पाली की इंद्रा कॉलोनी में खौफ, गंदे पानी से कमजोर हो रही मकानों की नींव, लोग बोले- कोई नहीं सुनता

पाली. राजस्थान के पाली शहर की इंद्रा कॉलोनी से एक बेहद परेशान और डराने वाली तस्वीर सामने आ रही है. यहां रहने वाले सैकड़ों परिवार इस खौफ में जीने को मजबूर हैं कि न जाने कब बारिश आ जाए और उनके आशियाने भरभरा कर ढह जाए. ढहें भी क्यों न… महीनों से टूटी नालियों और सड़ रहे गंदे पानी ने यहां के दर्जनों मकानों की नींव को अंदर ही अंदर खोखला कर दिया है. क्षेत्रवासी लगातार नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं, पार्षदों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक नाफरमानी का आलम यह है कि अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही.
इंद्रा कॉलोनी में बड़ी मस्जिद के पास का पूरा इलाका इन दिनों नारकीय जीवन जीने को मजबूर है. जगह-जगह से क्षतिग्रस्त और अवरुद्ध पड़ी नालियों के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है. सबसे गंभीर बात यह है कि नालियों से लगातार हो रहे रिसाव के कारण आसपास के दर्जनों मकानों की नींव में पानी उतर रहा है, जिससे मकानों के जमींदोज होने का खतरा पैदा हो गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वे कई बार पार्षद से लेकर निगम अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है. क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा पाली का नगर निगम? देखिए इंद्रा कॉलोनी से हमारी यह खास ग्राउंड रिपोर्ट…
घर के अंदर तक लौट रहा गंदा पानी
इंद्रा कॉलोनी मस्जिद के पीछे की गली की स्थिति सबसे अधिक दयनीय है. स्थानीय निवासी कुबरा बानो ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उनके घर का धरातल (प्लिंथ लेवल) ज्यादा ऊंचा नहीं है. घर में कपड़े धोने या दैनिक कामकाज के बाद जब पानी बाहर नाली में बहता है, तो नाली जाम होने के कारण वह गंदा और बदबूदार पानी वापस उल्टा बहकर घर के अंदर आ जाता है. रोज-रोज घर में जमा होते इस दूषित पानी से न केवल बीमारियाँ फैलने का डर बना हुआ है, बल्कि बदबू के कारण सांस लेना भी दूभर हो गया है.
मकानों की नींव हो रही कमजोर, हादसों का खौफ
क्षेत्र के निवासी तेजराज का कहना है कि नालियों की सफाई न होने से गंदा पानी महीनों से एक ही जगह ठहरा हुआ है. यह रुका हुआ पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसकर आसपास की पक्की इमारतों और कच्चे-पक्के मकानों की नींव में समा रहा है. तेजराज बताते हैं कि पानी के सतत रिसाव से मकानों की नींव बेहद कमजोर हो चुकी है. अब जैसे ही हल्की बारिश भी आती है, तो डर बना रहता है कि कहीं कमजोर हो चुकी नींव के कारण मकान ढह न जाएं. हम एक-एक दिन डर के साये में गुजार रहे हैं.
पड़ोसियों में बढ़ रहा तनाव और झगड़ा
नालियों के उफान और जलभराव का असर अब सामाजिक ताने-बाने पर भी पड़ने लगा है. स्थानीय निवासी मोहम्मद इकबाल ने बताया कि नाली में पानी का निकास पूरी तरह ठप है. जगह-जगह से नाली टूटी हुई है, जिससे पानी बहने के बजाय गलियों में जमा रहता है. नाली जाम होने और पानी एक-दूसरे के घर के आगे जमा होने के कारण आए दिन पड़ोसियों के बीच आपस में कहासुनी और झगड़े की नौबत आ जाती है. यह समस्या पिछले कई महीनों से बनी हुई है, लेकिन नगर निगम का सफाई तंत्र पूरी तरह सुस्त पड़ा है.
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से आक्रोश
इंद्रा कॉलोनी के निवासियों का आरोप है कि समस्या के स्थायी समाधान और नई नाली निर्माण को लेकर वे स्थानीय पार्षद से लेकर नगर निगम के उच्च अधिकारियों तक को कई बार लिखित व मौखिक शिकायतें दे चुके हैं. हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं होती. मानसून की आहट या सामान्य बारिश में भी यह क्षेत्र किसी तालाब जैसा नजर आने लगता है.



