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Agriculture News I हरी मिर्च की खेती में सिर्फ खाद-पानी नहीं, किस्म का चुनाव भी तय करेगा किसानों का मुनाफा

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हरी मिर्च की खेती में मोटी कमाई का फॉर्मूला, किसान इन बातों का रखें ध्यान

Last Updated:August 19, 2026, 16:30 IST

उदयपुर और राजस्थान के पश्चिमी इलाकों में हरी मिर्च की खेती किसानों के लिए अच्छी आय का जरिया बन सकती है. बेहतर उत्पादन के लिए सही किस्म का चयन, जल निकासी, सिंचाई और कीट प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना जरूरी है. पुसा ज्वाला, अर्का मेघना और काशी अर्ली जैसी किस्में किसानों के लिए विकल्प हो सकती हैं. साथ ही थ्रिप्स, सफेद मक्खी और वायरस की समय रहते निगरानी करना बेहद जरूरी है.

राजस्थान में सब्जियों की खेती किसानों के लिए आय का अच्छा जरिया बनती जा रही है. इनमें हरी मिर्च ऐसी फसल है, जिसकी बाजार में लगातार मांग बनी रहती है. उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी किसान हरी मिर्च की खेती कर अच्छा उत्पादन लेने का प्रयास करते हैं. मिर्च की फसल में बेहतर पैदावार के लिए केवल सिंचाई और खाद प्रबंधन ही नहीं, बल्कि सही किस्म का चयन भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.

पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में गर्म और अपेक्षाकृत शुष्क मौसम रहता है. ऐसे क्षेत्रों में खेती करते समय ऐसी किस्म का चुनाव जरूरी है, जो स्थानीय परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन कर सके. कृषि संबंधी सलाह में भी किसानों को अपने क्षेत्र के अनुसार अधिक उत्पादन देने वाली और रोगों के प्रति सहनशील किस्म चुनने की सलाह दी जाती है. मिर्च के लिए अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी महत्वपूर्ण है, क्योंकि खेत में लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसल को नुकसान हो सकता है.

थ्रिप्स और वायरस पर नजर जरूरीमिर्च की फसल में थ्रिप्स, एफिड, सफेद मक्खी और माइट्स जैसे कीट नुकसान पहुंचा सकते हैं. इनमें से कुछ कीट वायरस फैलाने में भी भूमिका निभाते हैं. इसलिए किसान खेत का नियमित निरीक्षण करें और शुरुआती अवस्था में ही समस्या की पहचान करें. किसी भी कीटनाशक का इस्तेमाल कृषि विशेषज्ञ की सलाह और अनुशंसित मात्रा के अनुसार ही करना बेहतर रहेगा.

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आप उदयपुर या राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में हरी मिर्च की खेती करने की तैयारी कर रहे हैं, तो सबसे पहले अपने खेत की मिट्टी, पानी और स्थानीय मौसम के अनुसार किस्म चुनें। पुसा ज्वाला, अर्का मेघना और काशी अर्ली जैसी किस्में अलग-अलग परिस्थितियों में विकल्प हो सकती हैं, लेकिन किसी एक किस्म को हर क्षेत्र में सबसे बेहतर मानना सही नहीं होगा.

First Published :

August 19, 2026, 16:19 IST

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