‘आपकी सोच इतनी सीमित कैसे हो सकती है? शर्मिला टैगोर के बयान पर कंगना का जोरदार वार, पोस्ट कर जमकर निकाला गुस्सा

Last Updated:August 20, 2026, 23:52 IST
शर्मिला टैगोर ने हाल ही में अपने बयान में कहा था कि ‘वंदे मातरम’ के बाकी के छंद गाना उन लोगों के मुश्किल है जो भगवान में विश्वास करते हैं. इस पर कंगना ने उन पर भड़क उठी है. कंगना अक्सर अपनी एक्टिंग और फिल्मों के साथ अपनी बेबाकी को लेकर भी सुर्खियों में रहती हैं.हर मुद्दे पर वह खुलकर अपनी राय रखती हैं. उनके तीखे बयान अक्सर चर्चा में रहते हैं. इस बार वह शर्मिला टैगोर पर भड़क उठी हैं. उन्होंने एक्ट्रेस को लेकर कहा है कि हिंदू मुस्लिम वाली सोच से बाहर आ जाए.
ख़बरें फटाफट
कंगना ने साधा शर्मिला पर निशाना
नई दिल्ली. शर्मिला टैगोर ने हाल ही में वंदे मातरम को लेकर अपनी राय जाहिर की थी. लेकिन उनकी बातें कंगना रनौत को कुछ खास पसंद नहीं आई. उन्होंने इस बयान को लेकर शर्मिला टैगोर को निशाने पर लिया है. इतना ही नहीं, उन्होंने शर्मिला से कहा है कि कृप्या कर के हिंदू-मुस्लिम माइंड सेट से बाहर निकलिए. कंगना का ये बयान भी वायरल हो रहा है.
बीते कुछ दिनों से वंदे मातरम के दो से ज्यादा छंद गाने को लेकर विवाद जारी है. कई सेलेब्स भी इस पर अपने रिएक्शन्स दे चुके हैं. इसी लिस्ट में अब शर्मिला टैगोर ने अपनी राय जाहिर करते हुए कहा कि बाकी के छंद उन लोगों के गाना मुश्किल है, जो लोग ईश्वर में विश्वास रखते हैं. लेकिन ये सुनते ही कंगना तिलमिला उठी.
शर्मिला टैगोर पर कंगना रनौत ने साधा निशाना
कंगना रनौत ने हाल ही में शर्मिला टैगोर का वो वीडियो शेयर किया है जिसमें वह वंदे मातरम को लेकर अपनी राय जाहिर करती नजर आ रही हैं.इसी वीडियो को शेयर कर कंगना ने कैप्शन लिखा- ‘मैं आपकी सरहाना करती हूं कि शर्मिला जी ने वंदे मातरम को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. लेकिन हैरानी इस बात की है, कि एक एक्ट्रेस होते हुए कला/कविता पर उनकी सोच इतनी सीमित और बनावटी कैसे हो सकते हैं? कवि मनचाहा असर पैदा करने के लिए तरह-तरह की कल्पनाओं को लाता है, वंदे मातरम आजादी की लड़ाई की भावना है, बंकिम चंद्र जी देश को अपने भीतर की शक्ति को जगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
वायरल हो रही पोस्ट
कंगना ने शर्मिला को दी ये सलाह
कंगना ने इस पोस्ट में शर्मिला टैगोर को सलाह देते हुए लिखा है कि कृप्या कर आप हिंदू-मुस्लिम माइंड सेट से बाहर निकल आइए. आप मुझे बहुत अच्छी लगती हैं, मैं आपको पसंद करती हूं और आपकी जोरदार झप्पी से मुझे कोई ऐतराज नहीं है. अगर कोई धर्म सिर्फ एक भगवान और एक ही तरह की अभिव्यक्ति-वो भी पुरुष प्रधानता वाली-तक सीमित है, तो मुझे अफसोस है, पर किसे परवाह है?
बता दें कि अगर बात की जाए कि शर्मिला टैगोर ने आखिर क्या कहा था, जिस पर कंगना ने इतनी लंबी चौड़ी पोस्ट लिख दी तो शर्मिला ने एजेंसी IANS से बातचीत में वंदे मातरम विवाद पर अपनी राय जाहिर की थी. उन्होंने कहा था कि जो लोग धर्म में विश्वास रखते हैं उनके लिए मुश्किल है कहना कि वंदे काली, वंद दुर्गा, वंदे… मुश्किल है. इसलिए भारत में जितने धर्म के लोग हैं उसको हम अगर एक साथ लेकर चलें तो पहले दो छंद बहुत अच्छे हैं.’
About the AuthorMunish KumarSenior sub editor
न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…
New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
August 20, 2026, 23:52 IST



