मौत से खिलवाड़, मगरमच्छों के गढ़ जवाई बांध में बेखौफ होकर नहा रहे लोग, पानी में गाड़ियों से स्टंट

पाली. जवाई बांध जो अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और पानी में तैरते खूंखार मगरमच्छों की भारी मौजूदगी के लिए देशभर में जाना जाता है, वहां से इस वक्त घोर लापरवाही की ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं जो सीधे मौत को न्योता दे रही हैं. स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर कुछ मनचले लोग न सिर्फ बांध के अति-संवेदनशील और खतरनाक पानी में उतर रहे हैं, बल्कि अपनी गाड़ियों को पानी में ले जाकर जानलेवा स्टंट भी कर रहे हैं. प्रशासन और वन विभाग के बड़े-बड़े दावों के बीच जवाई बांध क्षेत्र में सुरक्षा की धज्जियां उड़ती साफ देखी जा सकती है.
बेड़ा क्षेत्र के पास स्थित दुदनी के पीछे बांध के कैचमेंट एरिया में यह जानलेवा खेल चल रहा है. यहां लोग बेखौफ होकर अपनी गाड़ियां बांध के पानी के अंदर तक ले जा रहे हैं और तेज रफ्तार में राउंड लगाकर स्टंटबाजी कर रहे हैं. इतना ही नहीं, कड़ाके के खतरों को नजरअंदाज कर कई लोग पानी के बीच जाकर नहाते और मस्ती करते नजर आ रहे हैं. रोमांच और दुर्घटना में सिर्फ एक कदम का फर्क होता है, लेकिन सोशल मीडिया के लिए एक रील, सेल्फी और वीडियो के चक्कर में लोग अपनी अनमोल जिंदगी को दांव पर लगा रहे हैं.
सैकड़ों मगरमच्छों का ठिकाना, पहले भी हो चुके हैं हमले
जवाई बांध और इसके आसपास के इलाके में 350 से अधिक मगरमच्छों का प्राकृतिक वास है. यह क्षेत्र मगरमच्छों की घनी आबादी के लिए पूरे राजस्थान में मशहूर है. अतीत में भी जवाई के किनारे इंसानों पर मगरमच्छों के अचानक हमले के कई दर्दनाक मामले सामने आ चुके हैं. इसके बावजूद, बिना किसी सुरक्षा इंतजाम और गाइड-गार्ड की मौजूदगी के इस तरह गहरे पानी में उतरना सीधे मगरमच्छों के जबड़े में कदम रखने जैसा है.
वन विभाग हुआ सख्त, IFS अधिकारी ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों पर संज्ञान लेते हुए वन विभाग एक्शन में आ गया है. मामले में आईएफएस अधिकारी साहिल पोसवाल ने स्पष्ट कहा”मामला बेहद गंभीर है. आज ही टीम भेजकर मौके की पूरी जानकारी ली जाएगी और नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जवाई बांध के प्रतिबंधित क्षेत्र में अनधिकृत रूप से वाहनों के प्रवेश की गहन जांच होगी, साथ ही सुरक्षा नियमों को तोड़कर पानी में उतरने वाले लोगों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे.
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते इस तरह की अनियंत्रित गतिविधियों और अवैध एंट्री पर लगाम नहीं कसी गई, तो जवाई बांध पर कभी भी कोई बड़ा हादसा घट सकता है. अब देखना यह होगा कि वन विभाग और पुलिस प्रशासन की इस चेतावनी के बाद धरातल पर क्या कड़ी सख्ती देखने को मिलती है.



