खराब नींद, BP बेहाल…पहाड़ की महिलाओं पर ये कैसी आफत? एम्स ऋषिकेश की चौंकाने वाली स्टडी

ऋषिकेश. उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की खराब नींद और बढ़ते ब्लड प्रेशर का एक चिंताजनक कनेक्शन सामने आया है. एम्स ऋषिकेश की एक स्टडी में पाया गया कि जिन महिलाओं को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, उनमें नींद की गुणवत्ता भी खराब होने के मामले ज्यादा हैं. यह अध्ययन देहरादून के डोईवाला ब्लॉक के 30 गांवों में किया गया, जिसमें कुल 1,946 लोगों को शामिल किया गया था. स्टडी में करीब 38.5 प्रतिशत लोगों में हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर पाया गया. सबसे ज्यादा चिंता की बात महिलाओं को लेकर सामने आई. हाई BP वाली महिलाओं में 55.1 प्रतिशत की नींद खराब पाई गई, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 39.2 प्रतिशत था.
सिर्फ उम्र बढ़ने तक सीमित नहीं
आमतौर पर नींद पूरी न होने को लोग थकान या दिनभर की परेशानी से जोड़कर देखते हैं. लेकिन लगातार खराब नींद शरीर पर इससे कहीं ज्यादा असर डाल सकती है. खासकर महिलाओं में अगर नींद की समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है. एम्स ऋषिकेश की इस स्टडी में उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्र की तस्वीर को समझने की कोशिश की गई है. शोधकर्ताओं ने लोगों की उम्र, वजन, खानपान और दूसरी जीवनशैली से जुड़ी चीजों को भी ध्यान में रखा. इसके बावजूद महिलाओं में खराब नींद और हाइपरटेंशन के बीच संबंध देखने को मिला. यानी मामला सिर्फ उम्र या वजन बढ़ने तक सीमित नहीं है. नींद भी ब्लड प्रेशर के लिए एक अहम फैक्टर हो सकती है.
लोकल 18 से ऋषिकेश आयुष चिकित्सक डॉ. राजकुमार बताते हैं कि जब हम पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो शरीर को आराम मिलने के बजाय वह तनाव की स्थिति में रहने लगता है. इससे हार्मोन और नर्वस सिस्टम पर असर पड़ सकता है और ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है. अगर किसी व्यक्ति को पहले से हाई BP है और उसकी नींद भी लगातार खराब रहती है, तो समस्या और बढ़ सकती है. महिलाओं की जिंदगी में कई ऐसी जिम्मेदारियां होती हैं, जिनका सीधा असर उनकी नींद पर पड़ता है. घर का काम, बच्चों और परिवार की जिम्मेदारी, नौकरी या खेती से जुड़े काम और लगातार बना रहने वाला मानसिक तनाव कई बार महिलाओं के आराम का समय कम कर देता है. कई महिलाएं अपनी नींद को लेकर होने वाली परेशानी को गंभीरता से भी नहीं लेतीं.
इन औरतों को खतरा अधिक
डॉ. राजकुमार कहते हैं कि अगर किसी महिला की नींद लगातार पूरी नहीं हो रही है, रात में बार-बार नींद टूट रही है या सुबह उठने के बाद भी थकान बनी रहती है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. लगातार खराब नींद शरीर के स्ट्रेस सिस्टम को प्रभावित कर सकती है और इससे ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या हो सकती है. खासकर जिन महिलाओं को पहले से हाई BP है, उन्हें अपनी नींद पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
टालना ज्यादा खतरनाक
डॉ. राजकुमार के मुताबिक, सिर्फ दवा लेने से ही ब्लड प्रेशर कंट्रोल नहीं होता. रोजमर्रा की आदतों में सुधार भी उतना ही जरूरी है. समय पर सोना, पर्याप्त नींद लेना, नमक का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना और तनाव को कम करने की कोशिश करना इसमें मदद कर सकता है. ग्रामीण इलाकों में एक और समस्या यह है कि कई बार महिलाएं अपनी सेहत को परिवार की बाकी जिम्मेदारियों के बाद रखती हैं. सिरदर्द, चक्कर, थकान या नींद खराब होने जैसी चीजों को सामान्य कमजोरी समझकर टाल दिया जाता है. इसी वजह से हाई BP जैसी समस्या का समय पर पता नहीं चल पाता.
साइलेंट किलर
हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि कई लोगों में इसके शुरुआती दौर में कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते. इसलिए अगर किसी महिला को लगातार नींद की परेशानी है और साथ ही BP बढ़ा हुआ रहता है, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है. घर पर समय-समय पर BP चेक करना भी मददगार हो सकता है. खासकर अगर परिवार में पहले से हाई BP की हिस्ट्री रही हो, वजन बढ़ा हो या खानपान और जीवनशैली में बदलाव आया हो.



