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बारिश के मौसम में त्वचा की जलन और फोड़े-फुंसियों से हैं परेशान? जानें एलोवेरा इस्तेमाल का सही तरीका

Last Updated:August 29, 2026, 16:44 IST

Aloe Vera Benefits: बरसात के मौसम में बढ़ती उमस, पसीना और नमी त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं को जन्म देती है. इस दौरान स्किन पर लालिमा, जलन, खुजली और फोड़े-फुंसियों की शिकायत आम हो जाती है. राहत पाने के लिए अक्सर लोग घर में लगे एलोवेरा का इस्तेमाल करने लगते हैं. लेकिन क्या हर तरह की स्किन प्रॉब्लम में एलोवेरा लगाना सुरक्षित है? विशेषज्ञों के अनुसार, एलोवेरा त्वचा को ठंडक और नमी तो देता है, लेकिन सही जानकारी और सावधानी के बिना इसका उपयोग फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है. आइए जानते हैं मानसून में एलोवेरा के सही उपयोग और जरूरी सावधानियों के बारे में.

बारिश के मौसम में लगातार नमी और पसीने के कारण त्वचा पर जलन या लालिमा की समस्या हो सकती है. ऐसे में ताजा एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक देने में सहायक माना जाता है. इसके लिए एलोवेरा की पत्ती से जेल निकालकर प्रभावित हिस्से को साफ पानी से धो लें. इसके बाद जेल की बहुत पतली परत लगाएं और करीब 15 मिनट तक छोड़ दें. फिर साफ पानी से धो लें. एलोवेरा त्वचा को नमी देने में भी मदद कर सकता है. हालांकि खुले घाव, गंभीर संक्रमण या पस वाले फोड़े पर बिना चिकित्सकीय सलाह के कुछ भी लगाना उचित नहीं है.

डॉ. ऐजल पटेल बताते हैं कि त्वचा पर एलोवेरा लगाने से पहले थोड़ी सावधानी जरूरी है. प्राकृतिक होने के बावजूद कुछ लोगों को एलोवेरा से एलर्जी या जलन हो सकती है. इसलिए पहले हाथ या त्वचा के छोटे हिस्से पर थोड़ी मात्रा लगाकर देखें. अगर लालिमा, खुजली, जलन या सूजन दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल न करें. प्रभावित स्थान को साफ रखने के बाद ही एलोवेरा जेल की पतली परत लगाई जा सकती है. करीब 15 मिनट बाद इसे पानी से धो लें.

बारिश में त्वचा पर पसीना और नमी अधिक समय तक रहने से बैक्टीरिया के बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है. इसलिए फोड़े-फुंसियों से बचने के लिए शरीर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए. प्रभावित हिस्से को हल्के साबुन और साफ पानी से साफ करके अच्छी तरह सुखाएं. ज्यादा पसीना आने पर कपड़े बदलते रहें और बहुत तंग कपड़े पहनने से बचें. एलोवेरा जेल केवल त्वचा को ठंडक और नमी देने में मदद कर सकता है, इसे संक्रमण की दवा नहीं माना जाना चाहिए.

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त्वचा पर फोड़ा या फुंसी होने पर उसे बार-बार दबाने या फोड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. ऐसा करने से संक्रमण आसपास की त्वचा में फैल सकता है और घाव भी बढ़ सकता है. प्रभावित स्थान को साफ और सूखा रखना ज्यादा जरूरी है. हल्की जलन या त्वचा की परेशानी में एलोवेरा जेल थोड़ी देर के लिए लगाया जा सकता है, लेकिन इससे संक्रमण खत्म होने की गारंटी नहीं है. खासकर पस भरे बड़े फोड़े, तेज दर्द या बुखार जैसी स्थिति में घरेलू उपाय करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए.

घर में उगने वाले एलोवेरा से जेल निकालकर त्वचा पर लगाने की सलाह अक्सर दी जाती है, लेकिन इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है. पत्ती काटने के बाद निकलने वाले पीले रस को हटाकर केवल साफ जेल का उपयोग करें. जेल को प्रभावित त्वचा पर पतली परत में लगाया जा सकता है और करीब 15 मिनट बाद पानी से धो सकते हैं. यदि लगाने के बाद जलन या खुजली बढ़े तो तुरंत धो दें. एलोवेरा का इस्तेमाल संक्रमित, गहरे या खुले घाव पर बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए.

फोड़े-फुंसियों से बचने में त्वचा की देखभाल के साथ कपड़ों की स्वच्छता भी महत्वपूर्ण है. बारिश के मौसम में कपड़े देर तक गीले या नम रहने पर त्वचा में घर्षण और जलन बढ़ सकती है. इसलिए पसीने या बारिश से भीगे कपड़ों को जल्द बदलना चाहिए. तौलिया, कपड़े और बिस्तर की चादर भी नियमित रूप से साफ रखें और उन्हें अच्छी तरह सुखाकर इस्तेमाल करें. त्वचा को लंबे समय तक नम न रहने दें.

हर फुंसी या त्वचा की लालिमा सामान्य नहीं होती है. यदि फोड़े में पस बनने लगे, तेज दर्द हो, आसपास की त्वचा ज्यादा लाल या गर्म हो जाए, सूजन तेजी से बढ़े या बुखार आने लगे तो संक्रमण की संभावना हो सकती है. ऐसी स्थिति में केवल एलोवेरा या दूसरे घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करना उचित नहीं है. डॉक्टर जांच के बाद समस्या का कारण और जरूरी उपचार बता सकते हैं. हल्की त्वचा जलन में एलोवेरा जेल से अस्थायी ठंडक मिल सकती है, लेकिन गंभीर संक्रमण का इलाज चिकित्सकीय देखरेख में ही कराया जाना चाहिए.

एलोवेरा में त्वचा को नमी देने और ठंडक पहुंचाने वाले गुण पाए जाते हैं, इसलिए बारिश के मौसम में होने वाली हल्की जलन या रूखेपन में इसका इस्तेमाल किया जाता है. प्रभावित हिस्से को साफ करने के बाद थोड़ी मात्रा में एलोवेरा जेल लगाकर करीब 15 मिनट बाद धोया जा सकता है, लेकिन फोड़े-फुंसियों के कई कारण हो सकते हैं और हर समस्या पर एलोवेरा प्रभावी हो, यह जरूरी नहीं है. इसलिए इसे घरेलू देखभाल का एक उपाय ही समझें.

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August 29, 2026, 16:44 IST

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