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खरीफ फसलों पर कातरा कीट का खतरा, वैज्ञानिकों ने किसानों को किया अलर्ट; पीलापन दिखे तो करें फेरस सल्फेट का छिड़काव

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खरीफ फसलों पर कातरा कीट का खतरा, वैज्ञानिकों ने किसानों को किया अलर्ट

Last Updated:August 22, 2026, 10:21 IST

Bikaner Agricultural News: बीकानेर के स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित तकनीकी कार्यशाला में वैज्ञानिकों ने खरीफ फसलों पर कातरा कीट और लौह तत्व की कमी से पीलेपन को लेकर अलर्ट जारी किया है. कीट का प्रकोप रोकने के लिए अनुशंसित कीटनाशकों के प्रयोग और पीलेपन के लिए 5% फेरस सल्फेट व 1% सिट्रिक अम्ल के छिड़काव की सलाह दी गई है. इसके अलावा अतिरिक्त निदेशक हिरेन्द्र शर्मा ने सब्जी उत्पादन में सपोर्ट सिस्टम पर अनुदान और सितंबर माह के फसल प्रबंधन पर जोर दिया है.

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खरीफ फसलों पर कातरा कीट का खतरा, वैज्ञानिकों ने किसानों को किया अलर्टZoomBikaner Crop Alert: कातरा कीट से खरीफ फसल बचाने की तैयारी, पीलापन दूर करने के लिए बताया खास छिड़काव

Bikaner: स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर के कृषि अनुसंधान केंद्र में आयोजित मासिक तकनीकी कार्यशाला में खरीफ फसलों में कीट एवं व्याधि प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा की गई. कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों और विभाग के अधिकारियों ने फसलों में ‘कातरा कीट’ के प्रकोप और लौह तत्व (Iron) की कमी से होने वाले पीलेपन को लेकर किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है.

विशेषज्ञों के अनुसार, कातरा कीट का प्रकोप आर्थिक हानि स्तर से अधिक पहुंचने पर फसल उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ता है. ऐसे में सही समय पर निगरानी और अनुशंसित रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग बेहद आवश्यक है.

फसलों में पीलापन दिखे तो करें यह उपायकार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों ने लौह तत्व की कमी से फसलों में आने वाले पीलेपन की रोकथाम के लिए विशेष फॉर्मूला बताया है:

घोल की मात्रा: यदि फसलों में पीलापन दिखाई दे, तो 5% फेरस सल्फेट और 1% सिट्रिक अम्ल का 500 लीटर पानी में मिश्रण तैयार करें.
छिड़काव: तैयार मिश्रण का फसलों पर अच्छी तरह छिड़काव करें.

कातरा कीट से बचाव और फसल प्रबंधनकृषि वैज्ञानिक प्रो. एस.पी. सिंह, डॉ. एच.एल. देशवाल, डॉ. बी.डी.एस. नाथावत और डॉ. राजेन्द्र राठौड़ ने खरीफ फसलों के पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज और कीट नियंत्रण पर जानकारी दी:

नियमित निगरानी: किसान अपने खेतों की नियमित जांच करें ताकि कीट का प्रकोप शुरुआती स्तर पर ही पकड़ा जा सके.
कीटनाशक का प्रयोग: आर्थिक क्षति स्तर (ETL) पार होने पर ही कृषि विभाग द्वारा अनुशंसित कीटनाशकों का प्रयोग करें.
सितंबर माह की रणनीति: कार्यशाला में अगस्त माह की समीक्षा के साथ-साथ सितंबर महीने में अपनाई जाने वाली कृषि एवं उद्यानिकी तकनीकों पर विचार-विमर्श किया गया.

सब्जी उत्पादन में ‘सपोर्ट सिस्टम’ पर जोरअतिरिक्त निदेशक (कृषि विस्तार) हिरेन्द्र शर्मा ने बताया कि बीकानेर जिले में उद्यानिकी और सब्जी उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:

सब्जी उत्पादन में ‘सपोर्ट सिस्टम’ के लिए मिलने वाले अनुदान का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जाए.
उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए.
फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल के जरिए उर्वरक विक्रेताओं और प्रगतिशील किसानों को प्रशिक्षण दिया जाए.
कार्यशाला में संयुक्त निदेशक (आरकेवीवाई) भगवान सहाय यादव, मदनलाल, धर्मवीर डूडी, जयदीप दोगने, प्रेमाराम, सहायक निदेशक (उद्यान) मुकेश गहलोत सहित कृषि व उद्यान विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे.
About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Bikaner,Bikaner,Rajasthan

First Published :

August 22, 2026, 10:21 IST

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