ट्रेलर लेकर चोरी करने निकलता था गिरोह, 650 KM तक पुलिस ने किया पीछा, 5 की गिरफ्तारी से 12 वारदातों का खुलासा

नागौर. राजस्थान के नागौर में खींवसर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय चोरी और नकबजनी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 18 चक्का ट्रेलर जब्त किया है. पुलिस के अनुसार आरोपी ट्रेलर को ही वारदात का जरिया बनाकर चोरी करने निकलते थे. बड़े वाहन के कारण उन पर आसानी से किसी को शक नहीं होता था. आरोपी चोरी वाले इलाके में इसी ट्रेलर से पहुंचते, वारदात को अंजाम देते और चोरी का माल लेकर इसी वाहन से फरार हो जाते थे.
नागौर एसपी के निर्देश पर पुलिस ने गिरोह की गतिविधियों का पता लगाने के बाद आरोपियों का पीछा शुरू किया. पुलिस टीम ने लगातार सात दिन तक करीब 650 किलोमीटर पीछा करने के बाद गिरोह को दबोचा. प्रारंभिक जांच में नागौर जिले की 12 चोरी और नकबजनी की वारदातों का खुलासा हुआ है, जिनमें करीब 2 करोड़ रुपए के माल-मशरूका की चोरी सामने आई है. पुलिस का दावा है कि गिरोह पिछले दो वर्षों में राजस्थान और मध्य प्रदेश में 100 से अधिक वारदातें कर चुका है और 10 करोड़ रुपए से ज्यादा के जेवरात व नकदी चोरी कर चुका है.
नागौर में 12 वारदातों का खुलासा
पुलिस के अनुसार गिरोह ने नागौर जिले में लंबे समय से चोरी और नकबजनी की वारदातों को अंजाम दिया. अब तक 12 वारदातों का खुलासा हो चुका है. इन घटनाओं में करीब 2 करोड़ रुपए के माल-मशरूका की चोरी का पता चला है. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर अन्य मामलों की जानकारी जुटा रही है.
सात दिन में 650 किलोमीटर पीछा
नागौर एसपी के निर्देश पर खींवसर थाना पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी. वारदात के बाद पुलिस टीम ने करीब सात दिनों तक आरोपियों का पीछा किया और लगभग 650 किलोमीटर की दूरी तय की. इसके बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर 18 चक्का ट्रेलर जब्त किया गया. पुलिस ने संगठित गिरोह के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की है.
मध्य प्रदेश में 100 से ज्यादा वारदातों का दावा
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह राजस्थान के साथ मध्य प्रदेश में भी सक्रिय था. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने मध्य प्रदेश में 100 से अधिक चोरी और नकबजनी की वारदातें की हैं. राजस्थान में गिरोह ने नागौर को अपना केंद्र बना रखा था. इसके बाद जोधपुर, बाड़मेर, फलोदी, डीडवाना-कुचामन, बीकानेर और जयपुर सहित आसपास के जिलों में वारदातें की जाती थीं.
18 चक्का ट्रेलर से वारदात को देता था अंजाम
आरोपियों ने चोरी का तरीका भी अलग रखा था. वे 18 चक्का ट्रेलर लेकर वारदात वाले इलाके में पहुंचते थे. बड़े वाहन को देखकर पुलिस या स्थानीय लोगों को उन पर आसानी से शक नहीं होता था. चोरी के बाद आरोपी माल को ट्रेलर में भरकर मौके से फरार हो जाते थे. इसी वाहन के जरिए गिरोह एक जगह से दूसरी जगह पहुंचता था.
10 करोड़ से ज्यादा की चोरी का दावा
गिरोह पिछले करीब दो साल से चोरी और नकबजनी की वारदातों में सक्रिय था. इस दौरान आरोपियों पर 10 करोड़ रुपए से अधिक के जेवरात और नकदी चोरी करने का दावा है. हालांकि पुलिस अभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और चोरी की कुल रकम व अन्य वारदातों की पुष्टि की जा रही है. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गिरोह के अन्य सदस्यों, चोरी के माल और दूसरे राज्यों में की गई वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है. पूछताछ पूरी होने के बाद चोरी की और घटनाओं का खुलासा होने की संभावना है.



