वीरांगना से पुलिस अधिकारी की कथित बदसलूकी, अपमानजनक भाषा के आरोप पर बाड़मेर में फूटा गुस्सा

Last Updated:August 17, 2026, 08:28 IST
Barmer Virangna Misbehavior Case: बाड़मेर में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान एक पुलिस अधिकारी द्वारा वीरांगना के साथ कथित तौर पर अमर्यादित और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है. इस घटना के विरोध में रविवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. प्रदर्शन में स्थानीय विधायकों और नेताओं ने भाग लिया. पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त जिला कलेक्टर के साथ हुई वार्ता के बाद प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर 7 दिन का समय मांगा है.
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बाड़मेर में वीरांगना से अमर्यादित व्यवहार पर हंगामा, 7 दिन में जांच का आश्वासन
Barmer: राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है. कार्यक्रम में सम्मिलित होने जा रही एक शहीद की वीरांगना के साथ ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी द्वारा कथित रूप से अपमानजनक और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने का गंभीर आरोप लगा है. कैप्टन हीर सिंह भाटी ने इस घटना पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों के परिजनों के साथ इस प्रकार का व्यवहार अत्यंत निंदनीय है. इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों, पूर्व सैनिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों में भारी रोष व्याप्त हो गया.
घटना के विरोध में रविवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर विशाल प्रदर्शन का आयोजन किया गया. इस विरोध प्रदर्शन में बाड़मेर की विधायक डॉ प्रियंका चौधरी, शिव क्षेत्र के विधायक रविंद्र सिंह भाटी, वरिष्ठ भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा, किशोर सिंह कानोड़, राजेंद्र सिंह भियाड़ और कैप्टन हीर सिंह भाटी सहित कई सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधि शामिल हुए. सर्वसमाज और विभिन्न संगठनों के लोगों ने एक सुर में दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग उठाई. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वीरांगनाओं का सम्मान सर्वोपरि है और किसी भी प्रशासनिक अधिकारी को उनके साथ अमर्यादित आचरण करने की अनुमति नहीं दी जा सकती.
प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वार्ता और 7 दिन का आश्वासनमामले की गंभीरता को देखते हुए प्रतिनिधिमंडल के अगुआ स्वरूप सिंह खारा और अन्य नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की. इससे पूर्व स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान भी यह विषय प्रभारी मंत्री के संज्ञान में लाया गया था. रविवार को बाड़मेर के पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट और अतिरिक्त जिला कलेक्टर के साथ प्रतिनिधिमंडल की लंबी वार्ता हुई. वार्ता के दौरान अधिकारियों ने स्वीकार किया कि आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी. प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए 7 दिनों का समय मांगा है और यह प्रतिबद्धता दोहराई है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिस अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
जांच के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरनापुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त जिला कलेक्टर की ओर से दिए गए मौखिक और प्रशासनिक आश्वासन के पश्चात प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध प्रदर्शन फिलहाल समाप्त करने का निर्णय लिया. हालांकि, स्थानीय प्रतिनिधियों और लोगों का स्पष्ट कहना है कि वे तय समय सीमा का इंतजार करेंगे. अब सभी की निगाहें प्रशासन द्वारा 7 दिनों के भीतर पूरी की जाने वाली जांच रिपोर्ट और उसके बाद की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं. क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि यदि 7 दिन में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को पुन: शुरू किया जाएगा.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Barmer,Barmer,Rajasthan
First Published :
August 17, 2026, 08:28 IST



