कब्ज और बढ़ते वजन से हैं परेशान तो डाइट में शामिल करें गागर, जानिए कैसे खाना है ये देसी फल

Last Updated:August 15, 2026, 06:35 IST
गागर यानी गलगल का फल आकार में संतरे से बड़ा और स्वाद में खट्टा-मीठा होता है. यह फाइबर और विटामिन C से भरपूर होता है. आयुर्वेदिक चिकित्सक के मुताबिक, इसके गूदे और रेशेदार हिस्से का सेवन पाचन और कब्ज की समस्या में मददगार हो सकता है. हालांकि किसी बीमारी या औषधीय इस्तेमाल के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है.
गागर यानि गलगल का फल आकार में संतरे से काफी बड़ा और स्वाद में खट्टा-मीठा होता है. इसकी मोटी बाहरी परत हटाने के बाद अंदर रसदार रहता हैं. यह पानी और फाइबर से भरपूर होती है, जबकि विटामिन सी शरीर के सामान्य स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी और गुणकारी है. यह फल नाश्ते या हल्के स्नैक के रूप में पसंद किया जाता है. लेकिन अगर औषधीय रूप में लेना चाहते हैं, तो डॉक्टर की सलाह जरूरी है.
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के मुताबिक, गागर, गागल या गलगल के फल की सबसे विशेष महत्त्व इसका फाइबर गुण है. भोजन में पर्याप्त फाइबर होने से मल को मात्रा मिलती है और आंतों को बेहतर बनाने में सहायक है. अतः इसे संतुलित आहार में शामिल करना कब्ज के लिए फायदेमंद हो सकती है. हां फल खाते समय केवल रस पीने के बजाय गूदे और रेशेदार हिस्से का सेवन करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है.
गागर का फल विटामिन सी से भरपूर होता है. इसी के कारण शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को सही ढंग से काम करने में मदद करता है और यह एक महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट भी है. शरीर में कोलेजन बनाने की प्रक्रिया में भी यह कारगर है, जो त्वचा सहित कई ऊतकों के लिए लाभकारी है. इसका फल खाने से त्वचा में निखार आता है. लेकिन पोषक तत्वों से भरपूर आहार त्वचा और शरीर के समग्र स्वास्थ्य के लिए जरूर मददगार हो सकता है, परन्तु चिकित्सक की राय जरूरी है.
Add as Preferred Source on Google
गागर के फल में विटामिन सी और फाइबर जैसे कई महत्वपूर्ण गुण होते हैं, जिसको खाना से हृदय स्वास्थ्य भी ठीक होता हैं. जैसे एक तरफ फाइबर खानपान की आदतों को सही करता है, तो वही दूसरी ओर एंटीऑक्सीडेंट शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से निपटने में मदद करता हैं. गागर फल अकेले ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने की दवा नहीं है. इसलिए हृदय स्वास्थ्य के लिए व्यायाम, नमक और संतुलित आहार पर ध्यान देना जरूरी है.
वजन नियंत्रित करने वालों के लिए तो गागर का फल एक बेहतर विकल्प माना गया है. इसमें पानी की मात्रा अच्छी होती है और गूदे में फाइबर मिलता है, जिससे पेट कुछ देर तक भरा महसूस हो सकता है. कम कैलोरी वाले फल उच्च कैलोरी वाले मीठे स्नैक्स की जगह खाएं जाएं, तो कुल कैलोरी सेवन संतुलित करने में मदद हो सकती हैं. लेकिन केवल गागर फल खाने से वजन कम नहीं होता हैं. उसके साथ कुल खानपान, शारीरिक गतिविधि, नींद और नियमित दिनचर्या में बदलाव भी जरूरी है.
गागर का फल खाने का असली मजा तभी आता है, जब इसे सही तरीके से तैयार किया जाए. इसके लिए सबसे पहले मोटे बाहरी छिलके को साफ हाथ और चाकू की सहायता से सावधानीपूर्वक काटकर हटा दें. अब फल को संतरे की तरह अलग-अलग फांकों में बांट दे. हर फांक पर लगी मोटी सफेद परत और झिल्ली स्वाद में कड़वाहट ला सकती है, इसलिए उसे धीरे-धीरे निकाल कर अलग करें. अंत में दिखाई देने वाले बीज अलग कर लें और नरम, रसदार गूदे के स्वाद का भरपूर आनंद लें.
गागर के फल का स्वाद हर फल में एक जैसा नहीं होता हैं. कभी यह ज्यादा मीठा, तो कभी खट्टापन और हल्की कड़वाहट भी महसूस हो सकती है. अगर आपको भी चटपटा स्वाद पसंद हो, तो गूदे पर थोड़ा काला नमक या चाट मसाला डाल सकते हैं. बाईदवे अगर खट्टापन ज्यादा हो, तो थोड़ी चीनी पाउडर भी मिलाया जाता है. हालांकि स्वाद बढ़ाने के नाम पर नमक या चीनी की मात्रा बहुत ज्यादा न रखें. ताजा फल अपने प्राकृतिक स्वाद में खाना सबसे सरल, गुणकारी और मजेदार होता हैं.
गागर का फल पौष्टिक, स्वादिष्ट और शानदार जरूर है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए इसकी मात्रा और सेवन का तरीका एक जैसा नहीं हो सकता हैं. खासकर कुछ दवाओं के साथ चकोतरे जैसे साइट्रस फलों की परस्पर क्रिया हो सकती है. अतः किन्हीं परिस्थितियों में यह हानिकारक भी हो सकता है. बालों में इसका रस लगाने के घरेलू नुस्खे बताए जाते हैं. सब मिलाकर बगैर चिकित्सक की राय लिए कोई मरीज इसका सेवन न करें.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :
August 15, 2026, 06:35 IST



