Rajasthan

राजस्थान में सुस्त पड़ा मानसून, आज से बारिश पर ब्रेक, 20-21 अगस्त से फिर बरसेंगे बादल

जयपुर. राजस्थान में  आज से मानसून का नर्म रूख देखने को मिल सकता है.  आईएमडी के ताजा अपडेट के अनुसार 14 अगस्त से जोधपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर होने की संभावना है. हालांकि प्रदेश के उत्तरी, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में मौसम पूरी तरह साफ नहीं होगा. जयपुर, भरतपुर, कोटा और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है. कई जिलों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का भी अलर्ट है. पश्चिमी राजस्थान में बारिश का जोर कम होने की संभावना ज्यादा है, जबकि पूर्वी राजस्थान में स्थानीय स्तर पर बारिश का दौर बना रह सकता है.

आईएमडी के अनुसार 15 अगस्त से उत्तरी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की प्रबल संभावना है. इसका मतलब यह नहीं है कि बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी. जयपुर, भरतपुर, कोटा, सवाई माधोपुर, टोंक, सीकर, अलवर और आसपास के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं जोधपुर, फलोदी, जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, जालोर, पाली और पश्चिमी नागौर में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है.

राजस्थान में 14 अगस्त से जोधपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर होने का अनुमान

आज इन जिलों में येलो अलर्ट

पूर्वी राजस्थान के अजमेर, अलवर, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं पश्चिमी राजस्थान के डीडवाना-कुचामन में भी गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट है.

जयपुर, भरतपुर, कोटा और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना

चंबल सहित इन बांधों में बढ़ा पानी

राज्य में पिछले 24 घंटे के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. इस दौरान श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा. लगातार बारिश का असर नदियों और बांधों पर भी दिखाई दे रहा है. चंबल नदी का जलस्तर 130.15 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से महज 0.64 मीटर नीचे है. वहीं नौनेरा बांध से करीब 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. बीसलपुर बांध का जलस्तर भी 24 घंटे में 18 सेंटीमीटर बढ़कर 313.75 मीटर पहुंच गया है.

बीसलपुर बांध का जलस्तर 24 घंटे में 18 सेंटीमीटर बढ़कर 313.75 मीटर पहुंच गया है

राजस्थान में औसत से 10 फीसदी कम हुई है बारिश

• राजस्थान में 14 अगस्त से जोधपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर होने की संभावना है.

• जयपुर, भरतपुर, कोटा और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में 14 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है.

• पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.

• 15 अगस्त से उत्तरी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है.

• श्रीगंगानगर में 38.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सबसे अधिक रहा.

• लगातार बारिश के कारण चंबल नदी का जलस्तर 130.15 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से महज 0.64 मीटर नीचे है.

र्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं

• नौनेरा बांध से सात गेट खोलकर करीब 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी क्षेत्र में निगरानी बढ़ी है.

• बीसलपुर बांध का जलस्तर 24 घंटे में 18 सेंटीमीटर बढ़कर 313.75 मीटर पहुंच गया है, जबकि इसकी कुल क्षमता 315.50 मीटर है.

• राजस्थान में करीब 252.5 MM बारिश दर्ज हुई है, जो इस अवधि के सामान्य आंकड़े 277.69 MM से करीब 10 फीसदी कम है.

• बंगाल की खाड़ी में 17-18 अगस्त के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 20-21 अगस्त से राजस्थान में फिर बारिश बढ़ सकती है.

20-21 अगस्त से फिर बढ़ सकती है बारिश का दौर

मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार राजस्थान में मानसून की अगली गतिविधि को लेकर भी उम्मीद बनी हुई है. 17-18 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इसके प्रभाव से 20 या 21 अगस्त के आसपास राजस्थान में फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है. इस दौरान पूर्वी राजस्थान में बारिश का जोर अधिक रहने की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों को भी राहत मिल सकती है. राजस्थान में अब तक कुल बारिश सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम है. राजस्थान में करीब 252.5 MM बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 277.69 MM है. हालांकि हाल की बारिश से बारिश की कमी काफी कम हुई है. पूर्वी राजस्थान में सामान्य से करीब 20 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी राजस्थान अब भी करीब 11 प्रतिशत पीछे है.

बंगाल की खाड़ी में 17-18 अगस्त के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है

राजस्थान में 14 अगस्त से मौसम में क्या बदलाव आने वाला है?

14 अगस्त से राजस्थान के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां कमजोर होने की संभावना है. आइ्रर्एमडी के अनुसार जोधपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में बारिश कम होगी. हालांकि जयपुर, भरतपुर, कोटा और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है. पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है. 15 अगस्त से बारिश और कमजोर होने की संभावना है.

किन जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है?

पूर्वी राजस्थान के अजमेर, अलवर, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान के डीडवाना-कुचामन में भी इसी तरह का अलर्ट जारी किया गया है.

चंबल नदी और बांधों की क्या स्थिति है?

लगातार बारिश से राजस्थान की नदियों और बांधों में पानी बढ़ा है. चंबल नदी का जलस्तर 130.15 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से केवल 0.64 मीटर नीचे है. इटावा के नौनेरा बांध से करीब 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. बीसलपुर बांध का जलस्तर भी 24 घंटे में 18 सेंटीमीटर बढ़कर 313.75 मीटर पहुंच गया. प्रशासन ने नदी और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाई है.

राजस्थान में अब तक कितनी बारिश हुई है?

राजस्थान में करीब 252.5 MM बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 277.69 MM है. इस लिहाज से प्रदेश में बारिश करीब 10 फीसदी कम है. हालांकि पिछले कुछ दिनों में हुई अच्छी बारिश के कारण यह अंतर काफी कम हुआ है. पूर्वी राजस्थान में सामान्य से करीब 20 फीसदी अधिक बारिश दर्ज हुई है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में बारिश सामान्य से करीब 11 फीसदी कम रही है.

राजस्थान में अगला बारिश का दौर कब शुरू हो सकता है?

आईएमडी के अनुसार बंगाल की खाड़ी में 17-18 अगस्त के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इस मौसम सिस्टम के प्रभाव से 20 या 21 अगस्त के आसपास राजस्थान में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं. अगले दौर में भी पूर्वी राजस्थान में बारिश का जोर ज्यादा रहने की संभावना है. हालांकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों में भी बारिश हो सकती है. इससे बारिश की कमी वाले क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj