Lado Protsahan Yojana Update | राजस्थान में बेटियों को मिलेंगे 1.50 लाख रुपये

Last Updated:August 12, 2026, 11:04 IST
Lado Protsahan Yojana Rajasthan: राजस्थान सरकार ने लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत बालिकाओं को मिलने वाली सहायता राशि 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दी है. अब प्रवेशोत्सव के दौरान ही पात्र बेटियों को इससे जोड़ा जाएगा. राशि 7 किस्तों में DBT के जरिए बैंक खातों में भेजी जाएगी. कक्षा 1 के बाद संतान संख्या की बाध्यता खत्म कर दी गई है. शाला दर्पण के जरिए 3rd से 6th किस्त का ऑटो-पेमेंट होगा. राजश्री योजना की पेंडिंग किस्तें भी इसी में मिलेंगी. इसका उद्देश्य बेटियों का ड्रॉपआउट रेट कम करना है.
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Lado Protsahan Yojana Rajasthan: लाडो प्रोत्साहन योजना में अब मिलेंगे ₹1.50 लाख, प्रवेशोत्सव में जुड़ेंगी बेटियां
Lado Protsahan Yojana Rajasthan: राजस्थान सरकार ने राज्य की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य और उनकी उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अपनी फ्लैगशिप ‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ को और अधिक प्रभावी बना दिया है. सरकार ने योजना के तहत मिलने वाली कुल सहायता राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दिया है. अब नए शैक्षणिक सत्र और स्कूलों में आयोजित होने वाले प्रवेशोत्सव के दौरान इस बढ़ी हुई राशि का बड़े स्तर पर प्रसार किया जाएगा, ताकि नामांकन (Admission) के समय ही हर पात्र बेटी को इस योजना से जोड़ा जा सके.
जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) चन्द्रशेखर जोशी ने बताया कि योजना को लेकर जिलों में भारी उत्साह देखा जा रहा है. उदाहरण के तौर पर मार्च तक मिले कुल 3663 बेटियों के आवेदनों का शिक्षा विभाग ने शत-प्रतिशत सत्यापन कर भुगतान सुनिश्चित कर दिया है. योजना के तहत मिलने वाली पूरी राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में सात अलग-अलग चरणों में हस्तांतरित की जाएगी.
प्रवेशोत्सव के दौरान चलेगा जागरूकता अभियान, घटेगा ड्रॉपआउट रेटप्रारंभिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने निर्देश दिए हैं कि प्रवेशोत्सव के दौरान विद्यालयों में आने वाले प्रत्येक अभिभावक को इस योजना की बारीकी से जानकारी दी जाए. इसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के स्कूल छोड़ने (Drop-out Rate) की दर में कमी लाना और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना है. योजना की प्रभावी मॉनिटरिंग की कमान ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की जिला टास्क फोर्स को सौंपी गई है, जो घर-घर सर्वे की नियमित समीक्षा कर रही है.
नहीं लगाने होंगे बार-बार चक्कर: जानें जरूरी पात्रता और नियमयोजना का लाभ पारदर्शी और आसान तरीके से मिले, इसके लिए सरकार ने कई प्रक्रियाओं को ऑटोमैटिक और सरल बना दिया है:
राजस्थान मूल निवासी: बालिका की माता (प्रसूता) का राजस्थान का मूल निवासी होना अनिवार्य है.
संतान सीमा की बाध्यता खत्म: तीसरी किस्त (कक्षा 1 में प्रवेश) के बाद से लाभ प्राप्त करने के लिए अब बच्चों की संख्या का कोई बंधन नहीं रखा गया है.
जन-आधार कार्ड अनिवार्य: योजना के सभी लाभ केवल जन-आधार (Jan-Aadhaar) कार्ड के माध्यम से ही देय होंगे.
राजश्री योजना का नया स्वरूप: पूर्व में चल रही मुख्यमंत्री राजश्री योजना की बची हुई लंबित किस्तें भी अब इसी लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत प्रदान की जाएंगी.
स्वतः (Auto) भुगतान प्रक्रिया: तीसरी से लेकर छठी किस्त प्राप्त करने के लिए माता-पिता को बार-बार नया आवेदन नहीं करना पड़ेगा. शाला दर्पण (Shala Darpan) पोर्टल के माध्यम से पुरानी किस्त की आईडी के आधार पर भुगतान अपने आप हो जाएगा.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
August 12, 2026, 11:04 IST



