कोटा को मिलेगी 100 ई-बसों की सौगात, 20 रूटों पर दौड़ेंगी AC बसें, जानें पूरा प्लान

Last Updated:August 12, 2026, 08:45 IST
Kota PM e-Bus Sewa: कोटा में पीएम ई-बस सेवा के तहत 100 में से 5 एसी ई-बसें डिपो पहुंच गई हैं. पहले चरण में 30 बसों का संचालन 20 रूटों पर शुरू होगा, जिसका किराया 10 से 60 रुपये प्रस्तावित है. सुभाष नगर डिपो में चार्जिंग स्टेशन तैयार हैं और ड्राइवरों की ट्रेनिंग जारी है. हालांकि, शहर के बस स्टॉपेज पर बैठने की जगह, डिजिटल रूट मैप और समय सारिणी जैसी मूलभूत यात्री सुविधाओं का अभी भी अभाव है.
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Kota: कोटा शहर में अब प्रदूषण-मुक्त, आधुनिक और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन सेवा की नई शुरुआत होने जा रही है. प्रधानमंत्री ई-बस सेवा (PM e-Bus Sewa Scheme) योजना के तहत स्वीकृत 100 इलेक्ट्रिक बसों में से पहली 5 वातानुकूलित (AC) ई-बसें सुभाष नगर स्थित डिपो में पहुंच चुकी हैं. नगर निगम और परिवहन विभाग की ओर से संचालन की अंतिम चरण की तैयारियां पूरी की जा रही हैं. पहले चरण में शहर की प्रमुख सड़कों पर 30 ई-बसों को उतारने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. ड्राइवरों और तकनीकी स्टाफ का प्रशिक्षण डिपो में तेजी से चल रहा है. अधिकारियों का अनुमान है कि अगस्त के मध्य तक कोटावासियों को ई-बस सेवा की सौगात मिल जाएगी.
कोटा शहर के यात्रियों के लिए यह सेवा कई मायनों में खास होगी. ये सभी बसें पूरी तरह एयर-कंडीशंड और आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं. बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन्हें लो-फ्लोर (Low-floor) डिजाइन में तैयार किया गया है, जिससे चढ़ने और उतरने में कोई परेशानी न हो. परिवहन विभाग ने शहर के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए लगभग 20 प्रमुख रूटों का चयन किया है. रेलवे स्टेशन, नयापुरा, तलवंडी, गुमानपुरा, कोचिंग एरिया (इंद्रप्रस्थ और राजीव गांधी नगर) और विज्ञान नगर जैसे व्यस्त इलाकों को इन रूटों में शामिल किया गया है. यात्रियों की सहूलियत के लिए न्यूनतम किराया 10 रुपये और अधिकतम किराया 60 रुपये तक प्रस्तावित किया गया है.
चार्जिंग स्टेशन तैयार, लेकिन बस स्टॉपेज की स्थिति चिंताजनकई-बसों के संचालन के लिए सुभाष नगर स्थित डिपो में मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है, जहां बसों को चार्ज करने के लिए आधुनिक चार्जिंग स्टेशन और मेंटेनेंस शेड स्थापित किए गए हैं. हालांकि, इस आधुनिक सेवा के समानांतर यात्री सुविधाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. शहर के प्रस्तावित बस स्टॉपेज पर मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव है. कई स्थानों पर शेड, यात्रियों के बैठने की कुर्सियां, पेयजल व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम गायब हैं. इसके अलावा, डिजिटल टाइमिंग डिस्प्ले और स्पष्ट रूट मैप की अनुपस्थिति यात्रियों को परेशानी में डाल सकती है.
बेहतर यात्री सूचना प्रणाली की दरकारकोटा एक प्रमुख कोचिंग हब है, जहां देश भर से लाखों छात्र आते हैं. ऐसे में एक पारदर्शी और सुव्यवस्थित पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम बेहद जरूरी है. विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नई और आधुनिक बसें सड़कों पर उतारना ही काफी नहीं है, बल्कि बस स्टैंड्स पर यात्रियों को बसों के आगमन और प्रस्थान का सटीक समय (Real-time tracking) पता होना चाहिए. स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि बस स्टॉपेज को आधुनिक रूप दिया जाए और डिजिटल इंफॉर्मेशन बोर्ड लगाए जाएं, ताकि पीएम ई-बस सेवा का वास्तविक लाभ आम जनता और छात्रों को सही मायने में मिल सके.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Kota,Kota,Rajasthan
First Published :
August 12, 2026, 08:45 IST



