पत्नी की मौत के 1 घंटे बाद पति ने भी तोड़ा दम, जालोर में दंपति की अंतिम विदाई देख भावुक हुआ पूरा गांव

Last Updated:August 22, 2026, 22:28 IST
Jalor Husband Wife Death News : जालोर के भवरानी गांव में एक बुजुर्ग दंपति ने एक घंटे के अंतराल में दुनिया को अलविदा कहा. 89 वर्षीय दरगाराम और 90 वर्षीय पुनीदेवी की अंतिम यात्रा एक साथ निकली, एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ. यह दृश्य देखकर वहां मौजूद परिवार के सदस्य और ग्रामीण भावुक हो गए. सैकड़ों ग्रामीण और परिजन अंतिम यात्रा में शामिल हुए.90 साल का साथ, फिर 1 घंटे में दोनों ने छोड़ी दुनिया, पति-पत्नी की अंतिम यात्रा भी निकली एक साथ
जालोर. साथ जीने और साथ निभाने की बातें अक्सर कहानियों और फिल्मों में सुनने को मिलती हैं, लेकिन जालोर जिले के भवरानी गांव में एक बुजुर्ग दंपति ने अपने जीवन के आखिरी पड़ाव में ऐसा साथ निभाया कि गांव के लोग भी भावुक हो गए. पति-पत्नी ने करीब एक घंटे के अंतराल में दुनिया को अलविदा कहा. इसके बाद दोनों की अंतिम यात्रा भी एक साथ निकाली गई और एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया.
भवरानी निवासी दरगाराम प्रजापत की उम्र 89 वर्ष थी, जबकि उनकी पत्नी पुनीदेवी 90 वर्ष की थीं. दोनों लंबे समय से एक साथ गृहस्थ जीवन जी रहे थे और परिवार के साथ अपने घर में रहते थे. बताया गया कि दोनों स्वस्थ स्थिति में थे और घर पर ही रह रहे थे. परिवार के अनुसार सुबह पुनीदेवी को हल्का चक्कर आया. इसके कुछ समय बाद उनका अचानक निधन हो गया. घर में बुजुर्ग पत्नी के निधन की खबर दरगाराम तक पहुंची तो वह चिंतित हो गए. इसके बाद उनका स्वास्थ्य भी बिगड़ने लगा. बताया गया कि दरगाराम ने घर के लोगों को शांत रहने और परिवार के अन्य सदस्यों के आने तक रोने से मना किया. पत्नी के निधन के करीब एक घंटे बाद दरगाराम भी घर पर ही शांत हो गए और उनका भी निधन हो गया.
खबर सुनते ही जुटने लगी भीड़एक ही घर में कुछ ही समय के अंतराल में पति और पत्नी के निधन की खबर फैलते ही गांव में लोगों की भीड़ जुटने लगी. हर कोई इस बात को लेकर चर्चा करता नजर आया कि जीवन भर साथ निभाने वाले इस दंपति ने आखिरी समय में भी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा.
दूल्हा-दुल्हन की तरह बांधा गया गठजोड़ादोनों की अंतिम विदाई भी सामान्य तरीके से अलग-अलग नहीं हुई. परिवार और ग्रामीणों ने पति-पत्नी की अर्थियों का गठजोड़ा बांधा. जिस तरह विवाह के समय दूल्हा और दुल्हन का गठबंधन किया जाता है, उसी तरह दोनों की अंतिम यात्रा में भी गठजोड़ा बांधकर उन्हें मुक्तिधाम तक ले जाया गया. यह दृश्य देखकर वहां मौजूद परिवार के सदस्य और ग्रामीण भावुक हो गए. सैकड़ों ग्रामीण और परिजन अंतिम यात्रा में शामिल हुए. गांव के लोगों ने इस घटना को पति-पत्नी के बीच लंबे समय तक रहे प्रेम और साथ का उदाहरण बताया.
एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कारमुक्तिधाम पहुंचने के बाद दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया. एक साथ अंतिम यात्रा निकलना और एक ही चिता पर अंतिम संस्कार होना पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गया. ग्रामीणों का कहना था कि दोनों ने लंबा गृहस्थ जीवन जिया और करीब 90 वर्ष की उम्र तक साथ रहे. अब दोनों का करीब एक घंटे के अंतराल में निधन होना लोगों को भावुक कर गया. ग्रामीणों ने इसे पूर्व जन्म के सत्कर्म और तपस्या का फल बताते हुए अपनी आस्था भी जताई. गांव के कई लोगों का कहना था कि भरा-पूरा परिवार छोड़कर इस तरह जीवन के अंतिम समय तक सक्रिय रहना और पति-पत्नी का लगभग साथ ही दुनिया से जाना बहुत कम देखने को मिलता है.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Jalor,Jalor,Rajasthan
First Published :
August 22, 2026, 22:28 IST



