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पेट की गर्मी ने कर दिया है बेहाल? गैस-जलन के साथ शरीर में भी लग रही तपिश तो अपनाएं ये 5 देसी उपाय

पेट में गर्मी या जलन महसूस होना काफी असहज हो सकता है. कई बार इसके साथ गैस, ब्लोटिंग, खट्टी डकार और बेचैनी जैसी परेशानियां भी होने लगती हैं. ऐसी स्थिति में व्यक्ति को भारीपन महसूस हो सकता है और रोजमर्रा के कामों में भी मन नहीं लगता. इसके पीछे खान-पान और लाइफस्टाइल से जुड़ी कई वजहें हो सकती हैं. बहुत ज्यादा मसालेदार या तला-भुना खाना, देर रात भोजन करना, जरूरत से ज्यादा खाना, शराब का अधिक सेवन और लंबे समय तक बैठे रहना इसके लक्षणों को बढ़ा सकता है. कुछ दवाओं, खासकर दर्द निवारक दवाओं के अधिक इस्तेमाल और पेप्टिक अल्सर जैसी समस्याओं में भी पेट में जलन हो सकती है.

ऐसी परेशानी में खान-पान को हल्का रखना और शरीर को पर्याप्त पानी देना मददगार हो सकता है. कुछ आसान विकल्पों को डाइट में शामिल किया जा सकता है.

पेट की गर्मी से राहत के लिए 5 चीजें
1. छाछ को डाइट में करें शामिल

छाछ हल्का पेय है और भोजन के साथ इसे लेना कई लोगों को अच्छा लगता है. इसमें मौजूद प्रोबायोटिक बैक्टीरिया पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद हो सकते हैं. पेट में जलन या भारीपन महसूस होने पर मसालेदार खाने की जगह हल्का भोजन और छाछ का सेवन किया जा सकता है. हालांकि, अगर डेयरी प्रोडक्ट लेने से गैस या परेशानी बढ़ती है तो इसे लेने से बचें.

2. दूध हर किसी के लिए सही नहीं

पेट की जलन में कुछ लोगों को ठंडा दूध थोड़ी देर के लिए राहत दे सकता है, लेकिन इसे हर व्यक्ति के लिए पेट की गर्मी का इलाज नहीं माना जा सकता. दूध से कुछ लोगों में एसिडिटी या पेट की परेशानी बढ़ भी सकती है. इसलिए अगर दूध पीने के बाद आराम के बजाय जलन, गैस या ब्लोटिंग बढ़ती है तो इसे छोड़ देना बेहतर है.

3. हल्का और सादा चावल खाएं

पेट खराब होने या जलन महसूस होने पर सादा उबला हुआ चावल आसानी से पचने वाले भोजन का विकल्प हो सकता है. इसे ज्यादा मसाले, तेल या मिर्च के बिना खाना बेहतर रहता है. चावल पकाने के बाद बचा हुआ पानी भी लिया जा सकता है, खासकर जब शरीर को अतिरिक्त तरल की जरूरत हो. इसके साथ हल्की छाछ ली जा सकती है, बशर्ते डेयरी से परेशानी न होती हो.

4. पेपरमिंट या कैमोमाइल चाय आजमा सकते हैं

कुछ लोगों को हर्बल टी से पाचन संबंधी असहजता में राहत महसूस होती है. कैमोमाइल चाय को रिलैक्सिंग ड्रिंक माना जाता है, जबकि पेपरमिंट पाचन से जुड़ी कुछ परेशानियों में उपयोग किया जाता है. हालांकि, अगर आपको एसिड रिफ्लक्स या सीने में जलन की समस्या रहती है तो पेपरमिंट लक्षण बढ़ा सकता है. इसलिए अपने शरीर की प्रतिक्रिया देखकर ही इसका सेवन करें.

5. पानी और पानी वाले फल लें

पेट में जलन या गर्माहट महसूस होने पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है. इसके अलावा खीरा, तरबूज और नारियल पानी जैसे पानी से भरपूर विकल्प डाइट में शामिल किए जा सकते हैं. सेब और आड़ू जैसे फल भी खाए जा सकते हैं. बहुत ज्यादा मसालेदार, तला-भुना और भारी खाना कुछ समय के लिए कम करना भी फायदेमंद हो सकता है.

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर पेट में जलन बार-बार होती है, कई दिनों तक बनी रहती है या इसके साथ तेज दर्द, लगातार उल्टी, निगलने में परेशानी, खून की उल्टी, काले रंग का मल या बिना वजह वजन कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे सिर्फ घरेलू उपायों से ठीक करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

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