बेटी के जन्म पर 21 हजार की FD, दूध पर 7 रुपए अतिरिक्त, सरस डेयरी ने किसानों के लिए खोला खजाना

Last Updated:August 22, 2026, 11:57 IST
Saras Dairy Major Initiative: सीकर-झुंझुनूं सरस डेयरी संघ ने ग्रामीण परिवारों और पशुपालकों के हित में कई बड़े फैसले किए हैं. सबसे अहम निर्णय के तहत दुग्ध उत्पादक किसान के घर बेटी के जन्म पर अब 21 हजार रुपए की एफडी कराई जाएगी. सरस लाडली योजना में सहायता राशि दोगुनी की गई है. पशुपालकों को दूध के दाम में भी अतिरिक्त लाभ मिलेगा. डेयरी संघ ने 2 रुपए प्रति लीटर अतिरिक्त देने का फैसला किया है, जबकि 5 रुपए बोनस के साथ कुल 7 रुपए प्रति लीटर अतिरिक्त मिलेंगे. सहकारी समितियों के सचिवों के लिए राहत कोष शुरू करने का भी निर्णय हुआ है. दुर्घटना में मृत्यु पर परिवार को 5 लाख रुपए, सामान्य मृत्यु पर 1 लाख और विकलांगता पर 75 हजार रुपए तक सहायता दी जाएगी. संतान जन्म पर देसी घी की मात्रा 5 लीटर की गई है. दूध में मिलावट करने वाली समितियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.
सीकर-झुंझुनूं सरस डेयरी संघ ने पशुपालकों, किसानों और दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों से जुड़े लोगों के हित में कई बड़े फैसले लिए हैं. चेयरमैन जीताराम मील और संचालक मंडल की बैठक में ऐसे निर्णय लिए गए, जिनका सीधा असर ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति और सामाजिक सुरक्षा पर पड़ेगा. सबसे खास फैसला किसान के घर बेटी के जन्म पर लिया गया है. डेयरी संघ द्वारा किसान के बेटी के जन्म पर एफडी कराने की योजना बनाई है.
सरस डेयरी की सरस लाडली योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि को दोगुना कर दिया गया है. अब दुग्ध उत्पादक किसान के घर बेटी का जन्म होने पर डेयरी प्रबंधन की ओर से 21 हजार रुपए की एफडी कराई जाएगी. इस फैसले को ग्रामीण परिवारों में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है. यह योजना किसानों की बेटियों की भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम साबित होगी.
पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से भी सीकर-झुंझुनूं सरस डेयरी संघ ने ने बड़ा फैसला लिया है. डेयरी संघ ने दूध के क्रय मूल्य पर बढ़ोतरी करने का भी निर्णय लिया गया है. संघ की ओर से 2 रुपए प्रति लीटर अधिक लाभ देने की घोषणा की है. पांच रुपए बोनस मूल्य को मिलाकर अब पशुपालकों को दूध के मूल्य पर कुल 7 रुपए प्रति लीटर अतिरिक्त मिलेंगे। इससे नियमित रूप से डेयरी को दूध देने वाले पशुपालकों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है.
Add as Preferred Source on Google
दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों में कार्यरत सचिवों की सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी संचालक मंडल ने अहम फैसला किया है. सीकर और झुंझुनूं जिले की समितियों के सचिवों के लिए राहत कोष शुरू किया जाएगा. दुर्घटना में सचिव की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसके अलावा साधारण मृत्यु की स्थिति में परिजनों को 1 लाख रुपए और विकलांगता होने पर सचिव को 75 हजार रुपए तक की सहायता मिलेगी.
डेयरी संघ ने संतान जन्म पर मिलने वाले शुद्ध देसी घी की मात्रा में भी बढ़ोतरी की है. पहले बेटा या बेटी के जन्म पर 3 लीटर देसी घी दिया जाता था. लेकिन अब इसकी मात्रा को बढ़ा दिया गया है. डेयरी संघ ने अब 5 लीटर घी देने का फैसला किया है. यानी डेयरी से जुड़े पशुपालक परिवारों को संतान के जन्म पर आर्थिक प्रोत्साहन के साथ पहले की तुलना में 2 लीटर अधिक शुद्ध देसी घी भी मिलेगा.
उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और शुद्ध दूध उपलब्ध कराने को लेकर डेयरी प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाया है. चेयरमैन जीताराम मील ने स्पष्ट किया कि दूध में मिलावट करने वाली समितियों के खिलाफ कार्रवाई होगी. इसके साथ ही दूध से क्रीम निकालने और नियमों की अनदेखी कर लोकल सेल करने वाली समितियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ कानूनी कदम उठाए जाएंगे. चेयरमैन जीताराम मील ने कहा है डेयरी का उद्देश्य दूध की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|First Published :
August 22, 2026, 11:57 IST



