मेमोरी चिप की महंगाई का असर! इन बड़े ब्रांड्स ने महंगे किए स्मार्टफोन, आगे भी बढ़ सकते हैं दाम

मेमोरी और चिपसेट की बढ़ती कीमतों की वजह से स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है. नतीजा यह हुआ कि Realme, Oppo, Vivo, Samsung और OnePlus जैसे बड़े ब्रांड्स ने अपने कई मॉडल के दाम बढ़ा दिए हैं. ये बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब ग्राहक पहले से ही खर्च करने में सावधानी बरत रहे हैं.
काउंटरपॉइंट रिसर्च के India Weekly Smartphone Sellout Tracker के मुताबिक, अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान स्मार्टफोन की बिक्री पिछले साल के मुकाबले ज्यादातर समय कम रही. ऑनलाइन सेल्स में थोड़ी राहत मिली, लेकिन वह भी अस्थायी साबित हुई.
अब तक किसने कितने बढ़ाए दाम
18 अगस्त से रियलमी ने कई मॉडल्स के दाम 1,000 से 4,000 रुपये तक बढ़ा दिए. ओप्पो ने रेनो और A-सीरीज के चुनिंदा फोनों पर 5,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की. वीवो ने कुछ क्षेत्रों में कई मॉडल्स के दाम 500 से 4,000 रुपये बढ़ाए. सैमसंग ने S-सीरीज, M-सीरीज और F-सीरीज के कुछ फोनों के दाम बढ़ाए.
Galaxy S25 के एक वेरिएंट का दाम तो 12,000 रुपये तक बढ़ गया. वनप्लस ने भी चुनिंदा स्मार्टफोनों के दाम 2,000 से 4,000 रुपये बढ़ा दिए. वनप्लस इंडिया के एक प्रवक्ता ने टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) को बताया कि ये बढ़ोतरी उद्योग में बढ़ रही लागत, खासकर मेमोरी की महंगाई को दर्शाती है.
आगे और भी बढ़ सकती है कीमत
IDC एशिया पैसिफिक की सीनियर रिसर्च मैनेजर उपासना जोशी के मुताबिक, मेमोरी की बढ़ती कीमतों की वजह से Q2 2026 के आखिर तक स्मार्टफोन के औसत दाम करीब 15 प्रतिशत बढ़ चुके थे. वे आगे और 7 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद जताती हैं.
काउंटरपॉइंट रिसर्च के एनालिस्ट शुभम सिंह का कहना है कि कंपनियों के लिए दाम बढ़ाना अब लगभग मजबूरी बन गया है. नए फोन भी ऊंचे दामों पर लॉन्च हो रहे हैं. जोशी का सुझाव है कि EMI और फाइनेंसिंग विकल्प ग्राहकों पर पड़ने वाले असर को कुछ हद तक कम कर सकते हैं. दाम बढ़ने से खरीद व्यवहार भी बदल रहा है. काउंटरपॉइंट के अनुसार, अप्रैल-जुलाई में बिक्री पिछले साल से कम रही.
जुलाई में Amazon Prime Day और Flipkart GOAT Sale के दौरान थोड़ी तेजी आई, लेकिन ऑफर खत्म होते ही तीन हफ्ते तक बिक्री गिरती रही. सिर्फ दो हफ्तों में साल-दर-साल बढ़ोतरी दर्ज हुई, और वह भी बड़े सेल्स के सहारे.
Counterpoint के सीनियर एनालिस्ट प्राचिर सिंह कहते हैं कि दाम बढ़ने से ग्राहक अब ज्यादा वैल्यू देखने लगे हैं और ऑफर्स पर निर्भर हो गए हैं. अप्रैल से जुलाई के बीच प्रभावित मॉडल्स के दाम औसतन करीब 3,200 रुपये बढ़े, खासकर मास मार्केट सेगमेंट में. त्योहारी सीजन में कुछ राहत मिल सकती है.
काउंटरपॉइंट का अनुमान है कि त्योहारों से पहले ब्रांड्स डिस्काउंट, फाइनेंसिंग स्कीम और नए लॉन्च बढ़ाएंगे, जिससे मांग धीरे-धीरे सुधरेगी. फिर भी सस्ता होना आसान नहीं होगा. रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक का कहना है कि 2026 में भारतीय स्मार्टफोन बाजार करीब 13 प्रतिशत सिकुड़ सकता है, हालांकि साल के दूसरे हिस्से में त्योहारी डिमांड की वजह से पहली छमाही से बेहतर प्रदर्शन हो सकता है.



