Bikaner News: थानेदार ने बेटी को सौंप दी कुर्सी, मैडम ने संभाली खाकी की कमान, मोहिता बनी एक दिन की थानेदार

Last Updated:August 29, 2026, 17:19 IST
Bikaner News: रक्षाबंधन पर बीकानेर के नापासर थाने में अनोखा नजारा देखने को मिला. कक्षा 12वीं की छात्रा मोहिता पारीक ने एक दिन के लिए थानाधिकारी की कमान संभाली. थानाधिकारी कविता पुनिया ने अपनी कुर्सी मोहिता को सौंपकर महिला सशक्तिकरण और बेटियों के आत्मविश्वास का संदेश दिया.
बीकानेर. रक्षाबंधन के मौके पर बीकानेर के नापासर थाने में महिला सशक्तिकरण और बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ावा देने वाली अनूठी पहल देखने को मिली. यहां कक्षा 12वीं में पढ़ने वाली छात्रा मोहिता पारीक को एक दिन के लिए नापासर थाने की थानाधिकारी बनाया गया. थानाधिकारी कविता पुनिया ने अपनी कुर्सी मोहिता को सौंपकर न केवल उसे पुलिसिंग की कार्यप्रणाली समझने का अवसर दिया, बल्कि बेटियों को आगे बढ़ने का प्रेरणादायक संदेश भी दिया.
रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मोहिता पारीक ने थानाधिकारी की कुर्सी संभाली. इस दौरान थानाधिकारी कविता पुनिया स्वयं अन्य बहनों के साथ सामने बैठीं. कुर्सी पर बैठने के बाद मोहिता से पुलिस विभाग और कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल पूछे गए, जिनका उन्होंने आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया. बीकानेर जिले के पुलिस अधीक्षक का नाम पूछे जाने पर मोहिता ने मृदुल कच्छवा का नाम बताया. वहीं, नशे के खिलाफ पुलिस की ओर से चलाए जा रहे अभियान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने ऑपरेशन नीलकंठ की जानकारी भी दी. मोहिता ने महिला सुरक्षा से जुड़े हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी साझा करते हुए बेटियों को जागरूक और सतर्क रहने की सलाह दी.
पढ़ाई और मेहनत को बताया सफलता की कुंजी
एक दिन की थानाधिकारी बनने के अनुभव को मोहिता ने बेहद खास बताया, उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी की कुर्सी पर बैठना उनके लिए बिल्कुल अलग और यादगार अनुभव रहा. उन्होंने कहा कि जीवन में इस तरह की जिम्मेदारी हासिल करने के लिए कठिन पढ़ाई, मेहनत और लगन जरूरी है. मोहिता ने बेटियों को अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने और लगातार प्रयास करने का संदेश भी दिया.
पुलिस की कार्यप्रणाली और महिला सुरक्षा की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान थानाधिकारी कविता पुनिया ने मोहिता सहित वहां मौजूद सभी बहनों को पुलिस की कार्यप्रणाली, महिला सुरक्षा और पुलिस से जुड़ी सेवाओं के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बेटियों को किसी भी परेशानी की स्थिति में बिना झिझक पुलिस की मदद लेने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया. रक्षाबंधन के अवसर पर नापासर थाने की यह पहल बेटियों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें पुलिस व्यवस्था के करीब लाने वाली रही. एक दिन की थानाधिकारी बनकर मोहिता ने न सिर्फ जिम्मेदारी का अनुभव लिया, बल्कि इस पहल ने मौजूद अन्य बेटियों के मन में भी बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने का हौसला जगाया.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Bikaner,Rajasthan
First Published :
August 29, 2026, 17:19 IST



