कर्मचारियों पर मेहरबान हुई भजनलाल सरकार, कैबिनेट की बैठक में कई मसले सुलझाकर उन पर लगाई मुहर

Last Updated:August 14, 2026, 15:46 IST
Rajasthan Service Rules Amendment: राजस्थान कैबिनेट ने राजस्थान सेवा नियम 1951 में तीन बड़े संशोधन किए हैं. अब राजपत्रित पद पर नियुक्ति के बाद पद त्याग करने पर वेतन-भत्तों की वसूली नहीं होगी, केवल प्रशिक्षण व्यय लिया जाएगा. नई सरकारी नियुक्ति पर कोई वसूली नहीं होगी. एकल महिला कर्मचारियों को CCL वर्ष में 6 बार मिलेगी और सरोगेट मदर को 180 दिन का मातृत्व अवकाश मिलेगा. इसके अलावा TAD विभाग में 470 छात्रावास अधीक्षक पदों पर भर्ती और वन विभाग कर्मचारियों के पदोन्नति नियमों में बड़े बदलाव को मंजूरी दी गई है.
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भजनलाल कैबिनेट के बड़े फैसले, कर्मचारियों को राहत
Jaipur: राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और युवाओं के हित में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं. जयपुर में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में राजस्थान सेवा नियम 1951 में तीन बड़े संशोधनों को मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग और वन विभाग के सेवा नियमों में भी संशोधन का अनुमोदन किया गया है. सरकार के इन फैसलों से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.
मंत्रिमंडल ने कर्मचारी कल्याण की भावना से राजस्थान सेवा नियम 1951 में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं. नए नियमों के अनुसार अब राजपत्रित पद पर नियुक्ति के बाद प्रशिक्षण के दौरान या प्रशिक्षण समाप्ति के दो वर्ष की अवधि में पद त्याग करने वाले कार्मिकों से केवल प्रशिक्षण व्यय की वसूली की जाएगी. उनसे इस दौरान भुगतान किए गए वेतन और भत्तों की वसूली बिल्कुल नहीं की जाएगी. इसके अलावा राज्य सरकार या केंद्र सरकार के विभागों अथवा उपक्रमों में नई नियुक्ति मिलने के कारण पद त्याग करने वाले कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है. अब ऐसे मामलों में प्रशिक्षण के दौरान मिले वेतन-भत्तों के साथ-साथ प्रशिक्षण व्यय की भी कोई वसूली नहीं की जाएगी.
एकल महिला कर्मचारियों और सरोगेसी के लिए विशेष प्रावधानमहिला कर्मचारियों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने दो बड़े निर्णय लिए हैं. एकल महिला राज्य कर्मचारियों को अब एक कैलेंडर वर्ष में चाइल्ड केयर लीव (CCL) तीन के स्थान पर छह चरणों में स्वीकृत की जा सकेगी. इससे एकल महिला कर्मचारी अपने बच्चों की देखभाल अधिक सहजता से कर सकेंगी. वहीं सरोगेसी के माध्यम से मातृत्व प्राप्त करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए भी ऐतिहासिक फैसला लिया गया है. अब सरोगेट मदर को 180 दिन का मातृत्व अवकाश और कमीशनिंग मदर को 90 दिन का मातृत्व अवकाश प्रदान किया जाएगा. इस संशोधन से महिला कर्मचारियों को अपने नवजात बच्चों के लालन-पालन के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा.
टीएडी विभाग में 470 पदों पर सीधी भर्ती का मार्ग प्रशस्तजनजाति क्षेत्रीय विकास (TAD) विभाग द्वारा संचालित राजकीय आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में छात्रावास अधीक्षक (वार्डन) के पदों को राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा (समान पात्रता परीक्षा) नियम 2022 में शामिल कर लिया गया है. कैबिनेट ने राजस्थान जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्य एवं अधीनस्थ सेवा नियम 2001 में परीक्षा की योजना, नेगेटिव मार्किंग, 40 प्रतिशत न्यूनतम उत्तीर्ण अंक और विस्तृत पाठ्यक्रम से जुड़े संशोधनों को मंजूरी दी है. इस निर्णय से टीएडी विभाग में छात्रावास अधीक्षक महिला ग्रेड-2 के 254 पदों सहित कुल 470 पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता साफ हो गया है. पहले ये पद शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्ति के आधार पर भरे जाते थे. अब पृथक कैडर बनने से राज्य के युवाओं को सीधी नौकरी मिलेगी और छात्रावासों का संचालन अधिक कुशलता से हो सकेगा.
वन अधीनस्थ सेवा नियमों में संशोधन से पदोन्नति के अवसर बढ़ेवन विभाग में कार्यरत अधीनस्थ कर्मचारियों की पदोन्नति के अवसरों में वृद्धि के लिए राजस्थान वन अधीनस्थ सेवा नियम 2015 में संशोधन को मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है. इस नए बदलाव के तहत अब वनरक्षक के पद से सहायक वनपाल, सहायक वनपाल से वनपाल और सर्वेयर से कनिष्ठ अभियंता (JE) के पद पर समयबद्ध पदोन्नति हो सकेगी. इससे विभाग में रिक्त पड़े पद तेजी से भरे जा सकेंगे और कर्मचारियों का उत्साह बढ़ेगा.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
August 14, 2026, 15:46 IST



