसरी वजहों से इसका खतरा हो, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच करानी चाहिए. समय पर समस्या का पता चलने पर खान-पान, वजन और रोजाना की आदतों में बदलाव करके लिवर की सेहत को बेहतर बनाया जा सकता है.



