कार्डियक अरेस्ट में बच सकती है जान! 1 घंटे तक लगातार CPR देगी बैटरी वाली पोर्टेबल मशीन

Last Updated:August 22, 2026, 16:17 IST
Portable CPR machine: भारत समेत दुनियाभर में कार्डियक अरेस्ट के मामले युवाओं और कम उम्र के लोगों में भी सामने आ रहे हैं. ऐसे में शुरुआती समय में सीपीआर मिलना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इसी जरूरत को देखते हुए अमोल वेंटीलेटर ने बैटरी से चलने वाली पोर्टेबल सीपीआर मशीन तैयार की है. कंपनी के अनुसार, यह मशीन करीब एक घंटे तक लगातार सीपीआर दे सकती है. इसका इस्तेमाल एंबुलेंस, अस्पताल की इमरजेंसी, आईसीयू, स्कूल, कॉलेज और अन्य जगहों पर किया जा सकता है.
नई दिल्ली: भारत समेत दुनियाभर में अचानक दिल का दौरा पड़ने और कार्डियक अरेस्ट के मामले चिंता का विषय बने हुए हैं. अब ऐसे मामले सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं हैं. युवा और कम उम्र के लोगों में भी कार्डियक अरेस्ट के मामले सामने आ रहे हैं. कुछ मामलों में बच्चों में भी यह समस्या देखने को मिल रही है. ऐसे में मरीज की जान बचाने के लिए शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है. इसे मेडिकल भाषा में गोल्डन पीरियड कहा जाता है. इस दौरान तुरंत सीपीआर मिलने से मरीज की जान बचाने की संभावना बढ़ सकती है. इसी जरूरत को देखते हुए अमोल वेंटीलेटर (Amoul Ventilator) ने एक पोर्टेबल सीपीआर मशीन तैयार की है. यह मशीन बैटरी से चलती है. कंपनी के मुताबिक, यह मशीन करीब एक घंटे तक लगातार सीपीआर दे सकती है. इसका उद्देश्य मरीज को गोल्डन पीरियड के दौरान लगातार सीपीआर उपलब्ध कराना है.
गोल्डन पीरियड में मददगार हो सकती है मशीनकंपनी के इंडिया डायरेक्टर विजय सिंह ने दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस मशीन की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मशीन को इस तरह तैयार किया गया है कि जरूरत पड़ने पर मरीज को लगातार सीपीआर दिया जा सके. दिल्ली के भारत मंडपम में तीन दिवसीय इंडिया हेल्थ 2026 का आयोजन किया गया है. इसी कार्यक्रम में पोर्टेबल सीपीआर मशीन को प्रदर्शित किया गया. आयोजकों के मुताबिक, इस प्रदर्शनी में हेल्थकेयर और मेडटेक क्षेत्र से जुड़े कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड हिस्सा ले रहे हैं. इनफॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर योगेश मुद्रास के मुताबिक, प्रदर्शनी में 300 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड शामिल हो रहे हैं. आयोजकों को उम्मीद है कि कार्यक्रम में 8,000 से अधिक हेल्थकेयर और मेडटेक पेशेवर शामिल होंगे.
बैटरी से चलती है पोर्टेबल सीपीआर मशीनविजय सिंह ने बताया कि यह मशीन बैटरी से चलती है. इसे एक बार चार्ज करने के बाद करीब एक घंटे तक लगातार इस्तेमाल किया जा सकता है. मशीन का इस्तेमाल कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में मरीज को लगातार सीपीआर देने के लिए किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि मशीन को पोर्टेबल रखा गया है. इसलिए इसे अलग-अलग जगहों पर आसानी से ले जाया जा सकता है. इसे एंबुलेंस के अलावा अस्पताल की इमरजेंसी में इस्तेमाल किया जा सकता है.
मशीन के इस्तेमाल की ट्रेनिंग भी आसानइसके साथ ही ऑफिस, स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी जैसी जगहों पर भी इसे रखा जा सकता है. कंपनी के अनुसार, मशीन के इस्तेमाल की ट्रेनिंग भी आसान रखी गई है. ट्रेनिंग के दौरान इसके संचालन की जानकारी दी जाती है. इससे प्रशिक्षित व्यक्ति जरूरत के समय मशीन का इस्तेमाल कर सकता है. विजय सिंह ने बताया कि वर्तमान में कई बड़े अस्पताल इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं. अमोल वेंटीलेटर मुख्य रूप से वेंटीलेटर बनाने के लिए जाना जाता है. अब कंपनी ने सीपीआर के लिए भी पोर्टेबल तकनीक पेश की है.
करीब 8 लाख रुपये है मशीन की कीमतकंपनी के इंडिया डायरेक्टर विजय सिंह के मुताबिक, इस पोर्टेबल सीपीआर मशीन की कीमत करीब 8 लाख रुपये है. इसे अस्पतालों, एंबुलेंस और इमरजेंसी सेवाओं में इस्तेमाल किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि यह इलेक्ट्रॉनिक ऑटोमेटिक मैकेनिकल सीपीआर डिवाइस है. पहले मरीज को सीपीआर देने के लिए मैन्युअल तरीके का इस्तेमाल करना पड़ता था. इसमें लगातार सीपीआर देना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. नई मशीन इसी प्रक्रिया को मैकेनिकल तरीके से लगातार करने के लिए तैयार की गई है. विजय सिंह के अनुसार, मशीन को वेंटीलेटर के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे गंभीर मरीजों के इलाज के दौरान यह तकनीक मददगार हो सकती है. इसका इस्तेमाल आईसीयू और अस्पताल की इमरजेंसी में भी किया जा सकता है.
करीब 7 किलो है मशीन का वजनपोर्टेबल होने के साथ मशीन को हल्का रखने की भी कोशिश की गई है. इसका वजन करीब 7 किलो बताया गया है. मशीन के साथ एक कैरी बैग भी दिया जाएगा. इससे इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान होगा. कंपनी का कहना है कि पोर्टेबल डिजाइन के कारण इसे जरूरत के हिसाब से अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाया जा सकता है. खासकर एंबुलेंस में इसका इस्तेमाल उपयोगी हो सकता है. अस्पताल पहुंचने से पहले मरीज को लगातार सीपीआर देने में यह मशीन मदद कर सकती है. कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती समय बेहद अहम होता है. ऐसे में लगातार सीपीआर उपलब्ध कराने वाली तकनीक मरीज को समय पर सहायता देने में उपयोगी हो सकती है. हालांकि, सीपीआर और इस मशीन का इस्तेमाल प्रशिक्षित व्यक्ति या मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार ही किया जाना चाहिए.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…
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August 22, 2026, 16:17 IST



