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US-Canada Tariff War: ट्रंप ने फिर ले लिया उड़ता तीर बैकफायर कर गया कनाडा पर टैरिफ वार 8 सितंबर से कार्नी तोड़ेंगे सुपरपावर का घमंड

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ट्रंप ने फिर ले लिया उड़ता तीर, 8 सितंबर से कार्नी तोड़ेंगे सुपरपावर का घमंड

Last Updated:August 23, 2026, 06:48 IST

Canada to impose relatiatory tariff of US: अमेरिका-कनाडा के बीच अलग ही बवाल चल रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने 50 फीसदी टैरिफ का ऐलान किया, तो कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इसके जवाब में अमेरिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कार्नी ने साफ कह दिया है कि वो टैरिफ के बदले टैरिफ लगाएंगे और इसका सीधा असर सुपरपावर के एनर्जी सेक्टर पर होगा.

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ट्रंप ने फिर ले लिया उड़ता तीर, 8 सितंबर से कार्नी तोड़ेंगे सुपरपावर का घमंड Zoomउल्टा पड़ गया ट्रंप का वार.

US-Canada Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध में अपना भरपूर नुकसान कराने के बाद एक और देश से पंगा ले लिया है. वैसे तो कनाडा को लेकर उनकी प्रेशर पॉलिसी कई महीनों से चल रही है लेकिन अब दोनों देश टैरिफ के मुद्दे पर आमने-सामने आ चुके हैं. अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार के मुद्दे पर तनाव इतना बढ़ गया है कि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ के जवाब में कनाडा भी डॉलर-फॉर-डॉलर टैरिफ लगाएगा. मामला सीधा है कि अमेरिका जितना शुल्क कनाडा के सामान पर लगाएगा, कनाडा भी अमेरिकी उत्पादों पर लगभग उतना ही शुल्क लगाने की तैयारी कर रहा है.

सवाल ये है कि क्या कनाडा के इस कदम का असर अमेरिका की आर्थिक व्यव्स्था पर पड़ेगा? इसका जवाब सीधे-सीधे दें तो हां, जरूर पड़ेगा. कनाडा के नए टैरिफ का असर स्टील, डेयरी उत्पाद, घरेलू उपकरण, कृषि मशीनरी, पल्प और पेपर के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों पर पड़ सकता है. कार्नी ने कहा कि इन नए टैरिफ की पूरी जानकारी आने वाले दिनों में जारी की जाएगी और ये लेबर डे के बाद 8 सितंबर से इस टैरिफ को प्रभाव में लाया जाएगा.

कनाडा का टैरिफ सुपरपावर को देगा 5 झटके 

कनाडा के पीएम कार्नी का कहना है कि अमेरिका और कनाडा के बीच दिखाई देने वाला व्यापार घाटा मुख्य रूप से ऊर्जा के कारोबार की वजह से है. अमेरिका अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए कनाडा पर निर्भर है और ये सच भी है.
आंकड़ों की बात करें तो अमेरिका को करीब 99% प्राकृतिक गैस कनाडा ही निर्यात करता है, जबकि लगभग 85% बिजली कनाडा से खरीदता है. सीधे शब्दों में कहा जाए तो अमेरिका का पावर सेक्टर कनाडा पर काफी निर्भर है.
इसके अलावा तेल के नाम पर पूरी दुनिया में खेल करने वाले अमेरिका में करीब 60% कच्चा तेल कनाडा से लेता है. इस सप्लाई चेन में बाधा आई, तो भी अमेरिका को परेशानी होगी. यही वजह है कि कनाडा के पीएम ने तंज कसते हुए कहा है कि कनाडा अगर ऊर्जा आपूर्ति रोक दे, तो अमेरिका की ग्रोथ भी रुक जाएगी.
कनाडा अमेरिका का एक बड़ा बाजार है. जवाबी टैरिफ से अमेरिकी कंपनियों के कनाडा को होने वाले निर्यात महंगे हो जाएंगे, बिक्री घटेगी और बाजार हिस्सेदारी कम होगी. पहले के अनुभव में भी कनाडाई जवाबी टैरिफ से अमेरिकी निर्यातक प्रभावित हुए थे. टैरिफ से क्रॉस-बॉर्डर सप्लाई चेन टूटती है, उत्पादन महंगा और जटिल हो जाता है, जिससे अमेरिकी कंपनियों की लागत बढ़ती है और दक्षता कम होती है.
टैरिफ युद्ध से व्यापार घटता है, निवेश कम होता है और अनिश्चितता बढ़ती है. अध्ययनों में USMCA के बड़े पैमाने पर टूटने वाले परिदृश्य में अमेरिका के GDP पर दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव दिखाया गया है. जवाबी टैरिफ इसे और बढ़ाते हैं.

अमेरिका की मांगों को कनाडा ने क्यों ठुकराया?

दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी और कुछ समय पहले तक माना जा रहा था कि दोनों पक्ष किसी समझौते के करीब हैं. कनाडा ने अमेरिका के साथ विवाद कम करने के लिए अपने कुछ जवाबी टैरिफ हटाने की पेशकश भी की थी, लेकिन बातचीत के आखिरी दौर में अमेरिका की ओर से कुछ ऐसी मांगें रखी गईं, जिन्हें कनाडा ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया. मार्क कार्नी के मुताबिक अमेरिका की अंतिम मांगों में कनाडा में बने वाहनों को मिलने वाली टैरिफ राहत को सीमित करना, कनाडा की दूसरे देशों के साथ व्यापार समझौते करने की क्षमता पर रोक लगाना और भाषा, संस्कृति तथा संप्रभुता से जुड़े मुद्दों को प्रभावित करने वाली शर्तें शामिल थीं. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कनाडा के रुख का बचाव करते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन ने कनाडा को स्टील, ऑटोमोबाइल और लंबर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बेहतर शर्तें देने की पेशकश की थी. अमेरिका ने इस बार 1930 के टैरिफ की सेक्शन 338 का इस्तेमाल किया है. यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों के सामान पर 50% तक टैरिफ लगाने की अनुमति देता है, जिन पर अमेरिकी कारोबार के साथ भेदभाव करने का आरोप हो. खास बात यह है कि इस प्रावधान का इस तरह से टैरिफ लगाने के लिए पहले कभी इस्तेमाल नहीं किया गया था.

About the AuthorPrateeti Pandey

में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…

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August 23, 2026, 06:48 IST

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