टिकट को लेकर दिनभर भाजपा-कांग्रेस में मंथन, कहीं नामांकन तो कहीं बगावत रोकने की तैयारी

जयपुर. राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर शनिवार का दिन भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए काफी हलचल वाला रहा. एक तरफ नामांकन की आखिरी तारीख नजदीक आने के कारण दावेदारों की बेचैनी बढ़ी रही, तो दूसरी तरफ दोनों प्रमुख दल टिकटों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे. कई जगह प्रत्याशियों ने पार्टी की औपचारिक घोषणा से पहले ही नामांकन दाखिल कर दिया, वहीं कुछ जिलों में सूची जारी होने का इंतजार बना रहा.
भाजपा मुख्यालय में शनिवार को संभागवार बैठकों का सिलसिला जारी रहा. प्रत्याशियों के नामों पर एक-एक कर चर्चा की गई. जोधपुर संभाग की बैठक देर रात तक चली और इसके बाद दोबारा बैठक हुई. इसके बाद भरतपुर और जयपुर संभाग को लेकर चर्चा की जानी थी. बैठक में पाली सांसद पीपी चौधरी, विधायक और पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी समेत कई नेता मौजूद रहे. भाजपा की ओर से लगातार यह कहा गया कि टिकट का फैसला जमीनी फीडबैक और पार्टी की राय के आधार पर किया जा रहा है. राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं भाजपा नेता डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि जिले के नेताओं से संभावित प्रत्याशियों को लेकर जानकारी ली जा रही है और कार्यकर्ताओं की राय को भी महत्व दिया जा रहा है
150 अधिवक्ताओं को नामांकन की जिम्मेदारीभाजपा ने सिर्फ टिकट चयन पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि नामांकन की तैयारी भी साथ-साथ शुरू कर दी है. पार्टी ने करीब 150 अधिवक्ताओं को नामांकन से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया में मदद की जिम्मेदारी दी है. पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा कि प्रत्याशियों की सूची का काम शनिवार देर रात या रविवार सुबह तक पूरा होने की उम्मीद है. टिकट के बाद बगावत को लेकर भी भाजपा सतर्क है. सैनी ने कहा कि टिकट मांगने का अधिकार सभी कार्यकर्ताओं को है, लेकिन टिकट सभी को नहीं मिल सकता. उन्होंने कहा कि टिकट नहीं मिलने पर नाराजगी स्वाभाविक है और अगर नामांकन के बाद कोई बगावत की स्थिति बनती है तो पार्टी बातचीत के जरिए मामले को संभालेगी.
कांग्रेस वार रूम में भी दिनभर मंथनदूसरी ओर कांग्रेस में भी शनिवार को टिकटों को लेकर अहम बैठक हुई. प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली कांग्रेस वार रूम पहुंचे. डोटासरा ने बताया कि करीब 90 फीसदी नगर निकायों में स्थानीय नेताओं की सहमति से पैनल प्रदेश कांग्रेस को भेजे जा चुके हैं. प्रदेश स्तर पर एक-एक नगर निकाय के लिए टिकटों पर चर्चा की जा रही है. जिन नामों पर सहमति बन रही है, उन्हें शनिवार को ही नामांकन दाखिल करने के संकेत दिए गए. विवाद वाली सीटों पर अशोक गहलोत, सचिन पायलट और भंवर जितेंद्र सिंह सहित वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की जाएगी.
कांग्रेस ने जिताऊ और जनता के बीच सक्रिय चेहरों को टिकट देने की बात कही है. युवाओं के साथ NSUI, यूथ कांग्रेस, सेवादल, महिला कांग्रेस और दूसरे प्रकोष्ठों को भी टिकट में प्राथमिकता देने का दावा किया गया. टिकट नहीं मिलने वालों और संभावित बागियों को मनाने की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को देने की तैयारी है
कई शहरों में नामांकन ने बढ़ाई हलचल
दिनभर की चुनावी गतिविधियों में नामांकन भी बड़ा मुद्दा रहा. टोंक में कांग्रेस नेता अकबर खान ने वार्ड 27 से समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल किया. वहीं राजसमंद जिले की पांच नगर निकायों में शनिवार को कुल 105 नामांकन दाखिल हुए. इनमें आमेट में 24, भीम में 12, देवगढ़ में 12, नाथद्वारा में 32 और राजसमंद नगर परिषद में 25 नामांकन शामिल रहे. पाली में नामांकन पत्र लेने वालों की भीड़ बनी रही. अब तक 461 दावेदार नामांकन पत्र ले चुके हैं. पार्टी की ओर से उम्मीदवार तय नहीं होने के कारण यहां भी सस्पेंस बना हुआ है. अजमेर में पूर्व महापौर धर्मेंद्र गहलोत की पत्नी हेमा गहलोत ने निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल किया और भाजपा नेताओं पर निशाना साधा.
सिरोही, प्रतापगढ़ और दूसरे जिलों में भी हलचल
सिरोही में भाजपा ने टिकट आवेदनों पर अंतिम मंथन शुरू किया और जिताऊ उम्मीदवारों पर दांव लगाने की बात सामने आई. पुराने कार्यकर्ताओं के साथ युवाओं को भी मौका देने पर चर्चा है.
प्रतापगढ़ में शनिवार को दूसरे दिन नगर परिषद के लिए 12 नामांकन दाखिल हुए. पहले दिन एक भी नामांकन नहीं आया था. भाजपा और कांग्रेस की सूची अभी जारी नहीं हुई है और सोमवार को शक्ति प्रदर्शन के साथ नामांकन की तैयारी बताई गई.
राजसमंद में भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल ने कहा कि पार्टी के पास जिले से 1200 से ज्यादा आवेदन आए हैं. उन्होंने कहा कि चार तरह के सर्वे किए गए हैं और हर वार्ड पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की नजर है.
दिन के आखिर में दोनों दलों का दावा
चुनावी दिन खत्म होते-होते भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपनी-अपनी तैयारी को लेकर भरोसा जताया. भाजपा नेता हरीश द्विवेदी ने कहा कि प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया चल रही है और 31 अगस्त तक भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा करेगी. उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के काम के आधार पर पार्टी निकाय चुनाव में जीत का दावा कर रही है
कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने दावा किया कि भाजपा 309 नगर निकायों में बोर्ड बनाएगी. वहीं मंत्री जोराराम कुमावत ने पाली में भाजपा की जीत बरकरार रहने का दावा किया
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दूसरी तरफ दावा किया कि जनता भाजपा सरकार से नाराज है और कांग्रेस सभी की सहमति से टिकट बांटकर चुनाव जीतेगी. उन्होंने महंगाई, शिक्षा, चिकित्सा, विकास और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा
यानी शनिवार का पूरा दिन टिकट, नामांकन और दावेदारों की नाराजगी के इर्द-गिर्द घूमता रहा. अब 31 अगस्त नामांकन की आखिरी तारीख है. ऐसे में अगले दो दिन दोनों दलों के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं



